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Mohali News: नगर निगम बनेगा जीरकपुर, नगर परिषद प्रस्ताव पास कर स्थानीय निकाय विभाग को भेजेगा
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स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विधायक और अन्य से बातचीत करते। संवाद
जीरकपुर। पंजाब सरकार विस्तार और आबादी को ध्यान में रखकर जल्द जीरकपुर को नगर निगम बनाने जा रहा है। शहरी विस्तार के मद्देनजर बेहतर पेयजल आपूर्ति, सीवरेज ट्रीटमेंट और सफाई जैसी सुविधाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए यहां एक सशक्त स्थानीय निकाय की आवश्यकता है।यह घोषणा वीरवार को स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने किया।
दौरे के दौरान उन्होंने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा से अपील की कि नगर परिषद के माध्यम से एक औपचारिक प्रस्ताव स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाए ताकि प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। उन्होंने पुष्टि की कि यह बदलाव जीरकपुर में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और वेलफेयर संगठनों में खुशी की लहर है। विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी पुरानी मांग को सरकार ने स्वीकृति दे दी है। इससे जीरकपुर के विकास हो पंख लग जाएंगे। नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद जीरकपुर शहर में विकास के कामों में तेजी आने की उम्मीद है सरकार की तरफ से नगर निगम को ज्यादा बजट मिलने के कारण शहर निवासियों की मूलभूत सुविधाएं पूरी होने की भी संभावना है।
वर्तमान में यह है समस्याएं
छह लाख की आबादी वाले शहर को नगर परिषद मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रहा है। शहर की सड़कें जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो हो रहा है। एकमात्र सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चल रहा है। लोगों को पीने वाले पानी की सप्लाई सही नहीं मिल रही। शहर निवासी बिजली के कटों से परेशान हैं।
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निगम की उठाई थी मांग
हमने डेढ़ वर्ष पहले नगर परिषद जीरकपुर को नगर निगम का दर्जा देने की मांग सरकार के आगे उठाई थी। नगर निगम में एक आईएएस अधिकारी की पोस्ट होती है जिसका अधिकार क्षेत्र भी कार्यकारी अधिकारी से ज्यादा होता है। -कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली
ज्यादा फंड मिलेगा
नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद जीरकपुर को सरकार की तरफ से ज्यादा फंड मिलेगा। इससे शहर का विकास और बढ़िया होगा। बड़े अधिकारियों के शहर में आने से भ्रष्टाचार पर भी कुछ अंकुश लगेगा। -मणि शर्मा, समाजसेवी, बलटाना
योजनाबद्ध होगा निर्माण
इससे न केवल भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि शहर का सुनियोजित विकास भी होगा। जब नगर निगम बनेगा तो आईएएस स्तर के अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे और अवैध निर्माण या विकास कार्यों में सीधी जवाबदेही तय होगी। टेक्निकल स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, इससे अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और हर कार्य में पारदर्शिता आएगी। वर्तमान में जिस तरह से बिना योजना के निर्माण हो रहे हैं, वह रुक सकेगी। - सुखदेव चौधरी, अध्यक्ष, जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन जीरकपुर
विकास को मिलेगी रफ्तार
आबादी के हिसाब से जीरकपुर में नगर निगम बना समय की जरूरत है क्योंकि शहर में लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं। सभी विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। नगर निगम बनने से शहर के विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। - हरजीत मिंटा, समाज सेवी एवं पार्षद
दो एसटीपी बनेंगे, सुखना चो पर बनेगा पुल
मंत्री डॉ. रवजोत सिंह वीरवार सुबह अधिकारियों को साथ लेकर जीरकपुर पहुंचे थे। पुरानी कालका रोड और ढकोली क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि दो नए एसटीपी, एक 47 एमएलडी का और दूसरा 37 एमएलडी का जल्द स्थापित किए जाएंगे। पहला सनोली में बनेगा और जमीन जल आपूर्ति व सीवरेज बोर्ड को सौंप दी गई है, जबकि दूसरे के लिए जमीन की तलाश जारी है। वहां पर उन्होंने सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस मौके पर उन्होंने शहर में गंदगी की स्थिति पर नाराजगी प्रकट कर सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सुखना चो के बंद होने और उसमें कचरा जमा होने पर उन्होंने ड्रेनेज विभाग की मदद से मानसून से पहले उसकी तुरंत सफाई करवाने को कहा। बलटाना की फर्नीचर मार्केट का भी दौरा किया। उन्होंने वहां से गुजरते सुखना चो पर 5.96 करोड़ रुपये की लागत से एक पुल जल्द बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से बारिश के दौरान लोगों को राहत मिलेगी।
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दौरे के दौरान उन्होंने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा से अपील की कि नगर परिषद के माध्यम से एक औपचारिक प्रस्ताव स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाए ताकि प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। उन्होंने पुष्टि की कि यह बदलाव जीरकपुर में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और वेलफेयर संगठनों में खुशी की लहर है। विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी पुरानी मांग को सरकार ने स्वीकृति दे दी है। इससे जीरकपुर के विकास हो पंख लग जाएंगे। नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद जीरकपुर शहर में विकास के कामों में तेजी आने की उम्मीद है सरकार की तरफ से नगर निगम को ज्यादा बजट मिलने के कारण शहर निवासियों की मूलभूत सुविधाएं पूरी होने की भी संभावना है।
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वर्तमान में यह है समस्याएं
छह लाख की आबादी वाले शहर को नगर परिषद मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रहा है। शहर की सड़कें जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो हो रहा है। एकमात्र सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चल रहा है। लोगों को पीने वाले पानी की सप्लाई सही नहीं मिल रही। शहर निवासी बिजली के कटों से परेशान हैं।
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निगम की उठाई थी मांग
हमने डेढ़ वर्ष पहले नगर परिषद जीरकपुर को नगर निगम का दर्जा देने की मांग सरकार के आगे उठाई थी। नगर निगम में एक आईएएस अधिकारी की पोस्ट होती है जिसका अधिकार क्षेत्र भी कार्यकारी अधिकारी से ज्यादा होता है। -कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली
ज्यादा फंड मिलेगा
नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद जीरकपुर को सरकार की तरफ से ज्यादा फंड मिलेगा। इससे शहर का विकास और बढ़िया होगा। बड़े अधिकारियों के शहर में आने से भ्रष्टाचार पर भी कुछ अंकुश लगेगा। -मणि शर्मा, समाजसेवी, बलटाना
योजनाबद्ध होगा निर्माण
इससे न केवल भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि शहर का सुनियोजित विकास भी होगा। जब नगर निगम बनेगा तो आईएएस स्तर के अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे और अवैध निर्माण या विकास कार्यों में सीधी जवाबदेही तय होगी। टेक्निकल स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, इससे अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और हर कार्य में पारदर्शिता आएगी। वर्तमान में जिस तरह से बिना योजना के निर्माण हो रहे हैं, वह रुक सकेगी। - सुखदेव चौधरी, अध्यक्ष, जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन जीरकपुर
विकास को मिलेगी रफ्तार
आबादी के हिसाब से जीरकपुर में नगर निगम बना समय की जरूरत है क्योंकि शहर में लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं। सभी विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। नगर निगम बनने से शहर के विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। - हरजीत मिंटा, समाज सेवी एवं पार्षद
दो एसटीपी बनेंगे, सुखना चो पर बनेगा पुल
मंत्री डॉ. रवजोत सिंह वीरवार सुबह अधिकारियों को साथ लेकर जीरकपुर पहुंचे थे। पुरानी कालका रोड और ढकोली क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि दो नए एसटीपी, एक 47 एमएलडी का और दूसरा 37 एमएलडी का जल्द स्थापित किए जाएंगे। पहला सनोली में बनेगा और जमीन जल आपूर्ति व सीवरेज बोर्ड को सौंप दी गई है, जबकि दूसरे के लिए जमीन की तलाश जारी है। वहां पर उन्होंने सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस मौके पर उन्होंने शहर में गंदगी की स्थिति पर नाराजगी प्रकट कर सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सुखना चो के बंद होने और उसमें कचरा जमा होने पर उन्होंने ड्रेनेज विभाग की मदद से मानसून से पहले उसकी तुरंत सफाई करवाने को कहा। बलटाना की फर्नीचर मार्केट का भी दौरा किया। उन्होंने वहां से गुजरते सुखना चो पर 5.96 करोड़ रुपये की लागत से एक पुल जल्द बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से बारिश के दौरान लोगों को राहत मिलेगी।