{"_id":"608330008ebc3ec19702832b","slug":"those-who-kidnap-grain-market-broker-will-remain-behind-bars-for-lifetime-mohali-news-pkl4113152174","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनूड़ : आढ़ती को अगवा कर मांगी थी पांच करोड़ रुपये की फिरौती, अब सलाखों में गुजरेगी पूरी जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनूड़ : आढ़ती को अगवा कर मांगी थी पांच करोड़ रुपये की फिरौती, अब सलाखों में गुजरेगी पूरी जिंदगी
विज्ञापन
बनूड़। जिला अदालत ने चार साल पुराने बनूड़ के आढ़ती आशू जैन को अगवा करने के मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। यह पंजाब का ऐसा पहला केस था, जिसमें आरोपियों ने फिरौती की रकम बिटक्वाइन के जरिये से मांगी थी।
दोषियों में दीपक शर्मा अमृतसर, मनदीप सिंह, सुखदेव सिंह उर्फ लड्डू, बलराज सिंह और अमृतपाल सिंह गांव सिंधवा जिला तरनारन निवासी शामिल हैं।
पांचों दोषियों को धारा-364ए में उम्र कैद, धारा-365 में पांच साल की कैद, धारा-384 में तीन साल कैद, धारा-482 में दोषी करार देते हुए एक साल की कैद, धारा-120बी में साल की कैद और आर्म्स एक्ट में एक साल की कैद व दस-दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में नामजद मलकीत सिंह को अदालत ने 12 फरवरी 2018 को केस से डिस्चार्ज कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक 30 मई, 2017 को आढ़ती आशू जैन का बनूड़ मंडी से अपहरण किया गया था। इसके बाद उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। यहां तक कि उसका फोन भी बंद आ रहा था। इसके बाद दोषियों ने आढ़ती को छोड़ने की बदले पांच करोड़ रुपये की मांग की। लेकिन शर्त रखी कि यह रकम बिटक्वाइन के माध्यम से दी जाए। दोषियों की कोशिश यही थी कि वह उनकी पकड़ में न आएं।
विज्ञापन
इसके बाद आशु के परिवार ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। पुलिस के लिए भी अपनी तरह का नया मामला था कि पुलिस के सामने इस तरह का केस नहीं आया था। पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों की मदद ली। फिर आरोपियों को एक बिटक्वाइन में पेमेंट की गई। इसी बीच 18 दिन के बाद आशू जैन आरोपियों की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा था। पुलिस ने आढ़ती को तलाश कर उसे जंडियाला गुरु के इलाके से बरामद कर लिया था। आशू जैन ने कहा कि अदालत ने उनके साथ इंसाफ किया है। उन्होंने बनूड़ पुलिस और वकील बिक्रमजीत पासी का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
दोषियों में दीपक शर्मा अमृतसर, मनदीप सिंह, सुखदेव सिंह उर्फ लड्डू, बलराज सिंह और अमृतपाल सिंह गांव सिंधवा जिला तरनारन निवासी शामिल हैं।
पांचों दोषियों को धारा-364ए में उम्र कैद, धारा-365 में पांच साल की कैद, धारा-384 में तीन साल कैद, धारा-482 में दोषी करार देते हुए एक साल की कैद, धारा-120बी में साल की कैद और आर्म्स एक्ट में एक साल की कैद व दस-दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में नामजद मलकीत सिंह को अदालत ने 12 फरवरी 2018 को केस से डिस्चार्ज कर दिया था।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक 30 मई, 2017 को आढ़ती आशू जैन का बनूड़ मंडी से अपहरण किया गया था। इसके बाद उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। यहां तक कि उसका फोन भी बंद आ रहा था। इसके बाद दोषियों ने आढ़ती को छोड़ने की बदले पांच करोड़ रुपये की मांग की। लेकिन शर्त रखी कि यह रकम बिटक्वाइन के माध्यम से दी जाए। दोषियों की कोशिश यही थी कि वह उनकी पकड़ में न आएं।
विज्ञापन
इसके बाद आशु के परिवार ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। पुलिस के लिए भी अपनी तरह का नया मामला था कि पुलिस के सामने इस तरह का केस नहीं आया था। पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों की मदद ली। फिर आरोपियों को एक बिटक्वाइन में पेमेंट की गई। इसी बीच 18 दिन के बाद आशू जैन आरोपियों की गिरफ्त से भागने में कामयाब रहा था। पुलिस ने आढ़ती को तलाश कर उसे जंडियाला गुरु के इलाके से बरामद कर लिया था। आशू जैन ने कहा कि अदालत ने उनके साथ इंसाफ किया है। उन्होंने बनूड़ पुलिस और वकील बिक्रमजीत पासी का धन्यवाद किया।