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अब स्कूल से बंक नहीं मार पाएंगे टीचर और छात्र
चंडीगढ़/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2013 12:52 AM IST
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पंजाब के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों और बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने वेबपोर्टल का सहारा लेने का फैसला किया है।
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इसकी सुविधा से शिक्षा विभाग के महानिदेशक के मुख्यालय में बैठे-बैठे राज्य के किसी भी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों और अध्यापकों की हाजिरी की जांच की जा सकेगी।
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शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अंजलि भावड़ा ने जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को आदेश दिया है कि मिडिल, हाई और सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों की हाजिरी को भी ई-पंजाब स्कूल वेब पोर्टल पर डाला जाए।
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जानकारी के अनुसार इसके लिए समय तय किया जा रहा है। यदि कोई अध्यापक या बच्चा स्कूल समय से आधे घंटे से अधिक देरी से आता है तो खुद ही उसकी गैर हाजिरी वेब पोर्टल पर चली जाएगी। ऐसा करके गैर हाजिर रहने के रुझान को रोका जा सकेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि उन्हें राज्य के सरकारी स्कूलों के बारे में यह भी शिकायत मिल रही है कि बच्चे का दाखिला सरकारी स्कूल में है लेकिन वे पढ़ाई कहीं और कर रहे हैं।
ऐसा करके संबंधित बच्चों के परिजन ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलने वाले कुछ आरक्षण और अन्य लाभ भी ले जाते हैं।
कई अध्यापक भी अपने तबादले को रोकने के लिए कई बार कुछ बच्चे फर्जी दाखिल कर लेते हैं।
वेब पोर्टल कितनी कारगर साबित होगी, इसके बारे में अधिकारी ने कहा कि इस प्रणाली को अमल में लाने के बाद ही पता चलेगा। अधिकारी ने कहा कि लेकिन इससे अध्यापकों और बच्चों में उपस्थिति का रुझान बढ़ने के आसार हैं।