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सीवरेज की सफाई करते हुई थी दो लोगों की मौत, डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
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मोहाली। पिछले दिनों फेज-8 स्थित एक निजी कंपनी के बाहर सीवरेज लाइन की सफाई करते समय दो लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में अब उच्च स्तरीय जांच होगी। इस मामले में राज्य सफाई कर्मचारी कमीशन के चेयरमैन गेजा राम ने इस मामले में अब तक की गई पड़ताल पर सवाल उठाया है। यहां तक कि मामले में लगाई गई धाराओं को सही नहीं माना है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को हिदायत दी है कि इस मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से करवाई जाए, जिससे पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि सफाई मुलाजिमों पर काम करते समय सभी सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाएं, ताकि इस प्रकार की स्थिति न बने।
इस मामले को लेकर नगर निगम दफ्तर में बुधवार को पंजाब सफाई कमीशन के चेयरमैन की अगुवाई में निगम भवन में बैठक हुई। इसमें अतिरिक्त कमिश्नर विकास हिमांशु अग्रवाल, निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग और डीएसपी-2 दीप कमल मौजूद रहे। इस बैठक में चेयरमैन ने साफ किया कि यह गंभीर मामला है। इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पहले मामले की जांच कर रही टीमों पर भी सवाल उठाया। उनकी दलील थी कि पहली जांच टीमों ने कई अहम पहलुओं पर गौर नहीं किया। इस वजह से पूरा सच सामने नहीं आया है। चेयरमैन ने कहा कि इस संबंध में 19 जुलाई को एक एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें धारा 304ए लगाई गई है, जबकि धारा 304 बनती है। इसमें एसएसी एसटी एक्ट और मेनुअल स्कैवेजिंग एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा जाना चाहिए। इस बैठक में सभी जांच अधिकारी शामिल हुए। चेयरमैन गेजा राम ने इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करने वाली टीम से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि जांच टीमों को इन चीजों को हादसा नहीं मानना चाहिए। जबकि इस संबंधी उच्च स्तरीय पड़ताल करवाकर इस संबंधी असल वजह सामने लानी चाहिए। चेयरमैन ने सिफारिश की है कि सफाई कर्मचारी सीवरमैनों से संबंधित सुरक्षा एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए।
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इस मामले को लेकर नगर निगम दफ्तर में बुधवार को पंजाब सफाई कमीशन के चेयरमैन की अगुवाई में निगम भवन में बैठक हुई। इसमें अतिरिक्त कमिश्नर विकास हिमांशु अग्रवाल, निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग और डीएसपी-2 दीप कमल मौजूद रहे। इस बैठक में चेयरमैन ने साफ किया कि यह गंभीर मामला है। इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पहले मामले की जांच कर रही टीमों पर भी सवाल उठाया। उनकी दलील थी कि पहली जांच टीमों ने कई अहम पहलुओं पर गौर नहीं किया। इस वजह से पूरा सच सामने नहीं आया है। चेयरमैन ने कहा कि इस संबंध में 19 जुलाई को एक एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें धारा 304ए लगाई गई है, जबकि धारा 304 बनती है। इसमें एसएसी एसटी एक्ट और मेनुअल स्कैवेजिंग एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा जाना चाहिए। इस बैठक में सभी जांच अधिकारी शामिल हुए। चेयरमैन गेजा राम ने इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करने वाली टीम से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि जांच टीमों को इन चीजों को हादसा नहीं मानना चाहिए। जबकि इस संबंधी उच्च स्तरीय पड़ताल करवाकर इस संबंधी असल वजह सामने लानी चाहिए। चेयरमैन ने सिफारिश की है कि सफाई कर्मचारी सीवरमैनों से संबंधित सुरक्षा एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए।
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