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मोहाली में 16.38 लाख रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का होगा कायाकल्प
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मोहाली। इस बार गर्मियों के दिनों में शहर के लोगों को पानी के संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम पूरी रणनीति से जुट गया है। करोड़ों रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों का कायाकल्प किया जाएगा। इतना ही नहीं वाटर ट्रीटमेंट से जुड़ा पूरा काम कंप्यूटरराइज्ड तरीके से होगा।
इसके मद्देनजर मंगलवार को मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी की अगुवाई में अधिकारियों ने फेज-6 स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि शहर में पानी के संकट को दूर करने के लिए 16.38 करोड़ रुपये की लागत से प्रोजेक्ट पर काम काम चल रहा है। यह प्रोजेक्ट अमरूत स्कीम के अंतर्गत मिला है। जिसके टेंडर भी हो चुके हैं और वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत 50 प्रतिशत रकम केंद्र सरकार ने दी है, 30 प्रतिशत रकम राज्य सरकार और 20 प्रतिशत रकम नगर निगम की तरफ से ख़र्च की जा रही है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि इस स्कीम के तहत फेज 6 और सेक्टर 57 में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह बदले जाएंगे। यहां नई मशीनरी लगाई जाएगी जो कि आटोमेटिड होगी। इस प्लांट के द्वारा क्लोरीन भी कम्प्यूटराइज्ड तरीके से ही पानी में मिक्स की जाएगी। उन्होंने कहा कि कजौली से मोहाली को मिलने वाला पानी नयी मशीनरी के द्वारा बढ़िया ढंग के साथ साफ होगा और लोगों को सुथरा पीने वाला पानी उपलब्ध होगा। पहले लगी हुई मशीनरी बहुत पुरानी भी हो चुकी है और यह मैनुअल ढंग के साथ काम करती है इसलिए इस को बदलना समय की माँग थी।
बदली जाएंगी शहर की सभी पुरानी पाइपें
मेयर ने बताया कि कहा कि इस के अलावा मोहाली शहर में पानी को बूस्ट करने के लिए पाँच यूजीएसआर (वाटर बूस्टर प्लांट) लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि इन के द्वारा पानी को स्टोर करके फिर बूस्ट किया जाएगा। जिसके साथ पानी की सप्लाई बिना किसी रुकावट से होगी। मोहाली में नगर निगम की तरफ से सप्लाई किए जा रहे पानी के मामलो में लोगों को पानी की सप्लाई संबंधित कोई समस्या नहीं आयेगी। उन्होंने कहा कि मोहाली शहर में कुछ स्थानों पर पानी की स्पलाई वाली पाईपें भी बहुत पुरानी हो चुकी हैं। जिन्हे भी प्रोजेक्ट के तहत बदला जाएग।
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इस मौके पर एक्सईएन हरप्रीत सिंह, एसडीओ सुनील कुमार और नगर निगम के जन सेहत विभाग के अधिकारी मौजदू रहे और उन्होंने मेयर को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सभी मशीनरी के बारे में विस्तार से बताया।
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इसके मद्देनजर मंगलवार को मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी की अगुवाई में अधिकारियों ने फेज-6 स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि शहर में पानी के संकट को दूर करने के लिए 16.38 करोड़ रुपये की लागत से प्रोजेक्ट पर काम काम चल रहा है। यह प्रोजेक्ट अमरूत स्कीम के अंतर्गत मिला है। जिसके टेंडर भी हो चुके हैं और वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत 50 प्रतिशत रकम केंद्र सरकार ने दी है, 30 प्रतिशत रकम राज्य सरकार और 20 प्रतिशत रकम नगर निगम की तरफ से ख़र्च की जा रही है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि इस स्कीम के तहत फेज 6 और सेक्टर 57 में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह बदले जाएंगे। यहां नई मशीनरी लगाई जाएगी जो कि आटोमेटिड होगी। इस प्लांट के द्वारा क्लोरीन भी कम्प्यूटराइज्ड तरीके से ही पानी में मिक्स की जाएगी। उन्होंने कहा कि कजौली से मोहाली को मिलने वाला पानी नयी मशीनरी के द्वारा बढ़िया ढंग के साथ साफ होगा और लोगों को सुथरा पीने वाला पानी उपलब्ध होगा। पहले लगी हुई मशीनरी बहुत पुरानी भी हो चुकी है और यह मैनुअल ढंग के साथ काम करती है इसलिए इस को बदलना समय की माँग थी।
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बदली जाएंगी शहर की सभी पुरानी पाइपें
मेयर ने बताया कि कहा कि इस के अलावा मोहाली शहर में पानी को बूस्ट करने के लिए पाँच यूजीएसआर (वाटर बूस्टर प्लांट) लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि इन के द्वारा पानी को स्टोर करके फिर बूस्ट किया जाएगा। जिसके साथ पानी की सप्लाई बिना किसी रुकावट से होगी। मोहाली में नगर निगम की तरफ से सप्लाई किए जा रहे पानी के मामलो में लोगों को पानी की सप्लाई संबंधित कोई समस्या नहीं आयेगी। उन्होंने कहा कि मोहाली शहर में कुछ स्थानों पर पानी की स्पलाई वाली पाईपें भी बहुत पुरानी हो चुकी हैं। जिन्हे भी प्रोजेक्ट के तहत बदला जाएग।
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इस मौके पर एक्सईएन हरप्रीत सिंह, एसडीओ सुनील कुमार और नगर निगम के जन सेहत विभाग के अधिकारी मौजदू रहे और उन्होंने मेयर को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सभी मशीनरी के बारे में विस्तार से बताया।