मोहाली। गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना के बाहर कृषि के तीन नए कानूूनों के विरोध में चल रहा संघर्ष तेज होता जा रहा है। इस चल रही भूख हड़ताल को शुक्रवार को 12 दिन हो गए। इस दौरान विभिन्न वार्डों की महिला पार्षदों की अगुवाई में महिलाएं भूूख हड़ताल पर बैठीं। इनमें गुरमीत कौर, हरजिन्द्र कौर बैदवान, राजवीर कौर गिल, अरुणा वशिष्ट, रमनप्रीत कौर कुंभड़ा भी शामिल हैं।
यहां हड़ताल पर बैठी उक्त महिलाओं ने किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस मौके पर महिला पार्षदों ने कहा कि विश्व भर में आज तक जितने भी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संघर्ष हुए हैं, उनमें महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। पिछले सात महीनों से दिल्ली में चल रहे किसान संघर्ष में तो महिलाओं ने बराबर की जंग लड़ी है, जहां 80-80 साल की बुजुर्ग महिलाओं ने बुलंद हौसले से किसान अधिकारों पर डट कर पहरा दिया। अब भी बहुत से टोल प्लाजा पर और अन्य स्थानों पर चल रहे किसान-मजदूर मोर्चों में महिलाएं बढ़ चढ़कर योगदान दे रही हैं। उन्होंने सरकार से कानून वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर महिन्द्र सिंह सोहाना, हरविन्द्र सिंह नंबरदार, अमन पूनिया, बलराज सिंह गिल आदि ने भी केंद्र सरकार की खूब आलोचना की और तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग रखी।
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