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फिंगरप्रिंट मशीन नहीं होने से गांव छोटी पर्छ के लोगों को नहीं मिल रहा राशन
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नयागांव (मुल्लांपुर)। गांव छोटी पर्छ के लोगों को समय पर राशन नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्मार्ट राशन कार्ड सूची में परिवार के सदस्यों के नाम गायब हैं। ऐसे में डिपो धारक गांव में राशन लेकर आ भी जाए है तो फिंगरप्रिंट मशीन न होने से स्मार्ट कार्ड से राशन की पर्ची तक नहीं बन पाती है। इस कारण लोगों को राशन नहीं मिल पाता है।
सरकार की ओर से लोगों को स्मार्ट राशन कार्ड से हर महीने पांच किलो प्रति व्यक्ति राशन दिया जाता है लेकिन गांव पर्छ के लोग समय पर राशन नहीं मिलने से परेशान हैं। लोगों ने बताया कि गांव में करीब 100 परिवार ऐसे हैं जो इस योजना के लाभार्थी हैं। वहीं, लोगों को राशन लेने के लिए पहले ऑनलाइन पर्ची निकलवानी जरूरी है, लेकिन डिपो धारक के पास फिंगरप्रिंट की मशीन नहीं है।
सुखविंदर सिंह ने बताया कि परिवार के तीन सदस्यों में से सिर्फ दो को ही राशन मिलता है। इस बार छह महीने का राशन मिलना था, लेकिन सिर्फ तीन महीने का राशन मिला है। वह स्मार्ट राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कई बार अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं लेकिन अभी तक काम नहीं हो पाया। स्मार्ट राशन कार्ड में उनके नाम की जगह भी पत्नी का ही नाम लिखा हुआ है। जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है। जसविंदर कौर ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं। लेकिन राशन सिर्फ दो सदस्यों का मिलता है। लोगों ने कहा कि विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता है।
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दूर की जाएगी लोगों की समस्या
इलाके में फिंगरप्रिंट की सिर्फ दो ही मशीनें हैं, जो बारी-बारी से अलग-अलग इलाके में भेजते रहते हैं। इसलिए इसमें देरी होती है। इस बारे में मौके पर जाकर गांव के लोगों से बात करूंगी। जिन लोगों को समस्या आ रही है दूर किया जाएगा।
- पूनम, इंस्पेक्टर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग, मुल्लांपुर।
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सरकार की ओर से लोगों को स्मार्ट राशन कार्ड से हर महीने पांच किलो प्रति व्यक्ति राशन दिया जाता है लेकिन गांव पर्छ के लोग समय पर राशन नहीं मिलने से परेशान हैं। लोगों ने बताया कि गांव में करीब 100 परिवार ऐसे हैं जो इस योजना के लाभार्थी हैं। वहीं, लोगों को राशन लेने के लिए पहले ऑनलाइन पर्ची निकलवानी जरूरी है, लेकिन डिपो धारक के पास फिंगरप्रिंट की मशीन नहीं है।
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सुखविंदर सिंह ने बताया कि परिवार के तीन सदस्यों में से सिर्फ दो को ही राशन मिलता है। इस बार छह महीने का राशन मिलना था, लेकिन सिर्फ तीन महीने का राशन मिला है। वह स्मार्ट राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कई बार अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं लेकिन अभी तक काम नहीं हो पाया। स्मार्ट राशन कार्ड में उनके नाम की जगह भी पत्नी का ही नाम लिखा हुआ है। जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है। जसविंदर कौर ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं। लेकिन राशन सिर्फ दो सदस्यों का मिलता है। लोगों ने कहा कि विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता है।
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दूर की जाएगी लोगों की समस्या
इलाके में फिंगरप्रिंट की सिर्फ दो ही मशीनें हैं, जो बारी-बारी से अलग-अलग इलाके में भेजते रहते हैं। इसलिए इसमें देरी होती है। इस बारे में मौके पर जाकर गांव के लोगों से बात करूंगी। जिन लोगों को समस्या आ रही है दूर किया जाएगा।
- पूनम, इंस्पेक्टर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग, मुल्लांपुर।