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मोहाली : कोरोना का यूके स्ट्रेन बेहद घातक, संक्रमित के संपर्क में आए 100 लोगों में से 70 आ रहे पॉजिटिव
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मोहाली। इसी साल के फरवरी में सामने आया कोरोना का यूके स्ट्रेन अब काफी खतरनाक साबित हो रहा है। पहले जहां एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने पर उसके संपर्क में आए 100 में से 30 लोग संक्रमित होते थे। वहीं, आजकल नए यूके स्ट्रेन वायरस से पीड़ित एक व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण 100 संक्रमितों में से 70 लोग संक्रमित हो रहे हैं।
वहीं, पिछले साल जब कोरोना ने दस्तक दी थी तो उस समय केवल बुजुर्ग लोग या जो पहले से ही कई बीमारियों से पीड़ित हैं वह लोग ही कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे थे। जबकि इस बार युवा लोग भी काफी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों की मानें तो कोरोना से बचने का सही तरीका यहीं है कि सभी लोग कोरोना दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करें तभी हम खुद को कोरोना से बचा सकते हैं, और जब हर व्यक्ति खुद का बचाव करेगा तो तभी दूसरों का भी बचाव हो पाएगा। इसके साथ ही जिस आयु वर्ग के लिए कोरोना टीकाकरण की मुहिम चल रही है। उस आयु वर्ग के लोग टीका जरूर लगवाएं।
जिला स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय जिले में 6000 से अधिक कोरोना संक्रमित सक्रिय हैं। इनमें से अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन पर चल रहे हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों की मानें तो अधिकतर मरीजों को अस्पताल की जरूरत नहीं होती है। यह नॉर्मल फ्लू की तरह ही होता है। लेकिन गंभीर मरीजों को अस्पताल में रखना पड़ता है। हालांकि जिला विभाग की ओर से लोगों को मिशन फतेह किट मुहैया करवाई जाती है। इसमें प्लस मीटर, दवाइयां और अन्य सामान होता है। रोजाना लोगों को अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करना होता है। अगर यह लेवल 95 फीसदी से नीचे गिरता तो इस स्थिति में सेहत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करना होता है। इसके अलावा सेहत विभाग की तरफ से अन्य पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि जिले में अब तक 37562 लोग संक्रमित हुए हैं और इनमें से 30496 लोग तंदुरुस्त हो चुके हैं। जबकि अभी मरीज 6555 सक्रिय हैं।
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बिस्तरों की कमी नहीं, ढकोली में 20 का इंतजाम
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि मोहाली जिले के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं है। सिविल अस्पताल मोहाली में कोविड के मरीजों के लिए 60 बिस्तरों का इंतजाम है। अभी तक 46 बिस्तर पर मरीज हैं, जबकि बाकी बिस्तर खाली पड़े हुए हैं। इसी तरह ढकोली में 20 बिस्तरों का इंतजाम है। वहीं, जिले के नामी निजी अस्पतालों में 50 फीसदी बिस्तर आरक्षित कर दिए गए हैं।
कोविड से निपटने को मिले सात डॉक्टर और 12 स्टाफ नर्स
कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग में मुलाजिमों की कमी नहीं है। सेहत विभाग की ओर से स्पेशल मेडिकल स्टाफ लगाया गया। रूरल मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट सेहत विभाग को सौंपे गए हैं। जिन्हें कोविड के इलाज के लिए तैनात किया हुआ है। इसके अलावा बाहरी जिलों से स्वास्थ्य विभाग को सात डॉक्टर और 12 स्टाफ नर्स मिली हैं। इनमें से 6 स्टाफ नर्स जिला सिविल अस्पताल में ज्वाइन कर चुकी हैं और जल्द ही अन्य स्टाफ भी ज्वाइन लेगा।
अस्पताल में नहीं ऑक्सीजन की कमी
भले ही ही पूरे देेश में कोविड के मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी आ रही है। लेकिन मोहाली जिले में इसके बेहतरीन इंतजाम हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। इसके अलावा वह जिला प्रशासन के संपर्क में भी हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की मेडिकल सहायता के लिए लोग मेडिकल हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क कर सकते हैं।
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वहीं, पिछले साल जब कोरोना ने दस्तक दी थी तो उस समय केवल बुजुर्ग लोग या जो पहले से ही कई बीमारियों से पीड़ित हैं वह लोग ही कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे थे। जबकि इस बार युवा लोग भी काफी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों की मानें तो कोरोना से बचने का सही तरीका यहीं है कि सभी लोग कोरोना दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करें तभी हम खुद को कोरोना से बचा सकते हैं, और जब हर व्यक्ति खुद का बचाव करेगा तो तभी दूसरों का भी बचाव हो पाएगा। इसके साथ ही जिस आयु वर्ग के लिए कोरोना टीकाकरण की मुहिम चल रही है। उस आयु वर्ग के लोग टीका जरूर लगवाएं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय जिले में 6000 से अधिक कोरोना संक्रमित सक्रिय हैं। इनमें से अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन पर चल रहे हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों की मानें तो अधिकतर मरीजों को अस्पताल की जरूरत नहीं होती है। यह नॉर्मल फ्लू की तरह ही होता है। लेकिन गंभीर मरीजों को अस्पताल में रखना पड़ता है। हालांकि जिला विभाग की ओर से लोगों को मिशन फतेह किट मुहैया करवाई जाती है। इसमें प्लस मीटर, दवाइयां और अन्य सामान होता है। रोजाना लोगों को अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करना होता है। अगर यह लेवल 95 फीसदी से नीचे गिरता तो इस स्थिति में सेहत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करना होता है। इसके अलावा सेहत विभाग की तरफ से अन्य पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि जिले में अब तक 37562 लोग संक्रमित हुए हैं और इनमें से 30496 लोग तंदुरुस्त हो चुके हैं। जबकि अभी मरीज 6555 सक्रिय हैं।
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बिस्तरों की कमी नहीं, ढकोली में 20 का इंतजाम
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि मोहाली जिले के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं है। सिविल अस्पताल मोहाली में कोविड के मरीजों के लिए 60 बिस्तरों का इंतजाम है। अभी तक 46 बिस्तर पर मरीज हैं, जबकि बाकी बिस्तर खाली पड़े हुए हैं। इसी तरह ढकोली में 20 बिस्तरों का इंतजाम है। वहीं, जिले के नामी निजी अस्पतालों में 50 फीसदी बिस्तर आरक्षित कर दिए गए हैं।
कोविड से निपटने को मिले सात डॉक्टर और 12 स्टाफ नर्स
कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग में मुलाजिमों की कमी नहीं है। सेहत विभाग की ओर से स्पेशल मेडिकल स्टाफ लगाया गया। रूरल मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट सेहत विभाग को सौंपे गए हैं। जिन्हें कोविड के इलाज के लिए तैनात किया हुआ है। इसके अलावा बाहरी जिलों से स्वास्थ्य विभाग को सात डॉक्टर और 12 स्टाफ नर्स मिली हैं। इनमें से 6 स्टाफ नर्स जिला सिविल अस्पताल में ज्वाइन कर चुकी हैं और जल्द ही अन्य स्टाफ भी ज्वाइन लेगा।
अस्पताल में नहीं ऑक्सीजन की कमी
भले ही ही पूरे देेश में कोविड के मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी आ रही है। लेकिन मोहाली जिले में इसके बेहतरीन इंतजाम हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। इसके अलावा वह जिला प्रशासन के संपर्क में भी हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की मेडिकल सहायता के लिए लोग मेडिकल हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क कर सकते हैं।