{"_id":"6638f7b6bb03d3709a032b9b","slug":"the-victims-family-upset-with-the-police-administration-came-from-all-over-punjab-to-surround-the-cms-residence-mohali-news-c-71-1-mli1004-114428-2024-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: पंजाब भर से सीएम आवास घेरने पहुंचे पुलिस प्रशासन से परेशान पीड़ित परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: पंजाब भर से सीएम आवास घेरने पहुंचे पुलिस प्रशासन से परेशान पीड़ित परिवार
Fri, 05 Jul 2024 03:00 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Fri, 05 Jul 2024 03:00 AM IST
विज्ञापन
वाईपीएस चौक पर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पुलिस ने रोका, सड़क पर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के अलग-अलग जिलों से पुलिस और सरकार से नाराज परिवारों ने सोमवार को मोहाली के वाईपीएस चौक पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में एससीबीसी महापंचायत पंजाब के सदस्य भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर पंजाब के मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ की ओर कूच किया, लेकिन वाईपीएस चौक पर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरना पर बैठ गए और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर काले रंग की पट्टियां बांधी हुई थीं। जब उन्हें चंडीगढ़ में घुसने नहीं दिया तो वह पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बाद में डीएसपी मनमीत सिंह ने उन्हें शांत करवाया और प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम से उन्हें मांग पत्र सौंपा। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह जल्द ही डीजीपी पंजाब से उनकी मुलाकात करवाएंगे, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना बंद किया और लौट गए।
पंजाब के अलग-अलग जिलों से परिवार सोमवार को फेज-7 की लाइट प्वाइंट पर इकट्ठे हुए। उनके साथ एससीबीसी महापंचायत के सदस्य भी मौजूद थे। सभी ने सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में पंजाब सीएम आवास की ओर कूच किया, जिन्हें बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया। पीडि़त 75 वर्षीय एनआरआई जोगिंदर कौर संधू ने आरोप लगाया कि वह 21 साल से सरकार व पुलिस के उच्चाधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर लगाकर थक चुके हैं। उनका आरोप है कि कोठियों व प्लॉटों पर गुंडा तत्वों ने अवैध कब्जे किए हैं। आरोप है कि गहने, नकदी व सात मोबाइल तक छीन लिए हैं। वह 21 साल से समय-समय की सरकार, पंजाब के डीजीपी व एडीजीपी को कई बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कई लोगों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
इसी तरह सुनीता शर्मा ने अपने पति बलदेव कृष्ण निवासी कुंभड़ा को अगवा करने का मामला फेज-8 में दर्ज करवाया था। 11 साल बाद भी मोहाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा तीन आरोपियों को निर्दोष साबित करने में उनकी मदद कर रही है। वहीं बलविंदर सिंह कुंभड़ा ने आरोप लगाया कि एससीबीसी महापंचायत पंजाब की ओर से मांगों को लेकर धरना लगाया गया था। इस रंजिश के तहत मोहाली फेज-8 थाना पुलिस ने बलविंदर कुंभड़ा व उसकी पत्नी गुरनाम कौर पर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस इस एफआईआर को कैंसल नहीं कर रही है और लगातार बहाने बना रही है। दो माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर गुलराज खन्ना व उनकी पत्नी जसवीर कौर ने आरोप लगाया कि वह दोनों बीजेपी के पदाधिकारी हैं। पिछले दिन हलका पायल में हुई पार्टी की मीटिंग में स्टेज पर लोगों के सामने गुलराज खन्ना को बुरी तरह से पीटा गया और जाति सूचक शब्द बोले गए। पुलिस ने इस मामले में एक तरफा कार्रवाई कर असल दोषियों को बचा लिया। दंपती ने अब बीजेपी से भी इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह जिला मुक्तसर निवासी ने बताया कि उनकी बेटी जो शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं को चार व्यक्ति अगवा करके ले गए थे और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जिसकी एफआईआर 30 अक्टूबर 2023 को दर्ज हुई। इस मामले में मुक्तसर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हारकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। बलविंदर कुंभड़ा ने आरोप लगाया कि एक एफआईआर 77/2024 थाना फेज-8 में एएसआई रकेश कुमार के खिलाफ पंजाब व एससी कमीशन भारत सरकार न्यू दिल्ली की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन मोहाली पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पीडि़त लोगों ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री व डीजीपी पंजाब के पास आम लोगों की सुनवाई के लिए समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष को तेज करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के अलग-अलग जिलों से पुलिस और सरकार से नाराज परिवारों ने सोमवार को मोहाली के वाईपीएस चौक पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में एससीबीसी महापंचायत पंजाब के सदस्य भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर पंजाब के मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ की ओर कूच किया, लेकिन वाईपीएस चौक पर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरना पर बैठ गए और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर काले रंग की पट्टियां बांधी हुई थीं। जब उन्हें चंडीगढ़ में घुसने नहीं दिया तो वह पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बाद में डीएसपी मनमीत सिंह ने उन्हें शांत करवाया और प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम से उन्हें मांग पत्र सौंपा। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह जल्द ही डीजीपी पंजाब से उनकी मुलाकात करवाएंगे, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना बंद किया और लौट गए।
पंजाब के अलग-अलग जिलों से परिवार सोमवार को फेज-7 की लाइट प्वाइंट पर इकट्ठे हुए। उनके साथ एससीबीसी महापंचायत के सदस्य भी मौजूद थे। सभी ने सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में पंजाब सीएम आवास की ओर कूच किया, जिन्हें बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया। पीडि़त 75 वर्षीय एनआरआई जोगिंदर कौर संधू ने आरोप लगाया कि वह 21 साल से सरकार व पुलिस के उच्चाधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर लगाकर थक चुके हैं। उनका आरोप है कि कोठियों व प्लॉटों पर गुंडा तत्वों ने अवैध कब्जे किए हैं। आरोप है कि गहने, नकदी व सात मोबाइल तक छीन लिए हैं। वह 21 साल से समय-समय की सरकार, पंजाब के डीजीपी व एडीजीपी को कई बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
कई लोगों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
इसी तरह सुनीता शर्मा ने अपने पति बलदेव कृष्ण निवासी कुंभड़ा को अगवा करने का मामला फेज-8 में दर्ज करवाया था। 11 साल बाद भी मोहाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा तीन आरोपियों को निर्दोष साबित करने में उनकी मदद कर रही है। वहीं बलविंदर सिंह कुंभड़ा ने आरोप लगाया कि एससीबीसी महापंचायत पंजाब की ओर से मांगों को लेकर धरना लगाया गया था। इस रंजिश के तहत मोहाली फेज-8 थाना पुलिस ने बलविंदर कुंभड़ा व उसकी पत्नी गुरनाम कौर पर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस इस एफआईआर को कैंसल नहीं कर रही है और लगातार बहाने बना रही है। दो माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर गुलराज खन्ना व उनकी पत्नी जसवीर कौर ने आरोप लगाया कि वह दोनों बीजेपी के पदाधिकारी हैं। पिछले दिन हलका पायल में हुई पार्टी की मीटिंग में स्टेज पर लोगों के सामने गुलराज खन्ना को बुरी तरह से पीटा गया और जाति सूचक शब्द बोले गए। पुलिस ने इस मामले में एक तरफा कार्रवाई कर असल दोषियों को बचा लिया। दंपती ने अब बीजेपी से भी इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह जिला मुक्तसर निवासी ने बताया कि उनकी बेटी जो शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं को चार व्यक्ति अगवा करके ले गए थे और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जिसकी एफआईआर 30 अक्टूबर 2023 को दर्ज हुई। इस मामले में मुक्तसर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हारकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। बलविंदर कुंभड़ा ने आरोप लगाया कि एक एफआईआर 77/2024 थाना फेज-8 में एएसआई रकेश कुमार के खिलाफ पंजाब व एससी कमीशन भारत सरकार न्यू दिल्ली की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन मोहाली पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पीडि़त लोगों ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री व डीजीपी पंजाब के पास आम लोगों की सुनवाई के लिए समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष को तेज करेंगे।
विज्ञापन