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Mohali News: सूफियाना संगीत संध्या में गूंजे अलिफ अल्लाह के सुर
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मोहाली। सेक्टर-71 स्थित प्राचीन कला केंद्र के डॉ. शोभा कोसर ऑडिटोरियम में आयोजित सूफियाना संगीत संध्या में सूफी संगीत की मधुर स्वर लहरियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में शहर के प्रसिद्ध कलाकार डॉ. जसबीर सिंह ने सूफियाना कलामों और लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटोरी।
डॉ. जसबीर सिंह की प्रस्तुति में रहमत सिद्धू ने तबले पर, गुरदीप सिंह ने बांसुरी पर और अमन कुमार ने सारंगी पर संगत की। वहीं अनीकेत और वरिंदर विक्की ने बैक वोकल्स के जरिए कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम का आगाज हजरत सुल्तान बाहू के प्रसिद्ध कलाम अलिफ अल्लाह से हुआ। इसके बाद बाबा बुल्ले शाह का कलाम भावें तू जान ना जान वे, शाह हुसैन का माए नी मैं किनूं आखां और मियां मोहम्मद बख्श के सैफ-उल-मलूक की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। संगीत संध्या के दौरान मैं जाना जोगी दे नाल सहित कई सूफी और लोक गीतों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
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कार्यक्रम में प्राचीन कला केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कोसर और सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. जसबीर सिंह को सुरमणि सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं संगत कलाकारों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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डॉ. जसबीर सिंह की प्रस्तुति में रहमत सिद्धू ने तबले पर, गुरदीप सिंह ने बांसुरी पर और अमन कुमार ने सारंगी पर संगत की। वहीं अनीकेत और वरिंदर विक्की ने बैक वोकल्स के जरिए कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया।
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कार्यक्रम का आगाज हजरत सुल्तान बाहू के प्रसिद्ध कलाम अलिफ अल्लाह से हुआ। इसके बाद बाबा बुल्ले शाह का कलाम भावें तू जान ना जान वे, शाह हुसैन का माए नी मैं किनूं आखां और मियां मोहम्मद बख्श के सैफ-उल-मलूक की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। संगीत संध्या के दौरान मैं जाना जोगी दे नाल सहित कई सूफी और लोक गीतों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
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कार्यक्रम में प्राचीन कला केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कोसर और सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. जसबीर सिंह को सुरमणि सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं संगत कलाकारों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।