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ममून छावनी में जवान ने की खुदकुशी
पठानकोट।
Updated Wed, 02 Jul 2014 10:29 PM IST
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ममून छावनी में एक बार फिर आत्महत्या की घटना से सनसनी फैल गई। मंगलवार रात छावनी में एक जवान ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला के गांव नदौन निवासी प्रदीप कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं मामले में सेना के अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। प्रदीप कुमार ममून छावनी में सेना की एनसीओ प्लाटून एमएफ लाइन-2 में हवलदार के पद पर तैनात था। उसेे अपने साथी सोमनाथ के साथ मंदिर जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर वह नहीं गया।
इस बीच जब प्रदीप ड्यूटी पर भी नहीं पहुंचा तो उसे देखने यूनिट केे जवान पहुंचे। जवानों ने देखा कि प्रदीप के कमरे में पंखे से उसकी लाश लटक रही है और भीतर से दरवाजा बंद है। जवानों ने बताया कि प्रदीप ने पंखे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कुछ ही देर में सूचना पाकर सेना के अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे। बुधवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को सेना के हवाले कर दिया गया।
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इस बारे में ममून पुलिस थाने के एएसआई धर्मजीत सिंह ने बताया कि जवान द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
नहीं थम रहा खुदकुशी का सिलसिला
पठानकोट । ममून छावनी में सैनिकों द्वारा खुदकुशी करने के अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां पिछले कुछ सालों में ही सेना के एक मेजर समेत दर्जन भर सैनिक खुदकुशी कर चुके हैं। सेना की ओर से ऐसे मामलों में कोर्ट आफ इंक्वायरी भी बैठाई गई, लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया। वहीं खुदकुशी की बढ़ती घटनाओं को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं मामले में सेना के अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। प्रदीप कुमार ममून छावनी में सेना की एनसीओ प्लाटून एमएफ लाइन-2 में हवलदार के पद पर तैनात था। उसेे अपने साथी सोमनाथ के साथ मंदिर जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर वह नहीं गया।
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इस बीच जब प्रदीप ड्यूटी पर भी नहीं पहुंचा तो उसे देखने यूनिट केे जवान पहुंचे। जवानों ने देखा कि प्रदीप के कमरे में पंखे से उसकी लाश लटक रही है और भीतर से दरवाजा बंद है। जवानों ने बताया कि प्रदीप ने पंखे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कुछ ही देर में सूचना पाकर सेना के अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे। बुधवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को सेना के हवाले कर दिया गया।
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इस बारे में ममून पुलिस थाने के एएसआई धर्मजीत सिंह ने बताया कि जवान द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
नहीं थम रहा खुदकुशी का सिलसिला
पठानकोट । ममून छावनी में सैनिकों द्वारा खुदकुशी करने के अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां पिछले कुछ सालों में ही सेना के एक मेजर समेत दर्जन भर सैनिक खुदकुशी कर चुके हैं। सेना की ओर से ऐसे मामलों में कोर्ट आफ इंक्वायरी भी बैठाई गई, लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया। वहीं खुदकुशी की बढ़ती घटनाओं को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं।