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मोहाली में यातायात जाम कर शिक्षकों ने अपने हक के लिए किया आरपार की जंग का एलान, लगी वाहनों की लंबी कतारें

Sat, 19 Jun 2021 02:57 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 02:57 AM IST
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Traffic jam in Mohali, teachers declared war for their rights, long queues of vehicles started
मोहाली में शिक्षा भवन के बाहर पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने से अस्थायी शिक्षकों को र? - फोटो : MOHALI
मोहाली। सांझा अध्यापक मोर्चा (पंजाब) की ओर से शुक्रवार को अपनी मांगों और शिक्षा के के साथ जुड़े बुनियादी मामलों को लेकर राज्य स्तरीय धरना दिया गया। इस शिक्षा सचिव के दफ्तर के बाहर दिए गए धरने के बाद अध्यापक पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर फेज-7 की लाइट प्वाइंट तक जाने में कामयाब हो गए। यहां पर उन्होंने करीब डेढ़ घंटा सड़क बंद कर जाम लगाया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अध्यापकों ने साफ कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की तो 4 जुलाई को कैबिनेट मंत्रियों के घरों के आगे धरने दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने एक अगस्त को संगरूर में राज्य स्तरीय धरने का भी एलान किया।
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सांझे अध्यापक मोर्चे के प्रदेश कनवीनर विक्रमदेव सिंह, सुखविंदर सिंह चाहल, बलकार सिंह, हरजीत सिंह बसोता, बलजीत सिंह सालाना ने कहा कि पंजाब सरकार और शिक्षा मंत्री की शह पर शिक्षा सचिव की ओर से, बच्चों को बुलाकर स्कूल खोलने की जगह जाली आंकड़ों से आधारित निजीकरण पक्षीय ऑनलाइन शिक्षा को असली स्कूली शिक्षा के रूप में बदल कर पेश किया जा रहा है। जिससे विद्यार्थियों को सीखने की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। 800 से और ज्यादा प्राथमिक स्कूल बंद करके 1904 मुख्य अध्यापकों और हजारों काडरों के पद खत्म कर दिए गए हैं। वही, खाली पद भरने के बजाय एक-एक स्कूल प्रमुख, अध्यापक, नान -टीचिंग पर कई-कई स्कूलों का भार डाल दिया गया है।
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वोकेशन केडर को गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी ऑनलाइन ड्यूटियों और अन्य कामों में बुरी तरह से उलझाकर मानसिक दबाव डाला जा रहा है। दो साल पहले चार कैबिनेट मंत्रियों की सब कमेटी के फैसले के तहत अध्यापकों की विकटेमाईजेशनों का रद्द नहीं किया गया, रेगुलर की ऑप्शन ले चुके अध्यापकों के ऑर्डर जारी नहीं हुए, जबकि मनमर्जी से नोटिस और मुअत्तल किए जा रहे हैं। 228 पीटीआई को खत्म करके मिडिल स्कूलों में सीएंडवी के पदों को खत्म किया है। 180 ईटीटी टैट पास अध्यापकों की सेवाएं कन्फर्म करने के बजाय असल भर्ती से तोड़कर जबरदस्ती कम वेतन स्केल दिए गए हैं। पंजाब सरकार की ओर से सोसायटी और आउटसोर्सिंग के तहत काम करते कच्चे अध्यापकों और नान टीचिंग के वेतन में बढ़ोतरी करके स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू न करना, पुरानी पेंशन बहाल न करना, स्थायी कंप्यूटर शिक्षकों को विभाग में तब्दील न करने और छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट मुलाजिम हितों के अनुसार तैयार कर जारी न करने के खिलाफ भी अध्यापकों में भारी रोष है।
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