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नगर निगम चुनाव की राह हुई साफ, वार्डबंदी संबंधी याचिका खारिज

Thu, 17 Dec 2020 02:26 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 02:26 AM IST
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The way for the municipal corporation election is clear, the petition regarding ward ban dismissed
मोहाली। नगर निगम की नई वार्डबंदी को लेकर पूर्व अकाली पार्षदों की ओर से दायर की गई याचिका के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बुधवार को उनको झटका लगा है। अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। वहीं, अदालत की ओर से दिए गए इस फैसले के बाद ही अब नगर निगम चुनाव की राह साफ हो गई। हालांकि मामले को हाईकोर्ट ले जाने वाले पूर्व पार्षदों का कहना है कि वह अब इस मामले में ऊपरी अदालत की शरण लेंगे।
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जानकारी के मुताबिक इस संबंधी पूर्व पार्षद आरपी शर्मा की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में आरोप लगाया गया था कि वार्ड को जानबूझकर अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए रिजर्व रखा गया है, ताकि उनके परिवारों का कोई सदस्य चुनाव न लड़ पाए। उन्होंने इस संबंधी दस्तावेज अदालत में पेश किए थे। इसी तरह अकाली पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने भी आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में गलत तरीके से काट छांट की गई है। वहीं, उक्त सेक्टर-70 के साथ गांव का एरिया शामिल कर दिया गया है। ऐसे में एक ही वार्ड के लोगों को अपने पार्षद से मिलने के लिए शहर की सबसे व्यस्त सड़क एयरपोर्ट रोड को पार करना पड़ेगा। बाद में इस संबंधी फेज-6 के एक निवासी बच्चन सिंह और पूर्व पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी की ओर से अदालत में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर लंबी बहस हुई थी। इसके बावजूद अदालत में सुनवाई के दौरान वार्डबंदी बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी और अरमजीत सिंह जीती सिद्घू ने अदालत की शरण ली थी। इसके बाद में इस मामले को पठानकोट नगर निगम की वार्डबंदी के केस के साथ अटैच कर दिया गया था। पिछली 4 दिसंबर को इस मामले में बहस के बाद फैसला रिजर्व रख लिया गया था, इसके बाद फैसला सुनाया गया और याचिका को खारिज कर दिया गया।
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क्या कहते हैं याचिकाकर्ता
फैसले की कॉपी का कर रहे इंतजार
इस संबंधी वार्ड नंबर-34 की गलत वार्डबंदी के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले पूर्व पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने कहा कि उन्हें फैसले की कॉपी का इंतजार है। फैसला पढ़ने के बाद ही वह इस बारे में कोई फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और साथ ही पूरी तरह से डट कर चुनाव लड़ेंगे। वहीं, इस मामले में पूर्व अकाली पार्षद आरपी शर्मा ने कहा कि उन्होंने सरकार के खिलाफ की गई धक्केशाही के खिलाफ अदालत की शरण ली थी। लेकिन वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और वह इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।
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नहीं मिल पाया पूरा इंसाफ
इस मामले में याचिका दाखिल करने वाले बच्चन सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से सभी सबूत दिए जाने के बाद भी उन्हें अदालत से इंसाफ नहीं मिल पाया है। उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया है और उन्होंने कहा कि वह फैसले की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में वार्डबंदी बोर्ड के सदस्य कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि अदालत की ओर से मामले में पूरा इंसाफ किया गया है। इससे यह साबित हो गया है कि वार्डबंदी का पूरा अमल पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के पार्षदों को चाहिए कि वह चुनाव को लटकाने के लिए की जा रही कार्रवाई से बजाए मैदान में आकर मुकाबला करें।
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