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पूरा परिवार एक दिन भूखे रहकर पीने वाला पानी मंगवाने को मजबूर
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नयागांव। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के साथ सटे नयागांव में सर्दियों में भी पानी का संकट गहराया हुआ है। यहां के परिवारों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। लेकिन इस चक्कर में कई परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। प्रत्येक परिवार को हफ्ते में एक से दो टैंकर पानी के मंगवाने पड़ते हैं। वहीं, कई जरूरतमंद परिवार ऐसे भी हैं जिनकी कमाई ही मुश्किल से 300 रुपये से 400 रुपये है। जबकि इतने का ही पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है। ऐसे में जिस दिन वह पानी का टैंकर मंगवाते हैं, उस दिन पैसे बचाने के लिए पूरा परिवार भूखे ही रात को सोता है। आहत परिवारों ने एसडीएम और डीसी से गुहार लगाई है कि उस इलाके में पीने वाला पानी मुहैया करवाया जाए।
जानकारी के मुताबिक नयागांव में विकास कार्य नगर काउंसिल के अधीन होते हैं। जबकि पानी की सप्लाई वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के अधीन है। नयागांव में उच्च अधिकारी और नेता से लेकर हर वर्ग के लोग रहते हैं। काफी लोग मेहनत मजदूरी, रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। ज्यादातर मकान में किराए पर रहते हैं। परिवार साथ में होने के कारण पानी की खपत भी होती है। लेकिन वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग की ओर से इलाके में पानी सप्लाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में तो हफ्ते-हफ्ते भर तक पानी नहीं आता है। नयागांव के आदर्श नगर, जनता कॉलोनी, दशमेश नगर, गोविंद नगर, शिवालिक विहार, विकास नगर, कुमाऊ कॉलोनी, सिंघा देवी और अन्य कई इलाकों में भी पानी की समस्या इसी प्रकार है। जहां लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। गरीब लोगों को पानी की सप्लाई न मिल पाने के कारण मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि हम लोग रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं। अगर एक टैंकर पानी के लिए 350-400 रुपये अदा करेंगे तो उस दिन घर में खाना नहीं बनेगा। उस दिन घर के सभी सदस्यों को भूखा सोना पड़ता है। लेकिन मजबूरी ऐसी है कि भूखा भी रहना पड़ता है। क्योंकि सिर्फ खाना खाकर भी जिंदा नहीं रहा जा सकता। खाने के साथ-साथ पानी भी जरूरी है।
टैक्सी चलाकर पालते हैं परिवार
टैक्सी चलाकर मुश्किल से परिवार का पालन करते हैं। पूरे परिवार में मैं अकेला ही कमाने वाला हूं। कोरोना के कारण टैक्सी का काम बहुत मंदा चल रहा है। महंगाई के कारण रोटी खाना भी मुश्किल हो रहा है। ऊपर से पीने के पानी का टैंकर मंगवाने का अलग से खर्चा बहुत बड़ी मुश्किल है। -हीरा कुमार, निवासी सिंघा देवी।
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नुकसान में घर बेचने को मजबूर
मैं किसी के घर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। बड़ी मुश्किल से सिंघा देवी में छोटा सा मकान खरीदा था। पानी की समस्या के कारण में वह मकान बेचना चाहता हूं। लेकिन कम दाम पर भी कोई खरीदने को तैयार नहीं हो रहा है। क्योंकि हमारे इलाके में पीने के पानी की गंभीर समस्या है, यहां रहना बेकार है। - श्याम कुमार, निवासी सिंघा देवी।
हफ्ते में आता है सिर्फ दो दिन पानी
हमारे इलाके में हफ्ते में सिर्फ दो दिन ही पानी आता है। उसमें से भी अगर बिजली की कोई समस्या हो तो पानी आता ही नहीं है। इस कारण हमारा पूरा मोहल्ला परेशान है। -रामकली, निवासी जनता कॉलोनी, वार्ड-18।
पानी के लिए एक दिन बनाते खाना
हमारे इलाके में पानी की बहुत बड़ी समस्या है। इस कारण हमें पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं। हालात यह है कि जिस दिन पानी का टैंकर मंगाना हो उस दिन पैसे बचाने को घर में खाना नहीं बनाते और भूखे रहते हैं। मेहनत मजदूरी करने के कारण इतने पैसे नहीं होते कि खाना भी खा लें और पानी भी मंगा लें। -रोहित कुमार, निवासी जनता कॉलोनी।
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जानकारी के मुताबिक नयागांव में विकास कार्य नगर काउंसिल के अधीन होते हैं। जबकि पानी की सप्लाई वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के अधीन है। नयागांव में उच्च अधिकारी और नेता से लेकर हर वर्ग के लोग रहते हैं। काफी लोग मेहनत मजदूरी, रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। ज्यादातर मकान में किराए पर रहते हैं। परिवार साथ में होने के कारण पानी की खपत भी होती है। लेकिन वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन विभाग की ओर से इलाके में पानी सप्लाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में तो हफ्ते-हफ्ते भर तक पानी नहीं आता है। नयागांव के आदर्श नगर, जनता कॉलोनी, दशमेश नगर, गोविंद नगर, शिवालिक विहार, विकास नगर, कुमाऊ कॉलोनी, सिंघा देवी और अन्य कई इलाकों में भी पानी की समस्या इसी प्रकार है। जहां लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। गरीब लोगों को पानी की सप्लाई न मिल पाने के कारण मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि हम लोग रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं। अगर एक टैंकर पानी के लिए 350-400 रुपये अदा करेंगे तो उस दिन घर में खाना नहीं बनेगा। उस दिन घर के सभी सदस्यों को भूखा सोना पड़ता है। लेकिन मजबूरी ऐसी है कि भूखा भी रहना पड़ता है। क्योंकि सिर्फ खाना खाकर भी जिंदा नहीं रहा जा सकता। खाने के साथ-साथ पानी भी जरूरी है।
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टैक्सी चलाकर पालते हैं परिवार
टैक्सी चलाकर मुश्किल से परिवार का पालन करते हैं। पूरे परिवार में मैं अकेला ही कमाने वाला हूं। कोरोना के कारण टैक्सी का काम बहुत मंदा चल रहा है। महंगाई के कारण रोटी खाना भी मुश्किल हो रहा है। ऊपर से पीने के पानी का टैंकर मंगवाने का अलग से खर्चा बहुत बड़ी मुश्किल है। -हीरा कुमार, निवासी सिंघा देवी।
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नुकसान में घर बेचने को मजबूर
मैं किसी के घर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। बड़ी मुश्किल से सिंघा देवी में छोटा सा मकान खरीदा था। पानी की समस्या के कारण में वह मकान बेचना चाहता हूं। लेकिन कम दाम पर भी कोई खरीदने को तैयार नहीं हो रहा है। क्योंकि हमारे इलाके में पीने के पानी की गंभीर समस्या है, यहां रहना बेकार है। - श्याम कुमार, निवासी सिंघा देवी।
हफ्ते में आता है सिर्फ दो दिन पानी
हमारे इलाके में हफ्ते में सिर्फ दो दिन ही पानी आता है। उसमें से भी अगर बिजली की कोई समस्या हो तो पानी आता ही नहीं है। इस कारण हमारा पूरा मोहल्ला परेशान है। -रामकली, निवासी जनता कॉलोनी, वार्ड-18।
पानी के लिए एक दिन बनाते खाना
हमारे इलाके में पानी की बहुत बड़ी समस्या है। इस कारण हमें पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं। हालात यह है कि जिस दिन पानी का टैंकर मंगाना हो उस दिन पैसे बचाने को घर में खाना नहीं बनाते और भूखे रहते हैं। मेहनत मजदूरी करने के कारण इतने पैसे नहीं होते कि खाना भी खा लें और पानी भी मंगा लें। -रोहित कुमार, निवासी जनता कॉलोनी।