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आबादी बसी नहीं.. और सड़क का कर दिया कायाकल्प, सड़क विवादों से घिरी
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जीरकपुर। पटियाला रोड पर स्थित गांव नाभा में शुक्रवार को स्थानीय नगर परिषद की ओर से एक सड़क का कायाकल्प किया गया, परंतु सड़क निर्माण का कार्य पूरा होते ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। जैसे ही मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया तो अधिकारियों ने तुरंत सड़क निर्माण कार्य को लेकर अधिकारिक बयान जारी करते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया।
इस बीच, कांग्रेसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने गांव नाभा में हुए सड़क निर्माण कार्य को ठेकेदार खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए। बता दें, कि लंबे समय से शहरवासी सड़कों की खस्ताहाल को लेकर शिकायत अधिकारियों से कर रहे हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा और शुक्रवार को गांव नाभा में जिस सड़क का कायाकल्प किया गया। वहां आबादी बसने में अभी समय लगेगा, परंतु नगर परिषद अधिकारियों ने बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए सड़क निर्माण करवा दिया।
जानकारी के मुताबिक, गांव नाभा के अंदर एक निजी कंपनी द्वारा हाईराइज प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है और अपार्टमेंट को तैयार होने में काफी समय लगेगा। लेकिन इससे पहले स्थानीय नगर परिषद द्वारा करीब 20 लाख रुपये की लागत से कंपनी के आसपास दो किलोमीटर लंबी सड़क का एकाएक कायाकल्प कर दिया। दूसरी ओर, सड़क के कायाकल्प की जानकारी स्थानीय पार्षद नवजोत सिंह को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया में ग्रुपों में वायरल करते हुए श्रेय लेन की कोशिश की। लेकिन कांग्रेसी पार्षद नवजोत द्वारा अपलोड की फोटो को जिसके बाद शहरवासियों ने अपनी टिप्पणी के साथ ट्रोल कर दिया। शहरवासियों ने नगर परिषद अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए और कहा कि जिन क्षेत्रों में सड़कों की हालत पूरी तरह से खस्ता हो चुकी है, उसके कायाकल्प की ओर कोई ध्यान नहीं। जबकि अभी जिन क्षेत्रों में अभी आबादी ने आना शुरू नहीं किया, उन क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्यों को धड़ल्ले से करते हुए निजी बिल्डरों को फायदे पहुंचाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, मामले की जानकारी नगर परिषद प्रधान को मिली तो तुरन्त अधिकारियों को मौके पर भेजकर मामले की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
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कोट्स
शिअद-भाजपा ने फंडों से अपनी जेबें भरने के लिए एक काम के 2-2 बार पास किए प्रस्ताव : ढिल्लों
शिअद-भाजपा ने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल के दौरान नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदारों की मदद से करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग किया है। इसका उदाहरण शुक्रवार को गांव नाभा में देखने को मिला। दरअसल, शिअद-भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान एक जगह काम के 2-2 बार प्रस्ताव पारित किए और दोनों ही प्रस्तावित कार्यों में समय व तारीख अलग-अलग दिखाई गई है, ताकि इसका पता न चल सके। स्थानीय नगर परिषद पर कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही बीते वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों की जांच को लेकर कार्रवाई शुरू की तो तत्कालीन अधिकारी व ठेकेदारों ने अपने-आप को बचाने के लिए पुराने टेंडरों की रकम हड़प चुके कार्यों को करना शुरू कर दिया। शुक्रवार को गांव नाभा में हुए सड़क कायाकल्प को लेकर मामले की जांच को लेकर आदेश दे दिए हैं और मामले में शामिल पाए जाने वाले लोगों खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, जीरकपुर नगर परिषद।
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इस बीच, कांग्रेसी प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने गांव नाभा में हुए सड़क निर्माण कार्य को ठेकेदार खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए। बता दें, कि लंबे समय से शहरवासी सड़कों की खस्ताहाल को लेकर शिकायत अधिकारियों से कर रहे हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा और शुक्रवार को गांव नाभा में जिस सड़क का कायाकल्प किया गया। वहां आबादी बसने में अभी समय लगेगा, परंतु नगर परिषद अधिकारियों ने बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए सड़क निर्माण करवा दिया।
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जानकारी के मुताबिक, गांव नाभा के अंदर एक निजी कंपनी द्वारा हाईराइज प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है और अपार्टमेंट को तैयार होने में काफी समय लगेगा। लेकिन इससे पहले स्थानीय नगर परिषद द्वारा करीब 20 लाख रुपये की लागत से कंपनी के आसपास दो किलोमीटर लंबी सड़क का एकाएक कायाकल्प कर दिया। दूसरी ओर, सड़क के कायाकल्प की जानकारी स्थानीय पार्षद नवजोत सिंह को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया में ग्रुपों में वायरल करते हुए श्रेय लेन की कोशिश की। लेकिन कांग्रेसी पार्षद नवजोत द्वारा अपलोड की फोटो को जिसके बाद शहरवासियों ने अपनी टिप्पणी के साथ ट्रोल कर दिया। शहरवासियों ने नगर परिषद अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए और कहा कि जिन क्षेत्रों में सड़कों की हालत पूरी तरह से खस्ता हो चुकी है, उसके कायाकल्प की ओर कोई ध्यान नहीं। जबकि अभी जिन क्षेत्रों में अभी आबादी ने आना शुरू नहीं किया, उन क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्यों को धड़ल्ले से करते हुए निजी बिल्डरों को फायदे पहुंचाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, मामले की जानकारी नगर परिषद प्रधान को मिली तो तुरन्त अधिकारियों को मौके पर भेजकर मामले की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
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शिअद-भाजपा ने फंडों से अपनी जेबें भरने के लिए एक काम के 2-2 बार पास किए प्रस्ताव : ढिल्लों
शिअद-भाजपा ने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल के दौरान नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदारों की मदद से करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग किया है। इसका उदाहरण शुक्रवार को गांव नाभा में देखने को मिला। दरअसल, शिअद-भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान एक जगह काम के 2-2 बार प्रस्ताव पारित किए और दोनों ही प्रस्तावित कार्यों में समय व तारीख अलग-अलग दिखाई गई है, ताकि इसका पता न चल सके। स्थानीय नगर परिषद पर कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही बीते वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों की जांच को लेकर कार्रवाई शुरू की तो तत्कालीन अधिकारी व ठेकेदारों ने अपने-आप को बचाने के लिए पुराने टेंडरों की रकम हड़प चुके कार्यों को करना शुरू कर दिया। शुक्रवार को गांव नाभा में हुए सड़क कायाकल्प को लेकर मामले की जांच को लेकर आदेश दे दिए हैं और मामले में शामिल पाए जाने वाले लोगों खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, जीरकपुर नगर परिषद।