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मोहाली: जब तक नहीं होगी बंदी सिखों की रिहाई, जारी रहेगा धरना

Wed, 15 Feb 2023 02:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Feb 2023 02:01 AM IST
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Until the release of the captive Sikhs, the strike will continue
जब तक नहीं होगी बंदी सिखों की रिहाई, जारी रहेगा धरना नौवें दिन चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर रोका गया 31 सदस्यों का जत्था
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माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारी चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर बंदी सिखों की रिहाई के लिए छह फरवरी से लगातार पहुंच रहे हैं। हर रोज की तरह मंगलवार को भी प्रदर्शनकारियों ने यहां पर बैठकर जाप किया।
यहां पर अरदास करने के बाद करीब साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने के लिए राजस्थान से आए किसान नेता रणजीत सिंह और दर्शन सिंह के नेतृत्व में एक 31 सदस्यीय जत्था निकला। इस दौरान जत्थे के साथ भारी संख्या में पुलिस भी साथ चल रही थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर एसपी (ग्रामीण) नवरीत सिंह विर्क के नेतृत्व में रोक दिया। इसके बाद करीब सवा एक बजे प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर बैठकर सतनाम वाहेगुरु का जाप करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने सड़क पर बैठकर ही सुखमणि साहिब का पाठ किया। दो घंटे तक सभी प्रदर्शनकारी यहीं पर बैठे रहे। मुख्यमंत्री आवास (चंडीगढ़) की ओर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाईपीएस चौक की ओर लौट आए।
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जालंधर से लाए गए छह घोड़े
कौमी इंसाफ मोर्चे में जालंधर के पीएपी (पंजाब आर्म्ड पुलिस) ग्राउंड से एक विशेष वाहन में छह घोड़ों को लाया गया है। इस वाहन में छह घोड़ों और उनके सवारों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसमें न सिर्फ घोड़ों के खाने-पीने के पुख्ता इंतजाम हैं बल्कि इनके सवार के लिए आरामदायक ढंग से सोने की व्यवस्था भी है। घोड़ों के खड़े होने की व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि अगर वाहन तेज स्पीड से भी चलता है या कोई ऊबड़-खाबड़ रास्ता भी आता है तो भी इससे घोड़ों को कोई परेशानी नहीं आती।
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परिस्थितियां जो भी हों... मेहनत का कमाकर खाना चाहिए
कौमी इंसाफ मोर्चा में पहुंचे 80 वर्षीय दिव्यांग ने कहा कि वह धरना प्रदर्शन का हिस्सा बनने नहीं आए। वह अपनी व्हीलचेयर पर रोजाना की जरूरत का सामान बेचते हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले जयवीर सिंह ने बताया कि वह 17 साल की उम्र में ही घर छोड़कर पंजाब आ गए थे। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रहने के बाद पिछले सात-आठ साल से चंडीगढ़ में रह रहे हैं। वाईपीएस चौक पर लगे धरने पर छह-सात दिनों से आ रहे हैं। यहां पर लोग उनसे चीजें खरीदते हैं जिससे रोजाना 400-500 रुपये कमा लेते हैं। उनका कहना है कि भीख मांगने से बेहतर है कि अपनी मेहनत से कमाना... चाहे थोड़ा ही कमाओ।
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