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Mohali News: पार्क के रखरखाव का मूल्यांकन करने के लिए कमेटी गठित करेगा निगम
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मोहाली। नगर निगम कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मॉडल के तहत शहर के पार्कों के रखरखाव का मूल्यांकन करने के लिए एक नई कमेटी का गठन करने जा रहा है। इस कमेटी में नगर निगम के पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के सदस्य और एक नगर निगम अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी नगर निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह और मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की देखरेख में काम करेगी। नगर निगम का दावा है कि इस कदम से उसके वित्तीय बोझ को कम करने और पार्क के रखरखाव में सुधार करने में मदद मिलेगी। लेकिन इसकी आरडब्ल्यूए और वरिष्ठ नागरिकों की ओर से तीखी आलोचना हुई है, जो इसे विरोधी पहल मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा पहले चरण में फेज 10 के सिल्वी पार्क, सेक्टर 71 के कारगिल पार्क, इको हर्बल पार्क, रोज़ गार्डन और बोगनविलिया गार्डन को सीएसआर से जुड़ी कंपनियों को सौंपने की तैयार की जा रही है। इस मॉडल के अनुसार, ये कंपनियां अपने सीएसआर दायित्वों के तहत पार्कों का निशुल्क रखरखाव करेंगी। बदले में, उन्हें व्यवहार्यता और अनुमति के अधीन, कियोस्क लगाने, विज्ञापन देने, टिकटिंग और सशुल्क पार्किंग जैसे माध्यमों से सीमित राजस्व अर्जित करने की अनुमति होगी।
आरडब्ल्यूए ने जताई आपत्ति
हालाँकि, आरडब्ल्यूए ने इस मॉडल पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह सामुदायिक भागीदारी को कमजोर करता है। एक स्थानीय आरडब्ल्यूए का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, आरडब्ल्यूए की आय सीमित होती है और पार्कों का प्रबंधन वरिष्ठ नागरिकों को उद्देश्य की भावना देता है। इसे कंपनियों को आउटसोर्स करना अनुचित और बहिष्कार कारी है।
क्या कहते हैं मेयर
व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए शुरुआत में पांच बड़े पार्कों को परीक्षण के तौर पर लिया जाएगा। अगर नतीजे संतोषजनक रहे, तो इस मॉडल को दूसरे पार्कों में भी लागू किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसे बंद कर दिया जाएगा। - मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू
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हमारा प्रस्ताव है कि पार्षदों, सीएसआर प्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए और एक नगर निगम अधिकारी की एक समिति गठित की जाए जो सीएसआर के तहत पार्कों का रखरखाव करने वाली कंपनियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करे। समिति यह तय करेगी कि इस मॉडल को जारी रखा जाए या वापस लिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्क क्षेत्र के 15% से ज्यादा हिस्से को कठोर सतहों में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। - परमिंदर पाल सिंह, निगम कमिश्नर
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आरडब्ल्यूए ने जताई आपत्ति
हालाँकि, आरडब्ल्यूए ने इस मॉडल पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह सामुदायिक भागीदारी को कमजोर करता है। एक स्थानीय आरडब्ल्यूए का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, आरडब्ल्यूए की आय सीमित होती है और पार्कों का प्रबंधन वरिष्ठ नागरिकों को उद्देश्य की भावना देता है। इसे कंपनियों को आउटसोर्स करना अनुचित और बहिष्कार कारी है।
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क्या कहते हैं मेयर
व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए शुरुआत में पांच बड़े पार्कों को परीक्षण के तौर पर लिया जाएगा। अगर नतीजे संतोषजनक रहे, तो इस मॉडल को दूसरे पार्कों में भी लागू किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसे बंद कर दिया जाएगा। - मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू
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हमारा प्रस्ताव है कि पार्षदों, सीएसआर प्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए और एक नगर निगम अधिकारी की एक समिति गठित की जाए जो सीएसआर के तहत पार्कों का रखरखाव करने वाली कंपनियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करे। समिति यह तय करेगी कि इस मॉडल को जारी रखा जाए या वापस लिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्क क्षेत्र के 15% से ज्यादा हिस्से को कठोर सतहों में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। - परमिंदर पाल सिंह, निगम कमिश्नर