{"_id":"6188369cbfe777627a3385ad","slug":"the-fate-of-sector-77-did-not-change-even-after-coming-from-gamada-to-the-corporation-mohali-news-pkl4322871133","type":"story","status":"publish","title_hn":"गमाडा से निगम के पास आने के बाद भी नहीं बदली सेक्टर-77 की किस्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गमाडा से निगम के पास आने के बाद भी नहीं बदली सेक्टर-77 की किस्मत
विज्ञापन
मोहाली। भले ही सेक्टर-77 अब गमाडा के बजाए नगर निगम के अधीन आ गया है, वहीं लोगों ने यहां पर लाखों रुपये खर्च करके अपने आशियाने बनाए हुए हैं।
लेकिन यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है। जहां तक सड़कों की हालत खराब है, वहीं साफ-सफाई का इंतजाम भी दुरुस्त नहीं है। जो पार्क काफी सालों के बाद विकसित तो कर दिए गए हैं उनमें न तो बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं और न ही सैर करने के लिए ट्रैक बन हैं। इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन कई बार गमाडा से लेकर नगर निगम को इलाके के सुधार की मांग कर चुकी है। लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण इलाके के निवासियों में रोष पाया जा रहा है।
इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुरिंदर सिंह और महासचिव जीएस संधू ने बताया कि गमाडा की ओर से कई साल पहले सेक्टर 76 से 80 विकसित किए गए थे। अब यह सेक्टर नगर निगम के पास हैं। सेक्टर 77 को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में विकास कार्य बड़ी तेजी से चल रहे है। लेकिन उनके सेक्टर के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जबकि नगर निगम के सत्ताधारी गुट के पार्षद इसी इलाके से हैं। उसके बावजूद लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-77 में लोगों के घरों के आगे कई साल से सड़कें टूटी पड़ी हैं जिससे काफी परेशानी आ रही है।
यहीं नहीं इलाके की सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। कई कई दिनों तक गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इसके अलावा सेक्टर 77 में जितने भी पार्क हैं वो काफी सालों के बाद विकसित तो कर दिए गए हैं, लेकिन उनमें न तो बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए गए हैं और न ही कोई ओपन जिम। वहीं, पार्कों के साथ बाहर की तरफ पेवर ब्लॉक तक भी नहीं लगाए गए हैं। इस कारण पार्किंग की समस्या भी बनी रहती है। एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि वह काफी समय से इलाके को सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ बातों के जरिए ही उनको कह दिया जाता है और बातों ही बातों में विकास हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लेकिन यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है। जहां तक सड़कों की हालत खराब है, वहीं साफ-सफाई का इंतजाम भी दुरुस्त नहीं है। जो पार्क काफी सालों के बाद विकसित तो कर दिए गए हैं उनमें न तो बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं और न ही सैर करने के लिए ट्रैक बन हैं। इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन कई बार गमाडा से लेकर नगर निगम को इलाके के सुधार की मांग कर चुकी है। लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण इलाके के निवासियों में रोष पाया जा रहा है।
इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुरिंदर सिंह और महासचिव जीएस संधू ने बताया कि गमाडा की ओर से कई साल पहले सेक्टर 76 से 80 विकसित किए गए थे। अब यह सेक्टर नगर निगम के पास हैं। सेक्टर 77 को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में विकास कार्य बड़ी तेजी से चल रहे है। लेकिन उनके सेक्टर के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जबकि नगर निगम के सत्ताधारी गुट के पार्षद इसी इलाके से हैं। उसके बावजूद लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-77 में लोगों के घरों के आगे कई साल से सड़कें टूटी पड़ी हैं जिससे काफी परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
यहीं नहीं इलाके की सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। कई कई दिनों तक गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इसके अलावा सेक्टर 77 में जितने भी पार्क हैं वो काफी सालों के बाद विकसित तो कर दिए गए हैं, लेकिन उनमें न तो बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए गए हैं और न ही कोई ओपन जिम। वहीं, पार्कों के साथ बाहर की तरफ पेवर ब्लॉक तक भी नहीं लगाए गए हैं। इस कारण पार्किंग की समस्या भी बनी रहती है। एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि वह काफी समय से इलाके को सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ बातों के जरिए ही उनको कह दिया जाता है और बातों ही बातों में विकास हो जाता है।
विज्ञापन