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Mohali News: संयुक्त किसान मोर्चा ने निकाला पैदल मार्च, की नारेबाजी
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लालड़ू। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तहसील डेराबस्सी के किसान संगठनों ने नए साल की शुरुआत विरोध प्रदर्शन से की। कड़ाके की ठंड में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका। यह मार्च केंद्र इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, नए बीज बिल, खेती के सामान पर टैक्स-फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, लेबर विरोधी चार बिलों को रद्द करने, मनरेगा एक्ट से लेबर के हक वाली बातें खत्म करने और सरकारी विभागों के निजीकरण के विरोध में निकाला गया।
इसमें जगह-जगह लोगों को इन बिलों के लागू होने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि कैसे स्मार्ट बिजली मीटर लगने से गरीबों के घरों में अंधेरा छा जाएगा और उन्हें मोबाइल फोन की तरह बिजली इस्तेमाल करने के लिए पहले पैसे देने होंगे और जब पैसे खत्म हो जाएंगे तो बिजली बंद कर दी जाएगी। बिजली आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। खेती के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा खत्म हो जाएगी क्योंकि सरकार बिजली विभाग और उसकी संपत्तियों को अपने कॉर्पोरेट दोस्तों को सौंपना चाहती है। इसी तरह, फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों के हक में बने पिछले कानूनों को खत्म कर दिया है।
चार कोड बनाए गए हैं। इससे मजदूरों का और शोषण होगा और काम के घंटे भी बढ़ा दिए हैं। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन लख्खोवाल के राज्य कार्यकारिणी सदस्य मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा, हरि सिंह बहोडा, अखिल हिंद किसान सभा के नेता बलविंदर सिंह जडोत, अवतार सिंह दप्पर, विनोद चुघ, महिंदर सिंह, सुरिंदर सिंह, नसीब सिंह, डेमोक्रेटिक किसान सभा के नेता गुरबिंदर सिंह चौंधेरी, दलबीर सिंह, रणबीर सिंह, जसविंदर सिंह, नायब सिंह सहित काफी संख्या में किसान शामिल हुए।
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इसमें जगह-जगह लोगों को इन बिलों के लागू होने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि कैसे स्मार्ट बिजली मीटर लगने से गरीबों के घरों में अंधेरा छा जाएगा और उन्हें मोबाइल फोन की तरह बिजली इस्तेमाल करने के लिए पहले पैसे देने होंगे और जब पैसे खत्म हो जाएंगे तो बिजली बंद कर दी जाएगी। बिजली आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। खेती के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा खत्म हो जाएगी क्योंकि सरकार बिजली विभाग और उसकी संपत्तियों को अपने कॉर्पोरेट दोस्तों को सौंपना चाहती है। इसी तरह, फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों के हक में बने पिछले कानूनों को खत्म कर दिया है।
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चार कोड बनाए गए हैं। इससे मजदूरों का और शोषण होगा और काम के घंटे भी बढ़ा दिए हैं। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन लख्खोवाल के राज्य कार्यकारिणी सदस्य मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा, हरि सिंह बहोडा, अखिल हिंद किसान सभा के नेता बलविंदर सिंह जडोत, अवतार सिंह दप्पर, विनोद चुघ, महिंदर सिंह, सुरिंदर सिंह, नसीब सिंह, डेमोक्रेटिक किसान सभा के नेता गुरबिंदर सिंह चौंधेरी, दलबीर सिंह, रणबीर सिंह, जसविंदर सिंह, नायब सिंह सहित काफी संख्या में किसान शामिल हुए।
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