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Mohali News: फर्जी दस्तावेजों से कुख्यात अपराधियों को विदेश भगाने वाले तीन एजेंट गिरफ्तार

Tue, 21 May 2024 04:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 04:26 AM IST
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Three agents arrested for driving notorious criminals abroad with fake documents
मोहाली। आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया समेत कई गैंगस्टरों व अपराधियों को फर्जी पहचानपत्र, पासपोर्ट व वीजा के जरिए विदेश भगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर स्टेट आपरेशन सेल (एसओसी) ने तीन इमिग्रेशन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अर्बन एस्टेट, फेज-1, जांलधर निवासी जगजीत सिंह उर्फ जीता उर्फ सोनू व मोहम्मद शाजेब आबिद उर्फ शाजेब उर्फ साजिद और मोहम्मद कैफ निवासी डी-89, डीडीए फ्लैट (नजदीक रणजीत सिंह फ्लाईओवर) दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ धारा 467, 468, 471, 120 बी आईपीसी और 12 पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। डीएसपी गुरचरण सिंह की अगुवाई में एसओसी की टीम ने तीनों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि हत्या, फिरौती व अन्य अपराधों में जेल में बंद गैंगस्टरों और अपराधियों से सपंर्क कर यह गिरोह उन्हें विदेश भगाने की योजना बनाता था। जैसे ही गैंगस्टर या अपराधी जमानत या फिर पैरोल पर जेल से बाहर आता। गिरोह के सदस्य उससे संपर्क कर उसका जाली पहचानपत्र, पासपोर्ट व वीजा तैयार कर उसे बांग्लादेश और फिर वहां से पोलैंड और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में भेज देते थे।
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एसओसी की जांच में ये बात भी सामने आई कि पकड़े गए आरोपी पोलैंड और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में मानव तस्करी के लिए बांग्लादेश के माध्यम से एक गुप्त मार्ग का उपयोग कर रहे थे। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि ये आरोपी अपराधियों को विदेश भेजने के लिए किस-किस की मदद लेते थे। प्राथमिक जांच में ऐसे करीब 20 अपराधियों का पता चला है जिन्हें आरोपियों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर विदेश भेजा है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों ने कुल कितने लोगों को बाहर भेजा है। देश छोड़कर भागने वाले लोग कौन-कौन और कहां के रहने वाले हैं।
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स्थानीय एजेंट भी करते थे मदद
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी अपराधियों को विदेश भेजने के लिए स्थानीय एजेंटों की मदद लेते थे। इनकी सहायता से वो अपराधियों को पहले सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के जंगली रास्तों से भारत-बांग्लादेश सीमा पार करवाते थे। बांग्लादेश में प्रवेश करने के बाद अपराधी बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रुकते हैं। यहां उन्हें कुछ हफ्तों बाद हांगकांग और फिर वहां से पोलैंड या पुर्तगाल आदि देशों में भेज दिया जाता था।
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गोपी ने ली थी रत्नदीप सिंह की हत्या की जिम्मेदारी
जांच में यह खुलासा भी हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों ने आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया को जाली दस्तवेज बनाकर विदेश भेजा था। गोपी ने ही 04 अप्रैल 2024 को बलाचौर में गांव गढ़ी के पास हुई बब्बर खालसा टाइगर फोर्स के सदस्य रत्नदीप सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। रत्नदीप पांच वर्ष पहले ही नाभा जेल से छूट कर आया था और करनाल में रह रहा था। गोपी नवांशहरिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर रत्नदीप के लिए लिखा था कि ‘तुमने कई माओं के बेटे मरवाए और कई के साथ ठगी की है इसलिए तुम्हें नरक में भेज दिया। अब तुम्हारे साथियों की बारी है। उन्हें कहो कि बच कर रहें। जब भी मिलेंगे नरक में भेज दिया जाएगा।’ गैंगस्टर गोपी जाली दस्तावेजों के जरिए वर्ष 2022 में पोलैंड भाग गया था। इसके अलावा संगरूर का कुख्यात अपराधी सुखजीत सिंह उर्फ सुक्खा कलौदी अमेरिका और लुधियाना का अपराधी गुरप्रीत सिंह उर्फ लेहंबर सिधवां कनाडा भाग चुके हैं। इनके नाम पर यहां दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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