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पंजाब में उद्योग शुरू करना अब आसान : मित्तल
पठानकोट ।
Updated Thu, 13 Feb 2014 12:45 AM IST
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सूबे में इंडस्ट्री को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए पूर्व में देश-विदेश के उद्योगपतियों की समिट भी कराई जा चुकी है। अब प्रदेश के उद्योग जगत को इसका लाभ भी मिला है। पंजाब में उद्योग लगाने के लिए उद्योगपतियों को भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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इसके लिए उद्योगपति सरकार के पास अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। सरकार के नुमाइंदे ही आकर उनके दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें इंडस्ट्री लगाने के लिए क्लीयरेंस देंगे। इस प्रकार उद्योगपतियों के लिए पंजाब में उद्योग शुरू करना बेहद आसान है। यह विचार सूबे के उद्योग व तकनीकी शिक्षा मंत्री मदन मोहन मित्तल के हैं। वे बुधवार को चैंबर्स आफ कामर्स व इंडस्ट्री और व्यापार मंडल की ओर से यहां आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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कार्यक्रम में व्यापारियों ने मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मित्तल ने कहा कि उद्योगपतियों को पंजाब में इंडस्ट्री लगाने के मामले ें होने वाली परेशानियों से मुक्ति दलाने का प्रयास सरकार लगातार कर रही है। कार्यक्रम में विधायक अश्वनी शर्मा ने भी उद्योगों के विस्तार पर जोर दिया। चैंबर्स आफ कामर्स व इंडस्ट्री के प्रधान नरेश अग्रवाल ने बताया कि पठानकोट में इंडस्ट्री नाम मात्र है।
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उद्यमिया व व्यापारिया को कई प्रकार की विभागीय अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इससे उनका मनोबल गिरता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों के समान पठानकोट में सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। सरकार ने साढ़े तीन दशक पहले गांव खवाना में इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर बनाया था, जहां पर लंबा समय गुजरने के बावजूद इंडस्ट्री नहीं लग सकी है। उन्होंने इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में औद्योगिक इकाइयाें को स्थापित करने के लिए लैंड लीज की दरों में कटौती करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पठानकोट से 20 किमी की दूरी पर जम्मू-कश्मीर के लखनपुर में आधे रेट पर जमीन उपलब्ध है। व्यापारी नेताओं ने कहा कि हर 20 किमी पर बैरियर लगाए गए हैं। इससे पंजाब में तैयार माल भेजने के लिए कई प्रकार की विभागीय परेशानियां सामने आती हैं।
इसके अतिरिक्त बैंकाें से यूनिट स्थापित करने के लिए ऋण लेने में भी उन्हें परेशानी होती है। जबकि आरबीआई की ओर से उद्यमियाें को बिना किसी गारंटी के एक करोड़ तक ऋण देने के निर्देश हैं। क्रशर मालिकों ने भी अपनी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर अनिल वासुदेवा, जीएस आहलुवालिया, राजेश गुप्ता, एसएस बावा, अनिल महाजन, अजय गोयल, केवल कृष्ण महाजन, इंद्रजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता, नरेश अरोड़ा, नितिन महाजन लाडी मौजूद थे।
शीघ्र लागू होगा सिंगल विंडो सिस्टम :
मंत्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि इस मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बात हो रही है। नई इंडस्ट्री पॉलिसी में पठानकोट को भी शामिल किए जाने संबंधी प्रयास किया जा रहा हैं। माइनिंग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से कोई भी माइनिंग नहीं हागी। इसे रोकने के लिए समय-समय पर चेकिंग की जा रही है। व्यापारियों की मांगों को हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। जल्द ही सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू कर दिया जाएगा।