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जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही हवस की शिकार मासूम
पठानकोट/ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2013 03:29 PM IST
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सुजानपुर में 25 वर्षीय युवक की हैवानियत का शिकार हुई पांच वर्षीय मासूम बच्ची पठानकोट के सिविल अस्पताल में जीने के लिए संघर्ष कर रही है।
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बच्ची के पिता ने मेन बाजार स्थित पुलिस स्टेशन में बताया कि रात करीब आठ बजे उसकी बेटी प्याज लेने घर से बाहर गई थी। उसके एक घंटा तक वापस घर न आने पर उन्हें चिंता सताने लगी।
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उसे ढूंढना शुरू किया तो घर के पास ही स्थित झाड़ियों में उन्हें रोने की आवाज सुनाई दी। वहां जाकर देखा तो बेटी बेहोश पड़ी थी। उसके अंगों पर गहरे जख्म थे। उसे हवस का शिकार बनाया गया था।
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बच्ची ने बताया कि सुलखन उर्फ मिन्टू नामक युवक उसे उठाकर ले गया था।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक मिन्टू ने काफी ज्यादा नशा कर रखा था और नशे की हालत में ही उसने इस घटना को अंजाम दिया।
डीएसपी देहाती मनोज कुमार ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि हुई है। आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
अगले 48 घंटे अहम, रक्तस्राव नहीं हो रहा बंद
बच्ची के लिए 24 से 48 घंटे बेहद अहम है। उसे गंभीर इंफेक्शन है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर विजय निझावन ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे कैरियर में ऐसी बर्बरता का मामला पहले कभी नहीं देखा।
उन्होंने बताया कि बच्ची के इलाज के लिए गॉयनोकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है। देर रात से ही मासूम का इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा है। इसके चलते स्टीचिंग के बाद प्लास्टिक सर्जरी भी करनी पड़ सकती। यदि 48 घंटे में मासूम की हालत में कोई सुधार नहीं होता तो रेफर भी किया जा सकता है।