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पठानकोट: 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़े बैराज बांध विस्थापित, लंबे समय से कर रहे रोजगार की मांग
Tue, 10 May 2022 08:23 AM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 10 May 2022 08:23 AM IST
सार
बुजुर्गों के परिवार बैराज विस्थापित हैं, जिनकी जमीन बांध प्रशासन ने एक वायर की थी और बदले में इन को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन कुछ लोगों को रोजगार मिलने के बाद कई परिवार ऐसे हैं जिनके आज तक रोजगार नहीं मिल पाया।
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टावर पर चढ़े दोनों बुजुर्ग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
लंबे समय से परिवार के लिए रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे बैराज औषधि परिवारों के दो बुजुर्ग पठानकोट में 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए। टावर पर चढ़ने वालों में 85 वर्षीय शर्म सिंह और 79 वर्षीय कुलविंदर सिंह हैं।
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दोनों बुजुर्ग इससे पहले डीसी दफ्तर माधवपुर शाहपुर कंडी में भी कई कई दिन टावरों पर बिता चुके हैं। सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि दो बजे उक्त दोनों बुजुर्ग टावर पर चढ़े। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। टावर के नीचे भारी पुलिस बल मौजूद है लेकिन दोनों नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हैं। थाना डिवीजन नंबर 1 एसएचओ मनजीत कौर भी मौके पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं।
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यह परिवार बैराज विस्थापित है, जिनकी जमीन बांध प्रशासन ने एक वायर की थी और बदले में इन को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन कुछ लोगों को रोजगार मिलने के बाद कई परिवार ऐसे हैं जिनके आज तक रोजगार नहीं मिल पाया। वहीं बैराज बांध विस्थापितों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से जाली लोगों को रोजगार दिया गया और जो लोग इसके पात्र थे उनको रोजगार नहीं दिया गया।
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बैराज बांध विस्थापित यूनियन प्रधान दयाल सिंह का कहना है कि दोनों बुजुर्ग इस मांग पर अड़े हैं कि जब तक उनके परिवारों में से किसी एक व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलता, वह टावर पर डटे रहेंगे। इसके लिए उन्हें जान भी देनी पड़ेगी तो वह पीछे नहीं हटेंगे।