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पेपर में कम अंक आने पर घर से भागे दो छात्र
पठानकोट
Updated Fri, 20 Dec 2013 10:42 PM IST
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पेपर में अंक कम आने पर अभिभावकों के डर से दो विद्यार्थी घर से भाग गए। घर न पहुंचने पर अभिभावकों ने पुलिस थाना डिवीजन नंबर-1 में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें अभिभावकों को सपुर्द कर दिया।
एसएचओ सुखजिंदर सिंह ने बताया कि 12-12 साल के नीतिश राठौर पुत्र सुरिंदर कुमार और अक्षय अरोड़ा पुत्र प्रेम कुमार दोनों निवासी मोहल्ला सराईं शहर के विवेकानंद हाईस्कूल में छठी कक्षा के छात्र हैं। अक्षय के पंजाबी के पेपर में 100 में से 26 अंक आए थे और नीतिश के सामाजिक शिक्षा में 100 में से 20 अंक थे। कम नंबर आने पर अभिभावकों की मार के डर से दोनों घर छोड़ कर भाग गए।
दोनों छात्र करीब पठानकोट रेलवे स्टेशन से चलने वाली डीएमयू में बैठकर अमृतसर चले गए। वहां पर स्टेशन पर पहुंचने पर टीटी ने इनसे टिकट मांगा तो यह टिकट नहीं दिखा पाए। इसके बाद टीटी ने इन्हें रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। जब रेलवे पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की तो बच्चों ने सारी घटना बताई।
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इसके बाद रेलवे पुलिस ने उनके थाने में सूचना दी। पुलिस ने वीरवार रात साढ़े दस बजे इन दोनों बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया और शुक्रवार सुबह दोनों को अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया। उधर, बच्चों के अभिभावकों ने एसएचओ सुखजिंदर सिंह किया।
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एसएचओ सुखजिंदर सिंह ने बताया कि 12-12 साल के नीतिश राठौर पुत्र सुरिंदर कुमार और अक्षय अरोड़ा पुत्र प्रेम कुमार दोनों निवासी मोहल्ला सराईं शहर के विवेकानंद हाईस्कूल में छठी कक्षा के छात्र हैं। अक्षय के पंजाबी के पेपर में 100 में से 26 अंक आए थे और नीतिश के सामाजिक शिक्षा में 100 में से 20 अंक थे। कम नंबर आने पर अभिभावकों की मार के डर से दोनों घर छोड़ कर भाग गए।
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दोनों छात्र करीब पठानकोट रेलवे स्टेशन से चलने वाली डीएमयू में बैठकर अमृतसर चले गए। वहां पर स्टेशन पर पहुंचने पर टीटी ने इनसे टिकट मांगा तो यह टिकट नहीं दिखा पाए। इसके बाद टीटी ने इन्हें रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। जब रेलवे पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की तो बच्चों ने सारी घटना बताई।
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इसके बाद रेलवे पुलिस ने उनके थाने में सूचना दी। पुलिस ने वीरवार रात साढ़े दस बजे इन दोनों बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया और शुक्रवार सुबह दोनों को अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया। उधर, बच्चों के अभिभावकों ने एसएचओ सुखजिंदर सिंह किया।