{"_id":"5d683ad38ebc3e01711f5752","slug":"staff-approval-for-zirakpur-to-fire-brigade-mohali-news-pkl349005466","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीरकपुर को आगजनी की घटनाओं पर डेराबस्सी की नहीं पड़ेगी जरूरत..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीरकपुर को आगजनी की घटनाओं पर डेराबस्सी की नहीं पड़ेगी जरूरत..
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीरकपुर। शहर में अब आग लगने पर डेराबस्सी के दमकल विभाग की जरूरत नहीं पड़ेगी। जुलाई में दो नए फायर टेंडर नगर काउंसिल को मिले थे पर पर्याप्त जगह और स्टाफ की कमी के चलते इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। अब पंजाब सरकार ने नगर काउंसिल को बीते दिनों मिले फायर टेंडर के लिए रखे जाने वाले स्टाफ को मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही 28 फायरमेन और 8 ड्राइवर का स्टाफ नगर काउंसिल को मिल जाएगा। इसके बाद शहर में अपना फायर ब्रिगेड होगा।
बता दें कि शहर में जब कभी आगजनी की घटना होती है तो लोगों को डेराबस्सी के फायर ब्रिगेड विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है। वहां से फायर टेंडर आने में समय लगने के कारण तब तक आग सब कुछ राख कर देती थी पर अब इससे मुक्ति मिलेगी। भयानक रूप धारण करके कई लोगों के सामान को राख में तबदील कर देती है। लंबे समय से यहां रहने वाले लोग नगर काउंसिल से जीरकपुर के अंदर अपना दमकल विभाग स्थापित करने की मांग कर रहे थे, परन्तु कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विधायक एनके शर्मा ने कभी दिलचस्पी नहीं ली : ढिल्लों
जिला मोहाली कांग्रेस के प्रधान दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि 2003 में पहली बार नगर काउंसिल का चुनाव हुआ था, तब विधायक एनके शर्मा ने प्रधान बनकर लोगों की समस्याओं को पूरा करने का वादा किया था, परन्तु इसे निभाया नहीं। आज तक काउंसिल में एनके शर्मा और अकाली-भाजपा सत्ता में रहे पर शहर को अपना फायर स्टेशन नहीं दिला सके। उनकी पार्टी ने 2017 में सत्ता संभाली है और अभी नगर काउंसिल पर उनका कब्जा भी नहीं है पर इसके बावजूद वह अपनी सरकार से प्रोजेक्ट को मंजूर करवाकर लाए हैं। विधायक एनके शर्मा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
विज्ञापन
अकाली-भाजपा ने पारित किया था प्रस्ताव, तभी सरकार से मिली मंजूरी : एनके शर्मा
हलका डेराबस्सी से अकाली-भाजपा के विधायक एनके शर्मा ने कहा कि जिस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाकर कांग्रेस पार्टी के नेता खुश हो रहे हैं। उक्त प्रोजेक्ट असल में नगर काउंसिल का है। इस प्रस्ताव को उनकी पार्टी के सदस्यों ने पारित करके सरकार के पास भेजा था। इतना जरूर है कि इसकी मंजूरी तब मिली, जब राज्य में उनकी सरकार की सत्ता नहीं है।
जीरकपुर नगर काउंसिल को मिले दो फायर टेंडर के लिए स्टाफ की जरूरत थी। इसके लिए एक प्रस्ताव नगर काउंसिल द्वारा निकाय विभाग के पास भेजा गया था। मैं शहरवासियों को बधाई देता हूं कि निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और अब जल्द ही शहर के पास अपना फायर स्टेशन होगा। -सुखजिंदर सिंह सिद्धू, ईओ, जीरकपुर नगर काउंसिल
फोटो सहित...
विज्ञापन
बता दें कि शहर में जब कभी आगजनी की घटना होती है तो लोगों को डेराबस्सी के फायर ब्रिगेड विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है। वहां से फायर टेंडर आने में समय लगने के कारण तब तक आग सब कुछ राख कर देती थी पर अब इससे मुक्ति मिलेगी। भयानक रूप धारण करके कई लोगों के सामान को राख में तबदील कर देती है। लंबे समय से यहां रहने वाले लोग नगर काउंसिल से जीरकपुर के अंदर अपना दमकल विभाग स्थापित करने की मांग कर रहे थे, परन्तु कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विधायक एनके शर्मा ने कभी दिलचस्पी नहीं ली : ढिल्लों
जिला मोहाली कांग्रेस के प्रधान दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि 2003 में पहली बार नगर काउंसिल का चुनाव हुआ था, तब विधायक एनके शर्मा ने प्रधान बनकर लोगों की समस्याओं को पूरा करने का वादा किया था, परन्तु इसे निभाया नहीं। आज तक काउंसिल में एनके शर्मा और अकाली-भाजपा सत्ता में रहे पर शहर को अपना फायर स्टेशन नहीं दिला सके। उनकी पार्टी ने 2017 में सत्ता संभाली है और अभी नगर काउंसिल पर उनका कब्जा भी नहीं है पर इसके बावजूद वह अपनी सरकार से प्रोजेक्ट को मंजूर करवाकर लाए हैं। विधायक एनके शर्मा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
विज्ञापन
अकाली-भाजपा ने पारित किया था प्रस्ताव, तभी सरकार से मिली मंजूरी : एनके शर्मा
हलका डेराबस्सी से अकाली-भाजपा के विधायक एनके शर्मा ने कहा कि जिस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाकर कांग्रेस पार्टी के नेता खुश हो रहे हैं। उक्त प्रोजेक्ट असल में नगर काउंसिल का है। इस प्रस्ताव को उनकी पार्टी के सदस्यों ने पारित करके सरकार के पास भेजा था। इतना जरूर है कि इसकी मंजूरी तब मिली, जब राज्य में उनकी सरकार की सत्ता नहीं है।
जीरकपुर नगर काउंसिल को मिले दो फायर टेंडर के लिए स्टाफ की जरूरत थी। इसके लिए एक प्रस्ताव नगर काउंसिल द्वारा निकाय विभाग के पास भेजा गया था। मैं शहरवासियों को बधाई देता हूं कि निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और अब जल्द ही शहर के पास अपना फायर स्टेशन होगा। -सुखजिंदर सिंह सिद्धू, ईओ, जीरकपुर नगर काउंसिल
फोटो सहित...