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अस्पताल पर मरीजों का दबाव ज्यादा, तकरीबन सभी को करना पड़ता है रैफर
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मोहाली। फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल में सेहत से जुड़ी सभी सेवाएं मौजूद हैं, लेकिन इलाज करवाने आने वाले मरीजों का दबाव ज्यादा होने की वजह से प्रशासन की सेवाएं चरमरा जाती हैं। मजबूर होकर अस्पताल प्रबंधन मरीज को इलाज के लिए अन्य अस्पताल में रैफर करना पड़ता है। दूसरी ओर, अस्पताल में जो सेवाओं उपलब्ध नहीं, उन्हें सरकार की ओर से पैनल में रजिस्टर निजी अस्पतालों की मदद से पूरा करते हुए मरीज को इलाज मुहैया करवाया जाता है।
जानकारी के मुताबिक अलग-अलग कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल बनाया हुआ है। यहां इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, दवाईयां आदि उपलब्ध हैं, लेकिन ये सारी सुविधाएं सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध है और इसके बाद इलाज के लिए मरीज को अन्य अस्पताल का रूख करना पड़ता है। वहीं, अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीज को प्राथमिक इलाज 24 घंटे दिया जाता है, लेकिन बीमारी अगर ज्यादा गंभीर हो तो उसका इलाज निजी अस्पताल की मदद से किया जाता है। इसके अलावा अस्पताल की ओपीडी में मौजूद डाक्टरों की ओर से रोजाना 350 से 400 मरीजों की जांच करके इलाज मुहैया करवाया जाता है। दूसरी ओर, एंबुलेंस और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं की भारी कमी हैं, जो सरकार द्वारा अधिकृत निजी अस्पतालों की मदद से पूरी की जाती है।
गायनी से लेकर सर्जन तक सिर्फ सुबह 9 से 3 बजे तक
जानकारी के मुताबिक शहर के फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल में गायनी से लेकर सर्जन तक मौजूद हैं, जिनके लिए अस्पताल में सुविधाएं भी मौजूद हैं। दूसरी ओर, सर्जन डाक्टर खुद एक बीमारी के चलते छुट्टी पर चल रहे हैं, जिनकी जगह किसी को तैनात नहीं किया गया। आलम यह है कि सर्जन न होने की वजह से ऑपरेशन की सुविधा के लिए मरीजों अन्य अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जबकि इसके अलावा चमड़ी व दांतों की जांच को लेकर माहिर डाक्टर मौजूद हैं, लेकिन सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक।
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ये कहना है लोगों का
गोबिंदगढ़ का रहने वाला हूं और एमजीएफ में कार्यरत हूं। मेरी पत्नी गर्भवती है, जिसका इलाज फेज-7 के ईएसआई अस्पताल से चल रहा है। अभी तक अस्पताल से इलाज को लेकर मुझे कोई दिक्कत नहीं। -गुरजंट पुरी।
मेरा अस्पताल हड्डी के रोग से जुड़ी बीमारी को लेकर इलाज चल रहा है। लेकिन अस्पताल में डाक्टर न होने की वजह से प्रबंधकों की ओर से उसका इलाज सरकार के पैनल पर रजिस्टर्ड निजी अस्पताल से इलाज मुफ्त में करवाया गया।
-राज बहादुर।
अपग्रेड का प्रस्ताव भेजा जा चुका
मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल को अपग्रेड का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका हैं और इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। अस्पताल के सर्जन बीमार चल रहे हैं और छुट्टी पर हैं। जबकि एंबुलेंस और अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए सरकार के पैनल पर रजिस्टर्ड निजी अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। -मनजीत कौर, एसएमओ, ईएसआई अस्पताल, फेज-7 मोहाली।
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जानकारी के मुताबिक अलग-अलग कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल बनाया हुआ है। यहां इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, दवाईयां आदि उपलब्ध हैं, लेकिन ये सारी सुविधाएं सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध है और इसके बाद इलाज के लिए मरीज को अन्य अस्पताल का रूख करना पड़ता है। वहीं, अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीज को प्राथमिक इलाज 24 घंटे दिया जाता है, लेकिन बीमारी अगर ज्यादा गंभीर हो तो उसका इलाज निजी अस्पताल की मदद से किया जाता है। इसके अलावा अस्पताल की ओपीडी में मौजूद डाक्टरों की ओर से रोजाना 350 से 400 मरीजों की जांच करके इलाज मुहैया करवाया जाता है। दूसरी ओर, एंबुलेंस और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं की भारी कमी हैं, जो सरकार द्वारा अधिकृत निजी अस्पतालों की मदद से पूरी की जाती है।
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गायनी से लेकर सर्जन तक सिर्फ सुबह 9 से 3 बजे तक
जानकारी के मुताबिक शहर के फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल में गायनी से लेकर सर्जन तक मौजूद हैं, जिनके लिए अस्पताल में सुविधाएं भी मौजूद हैं। दूसरी ओर, सर्जन डाक्टर खुद एक बीमारी के चलते छुट्टी पर चल रहे हैं, जिनकी जगह किसी को तैनात नहीं किया गया। आलम यह है कि सर्जन न होने की वजह से ऑपरेशन की सुविधा के लिए मरीजों अन्य अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जबकि इसके अलावा चमड़ी व दांतों की जांच को लेकर माहिर डाक्टर मौजूद हैं, लेकिन सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक।
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ये कहना है लोगों का
गोबिंदगढ़ का रहने वाला हूं और एमजीएफ में कार्यरत हूं। मेरी पत्नी गर्भवती है, जिसका इलाज फेज-7 के ईएसआई अस्पताल से चल रहा है। अभी तक अस्पताल से इलाज को लेकर मुझे कोई दिक्कत नहीं। -गुरजंट पुरी।
मेरा अस्पताल हड्डी के रोग से जुड़ी बीमारी को लेकर इलाज चल रहा है। लेकिन अस्पताल में डाक्टर न होने की वजह से प्रबंधकों की ओर से उसका इलाज सरकार के पैनल पर रजिस्टर्ड निजी अस्पताल से इलाज मुफ्त में करवाया गया।
-राज बहादुर।
अपग्रेड का प्रस्ताव भेजा जा चुका
मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल को अपग्रेड का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका हैं और इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। अस्पताल के सर्जन बीमार चल रहे हैं और छुट्टी पर हैं। जबकि एंबुलेंस और अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए सरकार के पैनल पर रजिस्टर्ड निजी अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। -मनजीत कौर, एसएमओ, ईएसआई अस्पताल, फेज-7 मोहाली।