{"_id":"618599fef7fe0563192753e2","slug":"waited-10-years-in-zirakpur-still-did-not-get-motor-market-mohali-news-pkl4321023104","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीरकपुर में 10 साल किया इंतजार फिर भी नहीं मिली मोटर मार्केट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीरकपुर में 10 साल किया इंतजार फिर भी नहीं मिली मोटर मार्केट
विज्ञापन
जीरकपुर। शहर निवासी लंबे समय से अलग से मोटर मार्केट की मांग कर रहे हैं। यह मांग हरेक विश्वकर्मा दिवस के नजदीक जोर पकड़ने लगती है, लेकिन मांग बीच में ही लटक रही है। हालांकि इस बारे में पहले समय में ऐलान भी हुआ था व इसका अस्थायी तौर पर नक्शा भी बना लिया गया था, लेकिन इसको अब तक लागू नहीं किया गया। इस कारण शहर के मकैनिकों व स्थानीय लोगों में रोष है।
इसी को लेकर मोटर ट्रेडर्स ने शुक्रवार को एमसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों से बैठक की। इसमें ट्रेडर्स ने कहा कि हमारे साथ पिछले समय में छलावा ही होता रहा है। कई बार कहा गया कि सब कुछ तैयार है, अब आप लोगों को जमीन सौंपने करने की आखिरी कार्रवाई जल्दी हो जाएगी। इसी तरह 10 साल से ज्यादा समय निकल गए। मोटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान सतीश धीमान, तेजिंदर सिंह राजा और अन्य ट्रेडर्स ने कहा कि जीरकपुर में मोटर मार्केट बनेगी भी या नहीं।
सड़कों पर रिपेयर करनी पड़ रही गाड़ियां
एमसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछली एमसी टर्म्स में मोटर मार्केट बनाने की योजना पर कोई काम नहीं किया गया। आप लोगों की मांग पर मैंने लोकल बॉडीज विभाग के संबंधित अधिकारियों से भी बात की। नगर परिषद के रिकॉर्ड में मोटर मार्केट बनाने के संबंध में दस्तावेज तलाशे, लेकिन कुछ नहीं मिला। हां, एक हाउस बैठक में मोटर मार्केट बनाने को लेकर एजेंडा जरूर रखा गया, लेकिन अब इस पर काम होगा। एक-दो महीने में मोटर मार्केट को लेकर एमसी हाउस में बैठक होने के साथ ही लोकल बॉडीज विभाग से पूरी मंजूरी के साथ काम किया जाएगा। मोटर मार्केट जीरकपुर में मोटर मैकेनिक्स और ट्रेडर्स जगह-जगह सड़कों पर दुकानें लगा कर बैठे हैं। कई जगह मैकेनिक सर्विस लेन पर गाड़ियां खड़ी करके रिपेयर करते हैं। इसका कारण यह है कि जीरकपुर में कहीं भी अलग से मोटर मार्केट नहीं है। इसलिए मैकेनिक्स और ट्रेडर्स को सड़कों पर गाड़ियां रिपेयर करने और स्पेयर पार्ट्स बेचने का काम करना पड़ रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण मैकेनिक्स को काम करने में असुविधा होती है। इसके अलावा सड़क पर ट्रैफिक भी प्रभावित होता है।
विज्ञापन
एक दशक से लटक रहा काम
जानकारी के अनुसार, अलग से मोटर मार्केट के लिए टैंपरेरी नक्शा बनाया गया था, लेकिन अभी तक न तो जगह का चुनाव किया गया है और न ही नक्शे को हाउस में भेजा गया है। मार्केट बनाने का काम एक दशक से भी ज्यादा समय से लटक रहा है। इस समय जीरकपुर में 500 से ज्यादा ट्रेडर्स और मैकेनिक हैं, जो मोटर मार्केट बनने का इंतजार कर रह रहे हैं। पिछली दो बार की एमसी टर्म्स में मोटर मार्केट बनाने के लिए बाकायदा हाउस में एजेंडा पास किया गया। मोटर ट्रेडर्स से कहा गया कि दयालपुरा गांव के पास सरकारी जमीन पर मोटर मार्केट बनेगी। इसके लिए लोकल बॉडीज विभाग से पूरा ले-आउट प्लान पास करने का भी दावा किया गया।
कोट्स...
मोटर मैकेनिक्स और ट्रेडर्स के लिए शहर में अलग से मोटर मार्केट बनाने का काम जल्दी पूरा किया जाएगा। पिछले समय में काम नहीं किया गया। अब इस पर जल्दी ही काम होगा।
-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, एमसी जीरकपुर
विज्ञापन
इसी को लेकर मोटर ट्रेडर्स ने शुक्रवार को एमसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों से बैठक की। इसमें ट्रेडर्स ने कहा कि हमारे साथ पिछले समय में छलावा ही होता रहा है। कई बार कहा गया कि सब कुछ तैयार है, अब आप लोगों को जमीन सौंपने करने की आखिरी कार्रवाई जल्दी हो जाएगी। इसी तरह 10 साल से ज्यादा समय निकल गए। मोटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान सतीश धीमान, तेजिंदर सिंह राजा और अन्य ट्रेडर्स ने कहा कि जीरकपुर में मोटर मार्केट बनेगी भी या नहीं।
विज्ञापन
सड़कों पर रिपेयर करनी पड़ रही गाड़ियां
एमसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछली एमसी टर्म्स में मोटर मार्केट बनाने की योजना पर कोई काम नहीं किया गया। आप लोगों की मांग पर मैंने लोकल बॉडीज विभाग के संबंधित अधिकारियों से भी बात की। नगर परिषद के रिकॉर्ड में मोटर मार्केट बनाने के संबंध में दस्तावेज तलाशे, लेकिन कुछ नहीं मिला। हां, एक हाउस बैठक में मोटर मार्केट बनाने को लेकर एजेंडा जरूर रखा गया, लेकिन अब इस पर काम होगा। एक-दो महीने में मोटर मार्केट को लेकर एमसी हाउस में बैठक होने के साथ ही लोकल बॉडीज विभाग से पूरी मंजूरी के साथ काम किया जाएगा। मोटर मार्केट जीरकपुर में मोटर मैकेनिक्स और ट्रेडर्स जगह-जगह सड़कों पर दुकानें लगा कर बैठे हैं। कई जगह मैकेनिक सर्विस लेन पर गाड़ियां खड़ी करके रिपेयर करते हैं। इसका कारण यह है कि जीरकपुर में कहीं भी अलग से मोटर मार्केट नहीं है। इसलिए मैकेनिक्स और ट्रेडर्स को सड़कों पर गाड़ियां रिपेयर करने और स्पेयर पार्ट्स बेचने का काम करना पड़ रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण मैकेनिक्स को काम करने में असुविधा होती है। इसके अलावा सड़क पर ट्रैफिक भी प्रभावित होता है।
विज्ञापन
एक दशक से लटक रहा काम
जानकारी के अनुसार, अलग से मोटर मार्केट के लिए टैंपरेरी नक्शा बनाया गया था, लेकिन अभी तक न तो जगह का चुनाव किया गया है और न ही नक्शे को हाउस में भेजा गया है। मार्केट बनाने का काम एक दशक से भी ज्यादा समय से लटक रहा है। इस समय जीरकपुर में 500 से ज्यादा ट्रेडर्स और मैकेनिक हैं, जो मोटर मार्केट बनने का इंतजार कर रह रहे हैं। पिछली दो बार की एमसी टर्म्स में मोटर मार्केट बनाने के लिए बाकायदा हाउस में एजेंडा पास किया गया। मोटर ट्रेडर्स से कहा गया कि दयालपुरा गांव के पास सरकारी जमीन पर मोटर मार्केट बनेगी। इसके लिए लोकल बॉडीज विभाग से पूरा ले-आउट प्लान पास करने का भी दावा किया गया।
कोट्स...
मोटर मैकेनिक्स और ट्रेडर्स के लिए शहर में अलग से मोटर मार्केट बनाने का काम जल्दी पूरा किया जाएगा। पिछले समय में काम नहीं किया गया। अब इस पर जल्दी ही काम होगा।
-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, एमसी जीरकपुर