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जनता को नहीं देना पड़ेगा कोई नया टैक्स, खस्ताहाल सड़कें और पार्क भी बनेंगे सुंदर
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मोहाली। नगर निगम की ओर से आगामी वर्ष-2023 में किसी भी तरह का कोई नया टैक्स जनता पर नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा कोई बड़ा प्रोजेक्ट भी शुरू नहीं किया जाएगा। हालांकि लोगों की मूलभूत सुविधाओं जैैैसे कि सड़कें, नए ट्यूबवेल, नई मशीनरी और विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम की ओर से साल 2022-23 संबंधी प्रस्तावित बजट में इस संबंधी प्रावधान रखा गया है। वहीं, बजट से खर्च की अपेक्षा 27 लाख रुपये आमदनी होने की उम्मीद है। इस बजट को अगले हफ्ते होने वाली हाउस की मीटिंग में लाया जाएगा।
बता देें कि राज्य में अब नई आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार सत्ता में आई है। ऐेसे में बजट तैयार करते समय नगर निगम ने लोगों की सुविधाओं पर ज्यादा फोकस किया है। नगर निगम की कोशिश यहीं है कि जो बजट पास करके निकाय विभाग को भेजा जाए, उस पर किसी तरह की कोई कैंची न चले। ऐसे में सड़कों को सुधारने के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं जो कि इस बजट की सबसे बड़ी राशि है। इसके अलावा करीब 19 करोड़ रुपये इलाके में करवाए जाने वाले अन्य विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 9 करोड़ रुपये से फुटपाथ बनाने और इनको संवारने पर खर्च होंगे।
वहीं, गर्मियों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 4 करोड़ रुपये ट्यूबवेल लगाने, 4 करोड़ से नई मशीनी पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा स्लॉटर हाउस पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, कुछ समय पहले गमाडा से नगर निगम के अधीन सेक्टर-76 से 80 के पार्क आए थे। इन पार्कों को संवारने के लिए बजट में अलग से दो करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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यहां से कमाई करेगा नगर निगम
नगर निगम की ओर से इस बार भी बजट में प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य करीब 28 करोड़ रुपये आमदनी का रखा गया है। इसके अलावा 72 करोड़ पंजाब म्यूनिसिपल फंड, करीब 20 करोड़ रुपये गमाडा, 14 करोड़ रुपये विज्ञापन फीस, 4 करोड़ रुपये एक्साइज ड्यूटी, 1.3 करोड़ रुपये वाटर और सीवरेज बिल और 70 लाख रुपये तहबाजारी से कमाएगा।
कोविड से निगम को हुआ नुकसान
कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल नगर निगम को भी काफी नुकसान हुआ है। प्रॉपर्टी टैक्स से नगर निगम ने 28 करोड़ रुपये आमदन का लक्ष्य रखा था, लेकिन 8 करोड़ का नुकसान हुआ। इसी तरह विज्ञापन से 11 करोड़ रुपये आमदनी का लक्ष्य रखा है, जबकि आमदनी 8.72 करेेड़ रुपये हुई। बिल्डिंग के नक्शों आदि से 70 लाख रुपये आमदनी होने की उमीद थी, जबकि हुई 35 हजार रुपये। इसी तरह सामुदायिक केंद्र से 36 लाख रुपये की आमदनी हुई, जबकि लक्ष्य 60 लाख रुपये का था।
पिछले साल निगम के बजट पर चली थी कैंची
पिछले साल नगर निगम ने शहर के विकास कार्यों के लिए 148 करोड़ रुपये का बजट पास करके निकाय विभाग को भेजा था। लेकिन निकाय विभाग ने बजट पर कैंची चला दी। निकाय विभाग की ओर से 117 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। जिससे नगर निगम को काफी दिक्कत आई थी। लेकिन बाद में गमाडा और बिजली विभाग से नगर निगम को करोड़ों रुपये की बकाया राशि मिली थी। इसके बाद शहर में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी थी।
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बता देें कि राज्य में अब नई आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार सत्ता में आई है। ऐेसे में बजट तैयार करते समय नगर निगम ने लोगों की सुविधाओं पर ज्यादा फोकस किया है। नगर निगम की कोशिश यहीं है कि जो बजट पास करके निकाय विभाग को भेजा जाए, उस पर किसी तरह की कोई कैंची न चले। ऐसे में सड़कों को सुधारने के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं जो कि इस बजट की सबसे बड़ी राशि है। इसके अलावा करीब 19 करोड़ रुपये इलाके में करवाए जाने वाले अन्य विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इसमें 9 करोड़ रुपये से फुटपाथ बनाने और इनको संवारने पर खर्च होंगे।
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वहीं, गर्मियों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 4 करोड़ रुपये ट्यूबवेल लगाने, 4 करोड़ से नई मशीनी पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा स्लॉटर हाउस पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, कुछ समय पहले गमाडा से नगर निगम के अधीन सेक्टर-76 से 80 के पार्क आए थे। इन पार्कों को संवारने के लिए बजट में अलग से दो करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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यहां से कमाई करेगा नगर निगम
नगर निगम की ओर से इस बार भी बजट में प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य करीब 28 करोड़ रुपये आमदनी का रखा गया है। इसके अलावा 72 करोड़ पंजाब म्यूनिसिपल फंड, करीब 20 करोड़ रुपये गमाडा, 14 करोड़ रुपये विज्ञापन फीस, 4 करोड़ रुपये एक्साइज ड्यूटी, 1.3 करोड़ रुपये वाटर और सीवरेज बिल और 70 लाख रुपये तहबाजारी से कमाएगा।
कोविड से निगम को हुआ नुकसान
कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल नगर निगम को भी काफी नुकसान हुआ है। प्रॉपर्टी टैक्स से नगर निगम ने 28 करोड़ रुपये आमदन का लक्ष्य रखा था, लेकिन 8 करोड़ का नुकसान हुआ। इसी तरह विज्ञापन से 11 करोड़ रुपये आमदनी का लक्ष्य रखा है, जबकि आमदनी 8.72 करेेड़ रुपये हुई। बिल्डिंग के नक्शों आदि से 70 लाख रुपये आमदनी होने की उमीद थी, जबकि हुई 35 हजार रुपये। इसी तरह सामुदायिक केंद्र से 36 लाख रुपये की आमदनी हुई, जबकि लक्ष्य 60 लाख रुपये का था।
पिछले साल निगम के बजट पर चली थी कैंची
पिछले साल नगर निगम ने शहर के विकास कार्यों के लिए 148 करोड़ रुपये का बजट पास करके निकाय विभाग को भेजा था। लेकिन निकाय विभाग ने बजट पर कैंची चला दी। निकाय विभाग की ओर से 117 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। जिससे नगर निगम को काफी दिक्कत आई थी। लेकिन बाद में गमाडा और बिजली विभाग से नगर निगम को करोड़ों रुपये की बकाया राशि मिली थी। इसके बाद शहर में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी थी।