बठिंडा के 'भगत सिंह': शहीद-ए-आजम की तरह पगड़ी बांधते हैं निरंजन, एतराज के कारण नौकरी तक छोड़ दी थी
शहीद भगत सिंह की पगड़ी की तरह पगड़ी बांधने वाले निरंजन सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में सरकार बनाने के बाद शहीद भगत सिंह की सोच का न्या पंजाब बनाने के लिए चाहे काम शुरू किया पर आप सरकार को शहीद के सपनों का पंजाब बनाना चाहिए।
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आज भगत सिंह का शहीदी दिवस है। देश के लिए बहुत छोटी सी उम्र में जान देने वाले भगत सिंह युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उनके देश के लिए जान देने का जज्बा आज भी युवाओं को प्रेरित करता है। युवा उनके हर स्टाइल को फॉलो करते हैं। बठिंडा के हाजी रत्न एरिया में रहने वाले निरंजन सिंह बीस वर्ष पहले भगत सिंह की फोटो देखकर इस कदर भावुक हुए कि उन्होंने तभी से भगत सिंह की पगड़ी की तरह ही पगड़ी बांधनी शुरू कर दी। पिछले बीस वर्षो से लगातार भगत सिंह की तरह पगड़ी बांध कर लोगों के बीच जाने वाले निरंजन को अब लोग भगत सिंह ही कहकर बुलाते हैं।
शहीद भगत सिंह की पगड़ी की तरह पगड़ी बांधने वाले निरंजन सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में सरकार बनाने के बाद शहीद भगत सिंह की सोच का न्या पंजाब बनाने के लिए चाहे काम शुरू किया पर आप सरकार को शहीद के सपनों का पंजाब बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार शहीद के सपनों का पंजाब बनाने के लिए तेजी से काम नहीं करती तब तक पहले की तरह ही युवा बेरोजगार रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार दें।
नशा मुक्त पंजाब के लिए सरकार को लेने होंगे सख्त निर्णय
निरंजन ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने देश के लिए आजादी की लड़ाई लड़ी और उनके पंजाब को लेकर बडे़ सपने थे। लेकिन कभी भगत सिंह ने सोचा भी नहीं होगा कि उनके सपनों के पंजाब में नशे का छठा दरिया बहेगा। निरंजन ने कहा कि सरकार को अगर वाकई में पंजाब को नशा मुक्त करना है तो उसके लिए सख्त निर्णय लेने होंगे और युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार देने होंगे।
पगड़ी पर मैनेजर ने एतराज किया तो छोड़ दी थी नौकरी
निरंजन ने बताया कि वह पिछले बीस साल से लगातार शहीद भगत सिंह की पगड़ी की तरह पगड़ी बांध रहा। पगड़ी बांधने को लेकर अपने साथ हुए एक हादसे का जिक्र करते हुए निरंजन ने बताया कि पंद्रह साल पहले जब वह एक निजी कार कंपनी में काम करता था तो कंपनी के मैनेजर ने उसकी पगड़ी पर एतराज जताया और उसे कहा कि वो या तो पगड़ी बदल ले या फिर नौकरी बदल ले। निरंजन ने बताया कि जब उसने शहीद के उसूलों को अपना ही लिया है तो उसने नौकरी छोड़ना ही बेहतर समझा पर पगड़ी बांधना नहीं छोड़ा। उसने कहा कि कुछ साल बाद उसी कंपनी के मैनेजर ने उससे माफी मांगते हुए फिर से नौकरी पर आने को कहा लेकिन उसने उक्त कंपनी में दोबारा नौकरी नहीं की।
पंजाब सरकार के लिए नशा बड़ी चुनौती
निरंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश में नशा खत्म करना है। अगर सरकार सख्त निर्णय लेकर एक्शन करें तो नशा खत्म हो सकता है। निरंजन ने पंजाब में बह रहे नशें के दरिया को समय समय की पहली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर सरकारें ईमानदारी से काम करती तो शायद आज सच में हम सब शहीद भगत सिंह के सपनों वाले पंजाब में रह रहे होते और हमारा पंजाब मौजूदा समय पर सबसे ज्यादा खुशहाल होता।
आप सरकार से पंजाब को बड़ी उम्मीदें
निरंजन ने कहा कि पंजाब में पहली बार बनी आम आदमी पार्टी की सरकार से पंजाब के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह अपने बलबूते पर सख्त निर्णय लेकर पंजाब के भले के लिए सरकार चलाएं।
युवाओं को विदेशों में जाने से रोकने के लिए सरकार करें बडे़ काम
निरंजन सिंह ने कहा कि जब प्रदेश के सभी युवा विदेशों में जा रहे हैं तो पंजाब में भगत सिंह का जन्म दोबारा कैसे होगा। पंजाब के युवाओं को विदेशों में जाने से रोकने के लिए प्रदेश की आप सरकार बडे़ कदम उठाते हुए काम करें।