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Mohali News: नेक्टर लाइफ साइंसेज लिमिटेड फैक्टरी के विरोध में उतरे ग्रामीण

Sat, 06 Jan 2024 07:47 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Updated Sat, 06 Jan 2024 07:47 PM IST
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Villagers came out in protest against Nectar Life Sciences Limited factory
कहा- चिमनी से निकलने वाली राख ने जीना किया दूभर, फैक्टरी के गेट पर दिया धरना
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संवाद न्यूज एजेंसीडेराबस्सी। बरवाला रोड पर स्थित केमिकल फैक्टरी नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड की ओर से छोड़े जाने वाले धुएं से पैदा होने वाली काली राख से आसपास के गांवों के लोग बेहद परेशान हैं। फैक्टरी की चिमनी से उड़ने वाली काली राखी से परेशान गांव हरिपुर हिंदुआं के लोगों ने फैक्टरी के गेट पर धरना देकर रोष जताया और फैक्टरी मैनेजमेंट व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की।

गांववासी और ब्लॉक समिति सदस्य कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके गांव के नजदीक लगी केमिकल फैक्टरी नेक्टर लाइफ साइंस की चिमनी से निकलने वाली काली राख घरों और खेतों में गिर रही है। इस कारण लोगों का गांव में रहना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन कर रहे गांव निवासियों गुरबाज सिंह व अन्य ने बताया कि फैक्टरी के बॉयलर में पराली और चावल की भूसी का इस्तेमाल किया जाता है। इस कारण फैक्टरी की चिमनी में धुएं के रूप में निकलने वाली काली राख हवा में उड़कर उनके घरों के आंगन, घरों की छतों, खड़े वाहनों व फसलों पर गिर रही हैं। इससे भी बड़ी समस्या है की उड़ती हुई यह काली व खतरनाक राख पैदल चलने वाले व दोपहिया वाहन चालकों की आंखों में जाने से कई हादसे हो जाते है।
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गांववासी ज्ञान चंद सरपंच, नरेश कुमार पंच, तरसेम लाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उन्होंने दो बॉयलरों मे से एक बॉयलर को मरम्मत के लिए बंद करवा दिया है, क्योंकि इसमें से काली राख गिर रही थी। उनके आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया है।
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आंख में जाने पर डॉक्टर भी नहीं निकाल पाते हैं काली राखलोगों ने बताया कि काली राख इतनी खतरनाक है कि एक बार आंख में चली जाए तो डॉक्टर को भी निकालने में मुश्किल होती है। कई लोग आंखों में काली राख गिरने से आंखों का ऑपरेशन तक करवा चुके हैं और कई आंखों की लंबी बीमारी से जूझ रहे हैं। यहां तक कि घरों की छतों पर धोकर सुखाए कपड़े भी सूखने के बाद काले हो जाते हैं।



कोट्समौसम में नमी होने के कारण राख की दिक्कत ज्यादा आ रही है। कभी-कभी हवा का रुख बदलने के कारण भी राख गांव की तरफ चली जाती है। इसे रोकने के लिए कंपनी ने पानी के फव्वारे भी लगाए हैं। जल्द एकॉबायलर मरम्मत के लिए बंद करने वाले हैं, जिससे राख गिरने की दिक्कत काफी कम हो जाएगी। -परमजीत सिंह, जीएम, पावर प्लांट, नेक्टर लाइफ साइंस फैक्टरी



कोट्स

शिकायत मिलने के बाद जायजा करने के लिए एसडीओ अर्शदीप सिंह को भेजा था, जिन्होंने फैक्टरी का एक बॉयलर बंद करवा दिया है। इसके अलावा समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक्ट के तहत उनके विभाग की ओर से फैक्टरियों में जांच की जाती है। इस बार लोगों को जो समस्या आई है, उसकी रिपोर्ट बनाकर हेड आफिस पटियाला जमा करवा दी जाएगी व प्रदूषण अधिनियम के प्रावधानों के तहत फैक्टरी के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी। -डी गर्ग, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
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