{"_id":"6869876f6efdb17fc30911e4","slug":"veterinary-officers-gave-ultimatum-to-the-government-regarding-restoration-of-pay-parity-mohali-news-c-71-1-mli1012-130852-2025-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: पे-पैरिटी बहाली को लेकर वेटरनरी अफसरों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: पे-पैरिटी बहाली को लेकर वेटरनरी अफसरों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
विज्ञापन
मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से वादों के बावजूद मांगें पूरी न होने से नाराज वेटरनरी अफसरों ने एक बार फिर संघर्ष का ऐलान कर दिया है। पशुपालन विभाग के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने 13 जुलाई तक पे-पैरिटी बहाल नहीं की, तो वे राज्यभर में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। दरअसल, डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें मेडिकल अफसरों के बराबर वेतन मिले, जैसा कि पहले मिलता था। पिछली सरकार के दौरान छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की आड़ में उनकी एंट्री स्केल घटा दिया गया। मेडिकल अफसरों के साथ 40 साल से चली आ रही वेतन समानता खत्म कर दी गई।
अब ज्वाइंट एक्शन फॉर पे-पैरिटी के बैनर तले राज्य स्तरीय समिति ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की है। इसमें तय किया गया कि केंद्र सरकार की सुरभि सरणखला योजना का बहिष्कार किया जाएगा और अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो सभी वेटरनरी डॉक्टर आंदोलन शुरू करेंगे। संघर्ष समिति के कन्वीनर डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार पे-पैरिटी बहाल करने में आनाकानी कर रही है। पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर और मौजूदा मंत्री गुरमीत सिंह खुढ़ियां तक बार-बार मांगपत्र पहुंचाए, कैबिनेट सब-कमेटी के साथ भी दो बार बैठकें हुईं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब आंदोलन की आवाज दबाने के लिए कर्मचारियों को चार्जशीट और सस्पेंशन जैसी धमकियों का सहारा ले रही है, जबकि विभागीय अफसर आंकड़ों से फाइलें भरवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। समिति के को-कन्वीनर डॉ. पुनीत मल्होत्रा, डॉ. अब्दुल मजीद और प्रवक्ता डॉ. गुरिंदर सिंह वालिया ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने 13 जुलाई तक पे-पैरिटी बहाल नहीं की, तो यह संघर्ष सड़कों तक पहुंचेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब ज्वाइंट एक्शन फॉर पे-पैरिटी के बैनर तले राज्य स्तरीय समिति ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की है। इसमें तय किया गया कि केंद्र सरकार की सुरभि सरणखला योजना का बहिष्कार किया जाएगा और अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो सभी वेटरनरी डॉक्टर आंदोलन शुरू करेंगे। संघर्ष समिति के कन्वीनर डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार पे-पैरिटी बहाल करने में आनाकानी कर रही है। पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर और मौजूदा मंत्री गुरमीत सिंह खुढ़ियां तक बार-बार मांगपत्र पहुंचाए, कैबिनेट सब-कमेटी के साथ भी दो बार बैठकें हुईं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब आंदोलन की आवाज दबाने के लिए कर्मचारियों को चार्जशीट और सस्पेंशन जैसी धमकियों का सहारा ले रही है, जबकि विभागीय अफसर आंकड़ों से फाइलें भरवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। समिति के को-कन्वीनर डॉ. पुनीत मल्होत्रा, डॉ. अब्दुल मजीद और प्रवक्ता डॉ. गुरिंदर सिंह वालिया ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने 13 जुलाई तक पे-पैरिटी बहाल नहीं की, तो यह संघर्ष सड़कों तक पहुंचेगा।
विज्ञापन