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गारद के इंतजार में कोर्ट का आदेश दरकिनार
गुरदारसपुर ।
Updated Wed, 02 Apr 2014 10:36 PM IST
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केंद्रीय जेल में बंद कैदी को पोती के अंतिम संस्कार के लिए कोर्ट के आदेश पर भी छुट्टी नहीं मिली। जेल प्रशासन ने इसकी वजह गारद का न होना बताया है। ऐसे में पूरा दिन बीतने के बावजूद कैदी की पोती का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। उधर, कैदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर कोर्ट के फरमान की अवहेलना का आरोप लगाया है।
बटाला क्षेत्र के गांव कोहाड़ निवासी जम्बवाल मसीह पिछले करीब एक माह से केंद्रीय जेल में बंद है। उसे पुलिस ने भुक्की के साथ गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि बुधवार की सुबह अचानक तबीयत खराब होने के बाद जम्बवाल की छह माह की पोती किरन की मौत हो गई। इस घटना के बाद मसीह के परिजनों ने किरन के अंतिम संस्कार में जम्बवाल को भी शामिल कराने के लिए उसे जेल से छुट्टी दिलाने का प्रयास किया।
जम्बवाल के वकील पुष्कर नंदा के मुताबिक उन्होंने बुधवार को ही कोर्ट से इस संबंध में आदेश प्राप्त किया। साथ ही आदेश की कापी जेल प्रशासन को उपलब्ध कराई, ताकि जम्बवाल को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए जेेल से छुट्टी मिल सके।
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इस बीच परिजन पूरे दिन जम्बवाल के जेल से बाहर आने का इंतजार करते रहे, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से उसे छुट्टी नहीं दी गई। मामले में जेल अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें कोर्ट के आदेश की कापी शाम करीब साढ़े तीन बजेे प्राप्त हुई। ऐसे में समय रहते गारद न होने के कारण ही जम्बवाल को छुट्टी नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि गारद बटाला से ही आने वाली थी।
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बटाला क्षेत्र के गांव कोहाड़ निवासी जम्बवाल मसीह पिछले करीब एक माह से केंद्रीय जेल में बंद है। उसे पुलिस ने भुक्की के साथ गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि बुधवार की सुबह अचानक तबीयत खराब होने के बाद जम्बवाल की छह माह की पोती किरन की मौत हो गई। इस घटना के बाद मसीह के परिजनों ने किरन के अंतिम संस्कार में जम्बवाल को भी शामिल कराने के लिए उसे जेल से छुट्टी दिलाने का प्रयास किया।
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जम्बवाल के वकील पुष्कर नंदा के मुताबिक उन्होंने बुधवार को ही कोर्ट से इस संबंध में आदेश प्राप्त किया। साथ ही आदेश की कापी जेल प्रशासन को उपलब्ध कराई, ताकि जम्बवाल को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए जेेल से छुट्टी मिल सके।
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इस बीच परिजन पूरे दिन जम्बवाल के जेल से बाहर आने का इंतजार करते रहे, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से उसे छुट्टी नहीं दी गई। मामले में जेल अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें कोर्ट के आदेश की कापी शाम करीब साढ़े तीन बजेे प्राप्त हुई। ऐसे में समय रहते गारद न होने के कारण ही जम्बवाल को छुट्टी नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि गारद बटाला से ही आने वाली थी।