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Mohali News: पांच नाकाम कोशिशों के बाद फिर शुरू होगा स्ट्रीट वेंडिंग जोन का सर्वे, वेंडर्स को लाइसेंस होंगे जारी
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मोहाली। शहर में स्ट्रीट वेंडर्स को नियमित करने के लिए नगर निगम ने एक बार फिर पहल की है। पिछले कई वर्षों में स्ट्रीट वेंडिंग जोन विकसित करने की पांच असफल कोशिशों के बाद अब नया सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। इस सर्वे के आधार पर वेंडिंग जोन की रूपरेखा तैयार होगी और उपलब्ध क्षमता के अनुसार स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
नगर निगम आयुक्त संदीप सिंह ने बताया कि स्ट्रीट वेंडिंग जोन विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कार्य की निगरानी के लिए अगले कुछ दिनों में एक समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई नगर निगम हाउस की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद अब आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। आयुक्त ने बताया कि शहर का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। इससे वास्तविक संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान हो सकेगी। सर्वे पूरा होने के बाद वेंडिंग जोन की क्षमता के अनुरूप लाइसेंस जारी होंगे। इससे अवैध रेहड़ियों और फड़ बाजारों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
पुराने सर्वे और लंबित योजना
नगर निगम ने पहले पांच बार सर्वे किए थे। इन सर्वे में लगभग एक हजार स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान हुई थी। हालांकि, वर्तमान में अनुमान है कि शहर में 10 हजार से अधिक वेंडर्स व्यवसाय कर रहे हैं। पुराने आंकड़ों के आधार पर योजना लागू करना संभव नहीं था। नया सर्वे वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा और पात्र वेंडर्स की संख्या तय करने में मदद करेगा।
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नगर निगम और गमाडा के मतभेद
मोहाली में स्ट्रीट वेंडिंग जोन का मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ है। मोहाली नगर निगम और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के बीच उपयुक्त स्थानों के चयन पर सहमति नहीं बन पाई थी। इस कारण यह योजना कम से कम पांच बार अटक चुकी है। दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा हजारों स्ट्रीट वेंडर्स को भुगतना पड़ा। अब नगर निगम को उम्मीद है कि नए सर्वे और बेहतर तालमेल से यह योजना सफल होगी।
शहर का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। प्रस्तावित स्ट्रीट वेंडिंग जोन की क्षमता के अनुसार ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इससे वेंडर्स का नियमन पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। - संदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम मोहाली
पहले किए सर्वे की रिपोर्ट मंगलवार को मंगवाकर उसकी जांच कराई जाएगी। सरकार की ओर से प्रस्ताव पास होने के बाद जल्द ही टाउन वेडिंग कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। -सरबजीत सिंह समाना, मेयर, मोहाली
स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनने से यह होंगे फायदे
लाइसेंस मिलने के बाद रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले वेंडर्स बिना बेदखली के डर के वैध रूप से कारोबार कर सकेंगे। निर्धारित स्थानों पर वेंडिंग जोन बनने से सड़क किनारे लगने वाली अव्यवस्थित रेहड़ियां कम होंगी और जाम की समस्या घटेगी। फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित कब्जे कम होंगे, जिससे पैदल चलने वालों को सुविधा मिलेगी। पंजीकृत वेंडर्स का रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे निगरानी, लाइसेंस नवीनीकरण और नियमों का पालन सुनिश्चित करना आसान होगा। व्यवस्थित वेंडिंग जोन में ग्राहकों को सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल मिलेगा, व्यवस्थित वेंडिंग जोन में ग्राहकों को सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल मिलेगा, वहीं वेंडर्स को स्थायी और बेहतर व्यापारिक स्थान उपलब्ध होगा।
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नगर निगम आयुक्त संदीप सिंह ने बताया कि स्ट्रीट वेंडिंग जोन विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कार्य की निगरानी के लिए अगले कुछ दिनों में एक समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई नगर निगम हाउस की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद अब आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। आयुक्त ने बताया कि शहर का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। इससे वास्तविक संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान हो सकेगी। सर्वे पूरा होने के बाद वेंडिंग जोन की क्षमता के अनुरूप लाइसेंस जारी होंगे। इससे अवैध रेहड़ियों और फड़ बाजारों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
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पुराने सर्वे और लंबित योजना
नगर निगम ने पहले पांच बार सर्वे किए थे। इन सर्वे में लगभग एक हजार स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान हुई थी। हालांकि, वर्तमान में अनुमान है कि शहर में 10 हजार से अधिक वेंडर्स व्यवसाय कर रहे हैं। पुराने आंकड़ों के आधार पर योजना लागू करना संभव नहीं था। नया सर्वे वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा और पात्र वेंडर्स की संख्या तय करने में मदद करेगा।
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नगर निगम और गमाडा के मतभेद
मोहाली में स्ट्रीट वेंडिंग जोन का मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ है। मोहाली नगर निगम और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के बीच उपयुक्त स्थानों के चयन पर सहमति नहीं बन पाई थी। इस कारण यह योजना कम से कम पांच बार अटक चुकी है। दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा हजारों स्ट्रीट वेंडर्स को भुगतना पड़ा। अब नगर निगम को उम्मीद है कि नए सर्वे और बेहतर तालमेल से यह योजना सफल होगी।
शहर का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। प्रस्तावित स्ट्रीट वेंडिंग जोन की क्षमता के अनुसार ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इससे वेंडर्स का नियमन पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। - संदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम मोहाली
पहले किए सर्वे की रिपोर्ट मंगलवार को मंगवाकर उसकी जांच कराई जाएगी। सरकार की ओर से प्रस्ताव पास होने के बाद जल्द ही टाउन वेडिंग कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। -सरबजीत सिंह समाना, मेयर, मोहाली
स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनने से यह होंगे फायदे
लाइसेंस मिलने के बाद रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले वेंडर्स बिना बेदखली के डर के वैध रूप से कारोबार कर सकेंगे। निर्धारित स्थानों पर वेंडिंग जोन बनने से सड़क किनारे लगने वाली अव्यवस्थित रेहड़ियां कम होंगी और जाम की समस्या घटेगी। फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित कब्जे कम होंगे, जिससे पैदल चलने वालों को सुविधा मिलेगी। पंजीकृत वेंडर्स का रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे निगरानी, लाइसेंस नवीनीकरण और नियमों का पालन सुनिश्चित करना आसान होगा। व्यवस्थित वेंडिंग जोन में ग्राहकों को सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल मिलेगा, व्यवस्थित वेंडिंग जोन में ग्राहकों को सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल मिलेगा, वहीं वेंडर्स को स्थायी और बेहतर व्यापारिक स्थान उपलब्ध होगा।