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क्रशर मालिकों ने सांसद विनोद खन्ना को सौंपा ज्ञापन
पठानकोट।
Updated Fri, 04 Jul 2014 10:35 PM IST
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जिले के क्रशर मालिकों ने सांसद विनोद खन्ना से मुलाकात की। उन्होंने अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि क्रशर मालिकों से हिमाचल की तर्ज पर रॉयल्टी पर्ची का शुल्क का वसूला जाय। उन्होंने ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश के लिए सरकारी स्तर से पहल करने की भी मांग की।
क्रशर मालिकों ने कहा कि जिले में उद्योग के नाम पर केवल क्रशर उद्योग ही बचा है। यहां से खनिज देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है, लेकिन बहुत हैरानी जनक बात है कि पंजाब सरकार की ओर से क्रशर पर ली जा रही रॉयल्टी से क्रशर उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
यदि सरकार रॉयल्टी पर्ची वसूली की व्यवस्था समाप्त कर देती है तो आज 25 सौ रुपये तक मिलने वाली क्रशर की ट्राली लोगों को 8 से 9 सौ रुपये में मिलेगी। क्रशर मालिक तो अपना माल उसी पुराने रेट के हिसाब से भरते हैं, लेकिन जब रॉयल्टी देते हैं, तो उन्हें इससे भारी नुकसान होता है।
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जिले में मीरथल बैल्ट, हरियाल बैल्ट, कीड़ियां बैल्ट, बेड़ियां बैल्ट पर इस समय माइनिंग होती है। क्रशर मालिक इस समय रॉयल्टी को हटाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं, ताकि बंद हो रहे उनके क्रशरों के किसी तरह से बचाया जा सके। विधायक अश्वनी शर्मा व उसके बाद डिप्टी कमिशभनर सुखविंद्र सिंह से मुलाकात के बाद शुक्रवार को समूह सदस्य सांसद विनोद खन्ना से मिले।
उन्हें एक मांग पत्र सौंप कर अपनी समस्या रखी। कहा कि यदि रॉयल्टी पर्ची की शुल्क वसूलनी है तो हिमाचल प्रदेश सरकार की तर्ज पर वसूल की जाए, जोकि 60 से 70 रुपये है। ज्ञापन सौंपने वालों में विजय पासी, लवीर सिंह, कृष्ण गोपाल, पंकज मनकोटिया, राजेंद्र सिंह, अरविंद्र सिंह, जगदीप सिंह, गगन सिंह गुलेरिया शामिल थे।
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क्रशर मालिकों ने कहा कि जिले में उद्योग के नाम पर केवल क्रशर उद्योग ही बचा है। यहां से खनिज देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है, लेकिन बहुत हैरानी जनक बात है कि पंजाब सरकार की ओर से क्रशर पर ली जा रही रॉयल्टी से क्रशर उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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यदि सरकार रॉयल्टी पर्ची वसूली की व्यवस्था समाप्त कर देती है तो आज 25 सौ रुपये तक मिलने वाली क्रशर की ट्राली लोगों को 8 से 9 सौ रुपये में मिलेगी। क्रशर मालिक तो अपना माल उसी पुराने रेट के हिसाब से भरते हैं, लेकिन जब रॉयल्टी देते हैं, तो उन्हें इससे भारी नुकसान होता है।
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जिले में मीरथल बैल्ट, हरियाल बैल्ट, कीड़ियां बैल्ट, बेड़ियां बैल्ट पर इस समय माइनिंग होती है। क्रशर मालिक इस समय रॉयल्टी को हटाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं, ताकि बंद हो रहे उनके क्रशरों के किसी तरह से बचाया जा सके। विधायक अश्वनी शर्मा व उसके बाद डिप्टी कमिशभनर सुखविंद्र सिंह से मुलाकात के बाद शुक्रवार को समूह सदस्य सांसद विनोद खन्ना से मिले।
उन्हें एक मांग पत्र सौंप कर अपनी समस्या रखी। कहा कि यदि रॉयल्टी पर्ची की शुल्क वसूलनी है तो हिमाचल प्रदेश सरकार की तर्ज पर वसूल की जाए, जोकि 60 से 70 रुपये है। ज्ञापन सौंपने वालों में विजय पासी, लवीर सिंह, कृष्ण गोपाल, पंकज मनकोटिया, राजेंद्र सिंह, अरविंद्र सिंह, जगदीप सिंह, गगन सिंह गुलेरिया शामिल थे।