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सिविल अस्पताल का क्लेरिकल स्टाफ हड़ताल पर

Wed, 18 Sep 2013 11:09 PM IST
पठानकोट
पठानकोट Updated Wed, 18 Sep 2013 11:09 PM IST
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Civil hospital clerical staff on strike
पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन क्लेरिकल एसोसिएशन के आह्वान पर अपनी लंबित मांगों को लेकर सिविल अस्पताल का क्लेरिकल स्टाफ बुधवार को तीन दिवसीय हड़ताल पर चला गया।
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हड़ताल के पहले दिन अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को छोड़कर दूसरा काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ। अस्पताल में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने आए लोगों को भटकना पड़ा और बैरंग लौटना पड़ा।
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एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को सिविल सर्जन, सिविल अस्पताल पठानकोट, डीएचओ दफ्तर के तमाम क्लेरिकल कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इससे अस्पताल में प्रमाणपत्र जारी करने का काम ठप हो गया और प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों भटकना पड़ा रहे।
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अगले तीन दिन तक अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल और उसके बाद शनिवार तथा रविवार की छुट्टी होने के कारण पांच दिन तक प्रमाणपत्र लेने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।

तारागढ़ से अपने बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र के लिए फार्म जमा कराने आए अजय ने बताया कि वह बुधवार सुबह दस बजे अस्पताल पहुंचे थे।

अस्पताल में कर्मचारी नहीं थे। बाद में पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं जिस कारण उन्हें फार्म जमा किए बगैर ही लौटना पड़ा। वहीं गुगरां से विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें अपने बच्चों के प्रमाणपत्र लेने के लिए बुधवार का समय दिया गया था लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के बारे में उन्हें पता नहीं था।


सीनियर सहायक पद वरिष्ठता से भरे जाएं: सतीश
एसोसिएशन के जिला महासचिव सतीश कुमार ने बताया कि विभाग में 60 सीनियर सहायकों के पदों पर सरकार ने सीधी भर्ती करने का फैसला किया है, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि 60 सीनियर सहायक के पद वरिष्ठता सूची के आधार पर भरे जाने चाहिए और उसमें निचले मुलाजिमों को मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने जिला स्तर पर सिविल सर्जन दफ्तर में ग्रेड-1 पदों की रचना करने, जीपीएफ फंड को ऑनलाइन करने की मांग की। सतीश कुमार ने बताया कि उक्त मांगों को लेकर सरकार से उनकी मीटिंग बेनतीजा रही है लिहाजा उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन तक मुलाजिम हड़ताल पर रहेंगे और दफ्तरों में किसी भी प्रकार का कामकाज नहीं होगा।
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