{"_id":"627186456708505a3c58cfc3","slug":"siswan-was-groomed-like-sukhna-but-poor-tourists-how-to-reach-mohali-news-pkl4495305102","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिसवां को सुखना की तरह संवारा, लेकिन पर्यटक कैसे पहुंचे बेचारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिसवां को सुखना की तरह संवारा, लेकिन पर्यटक कैसे पहुंचे बेचारा
विज्ञापन
मुल्लांपुर (नयागांव)। राज्य सरकार ने मुल्लांपुर स्थित सिसवां डैम को चंडीगढ़ सुखना लेक की तर्ज पर संवारा है। वहां पर बोटिंग से लेकर तमाम सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं लेकिन बेचारे पर्यटक वहां तक कैसे पहुंचें। इसकी अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है। हिमाचल जाने वाली बसों या निजी वाहनों के सहारे लोग वहां तक पहुंच रहे हैं।
वहीं जिन लोगों के पास कोई सुविधा नहीं है, वे वहां तक नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने इस तरफ अभी तक सोचा तक नहीं है। जानकारों की माने तो अगर सिसवां डैम अच्छी तरह चल पड़ता है तो चंडीगढ़ की सड़कों पर वाहनों का दवाब कम हो जाएगा। सड़क हादसों पर भी कटौती होगी। वहीं इससे इलाके के लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इलाके में करीब आठ महीने पहले वन विभाग द्वारा शुरू किए गए सिसवां डैम को सिसवां नेचर अवेयरनेस कैंप के रूप में संवारा गया था। सैलानियों की संख्या यहां पर हर रोज बढ़ रही है। 24 अगस्त 2021 को तत्कालीन वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने इस पर्यटन स्थल का उद्घाटन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में यह प्रोजेक्ट एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। यहां पर विभाग की तरफ से बोटिंग, हर्बल पार्क, टेंट हाउस से लेकर कैफेटेरिया तक की व्यवस्था की गई है। पहाड़ों के बीच में बने होने के कारण यहां पर बड़ा ही खूबसूरत नजारा होता है। सुबह एवं शाम यहां पर पर्यटकों की भीड़ लग रही है, लेकिन यह वे पर्यटक हैं जिनके पास वाहनों का इंतजाम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन की तरफ से चंडीगढ़ एवं मोहाली से यहां के लिए सीधे कोई बस सुविधा उपलब्ध करा दी जाए तो पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
विज्ञापन
नहीं शुरू हो पाए टेंट हाउस
सिसवां नेचर अवेयरनेस कैंप के उद्घाटन के समय तीन टेंट हाउस बनकर तैयार थे। विभाग के द्वारा यहां पर आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए ये तैयार करवाए गए थे। इससे विभाग की आमदनी तो बढ़नी ही थी। साथ ही पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलना था लेकिन अभी तक यह टेंट हाउस शुरू नहीं हो पाए हैं। इसकी वजह बताई जा रही है कि यहां पर बिजली विभाग की तरफ से एक ट्रांसफार्मर लगाया जाना है जो अभी तक नहीं लग पाया है।
वन विभाग अलग बसों का करे इंतजाम
विभाग को चाहिए सिसवा नेचर अवेयरनेस कैंप के लिए अलग से बसों की व्यवस्था की जाए। इससे इलाके में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय निवासियों को भी इसका फायदा होगा और इलाके की उन्नति होगी।
हेमंत चौहान, स्थानीय निवासी
विभाग को इस दिशा में सोचना होगा
सिसवां अवेयरनेस कैंप तक पहुंचने में काफी दिक्कत आती है। हम अपने साधन से गए थे। वहां पर गाड़ी खड़ी करने में भी काफी मुश्किल आई थी। पर्यटन स्थल काफी अच्छा है। विभाग को वहां पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। -प्रदीप कुमार, वासी नयागांव
कोट
पर्यटन स्थल चंडीगढ़ के काफी नजदीक है। इस कारण ज्यादातर लोग यहां अपने साधनों से ही आते हैं। इसके अलावा बद्दी जाने वाली बसें भी यहीं से गुजरती है। अगर भविष्य में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए अलग से किसी परिवहन की जरूरत लगेगी तो विभाग द्वारा इसकी व्यवस्था कराई जाएगी। -गुरअमन सिंह, डीएफओ वन विभाग
विज्ञापन
वहीं जिन लोगों के पास कोई सुविधा नहीं है, वे वहां तक नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने इस तरफ अभी तक सोचा तक नहीं है। जानकारों की माने तो अगर सिसवां डैम अच्छी तरह चल पड़ता है तो चंडीगढ़ की सड़कों पर वाहनों का दवाब कम हो जाएगा। सड़क हादसों पर भी कटौती होगी। वहीं इससे इलाके के लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विज्ञापन
इलाके में करीब आठ महीने पहले वन विभाग द्वारा शुरू किए गए सिसवां डैम को सिसवां नेचर अवेयरनेस कैंप के रूप में संवारा गया था। सैलानियों की संख्या यहां पर हर रोज बढ़ रही है। 24 अगस्त 2021 को तत्कालीन वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने इस पर्यटन स्थल का उद्घाटन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में यह प्रोजेक्ट एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। यहां पर विभाग की तरफ से बोटिंग, हर्बल पार्क, टेंट हाउस से लेकर कैफेटेरिया तक की व्यवस्था की गई है। पहाड़ों के बीच में बने होने के कारण यहां पर बड़ा ही खूबसूरत नजारा होता है। सुबह एवं शाम यहां पर पर्यटकों की भीड़ लग रही है, लेकिन यह वे पर्यटक हैं जिनके पास वाहनों का इंतजाम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन की तरफ से चंडीगढ़ एवं मोहाली से यहां के लिए सीधे कोई बस सुविधा उपलब्ध करा दी जाए तो पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
विज्ञापन
नहीं शुरू हो पाए टेंट हाउस
सिसवां नेचर अवेयरनेस कैंप के उद्घाटन के समय तीन टेंट हाउस बनकर तैयार थे। विभाग के द्वारा यहां पर आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए ये तैयार करवाए गए थे। इससे विभाग की आमदनी तो बढ़नी ही थी। साथ ही पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलना था लेकिन अभी तक यह टेंट हाउस शुरू नहीं हो पाए हैं। इसकी वजह बताई जा रही है कि यहां पर बिजली विभाग की तरफ से एक ट्रांसफार्मर लगाया जाना है जो अभी तक नहीं लग पाया है।
वन विभाग अलग बसों का करे इंतजाम
विभाग को चाहिए सिसवा नेचर अवेयरनेस कैंप के लिए अलग से बसों की व्यवस्था की जाए। इससे इलाके में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय निवासियों को भी इसका फायदा होगा और इलाके की उन्नति होगी।
हेमंत चौहान, स्थानीय निवासी
विभाग को इस दिशा में सोचना होगा
सिसवां अवेयरनेस कैंप तक पहुंचने में काफी दिक्कत आती है। हम अपने साधन से गए थे। वहां पर गाड़ी खड़ी करने में भी काफी मुश्किल आई थी। पर्यटन स्थल काफी अच्छा है। विभाग को वहां पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। -प्रदीप कुमार, वासी नयागांव
कोट
पर्यटन स्थल चंडीगढ़ के काफी नजदीक है। इस कारण ज्यादातर लोग यहां अपने साधनों से ही आते हैं। इसके अलावा बद्दी जाने वाली बसें भी यहीं से गुजरती है। अगर भविष्य में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए अलग से किसी परिवहन की जरूरत लगेगी तो विभाग द्वारा इसकी व्यवस्था कराई जाएगी। -गुरअमन सिंह, डीएफओ वन विभाग