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Mohali News: सिद्धू मूसेवाला के हत्यारोपी लॉरेंस बिश्नोई के दोनों गुर्गों को भेजा पटियाला जेल
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मोहाली। सिद्धू मूसेवाला हत्या में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुर्गे आरोपी मंदीप सिंह उर्फ छोटा मनी और उसके साथी जतिंदर सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) टीम ने मंगलवार को दोबारा मोहाली अदालत में पेश किया। यहां सुनवाई के दौरान अदालत में एजीटीएफ ने आरोपियों के रिमांड की मांग नहीं की, इस पर अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों को अब 20 फरवरी को दोबारा मोहाली कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों आरोपियों को सोमवार को भी मोहाली अदालत में पेश किया गया था। यहां अदालत ने उनका एक दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया था। बता दें कि कि 4 फरवरी के एजीटीएफ की टीम ने लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुर्गे मंदीप सिंह उर्फ छोटा मनी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। आरोपी मंदीप सिंह पर आरोप है कि उसने पंजाबी सिंगर व रैपर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल आरोपियों को पुलिस से छिपने के ठिकाने मुहैया करवाए थे और 2017 में गैंगस्टर दीपक टीनू को भागने में भी मदद की थी। एजीटीएफ ने आरोपी को उसके एक साथी गोबिंदपुरा मोहल्ला मनीमाजरा के जतिंदर सिंह के साथ गिरफ्तार किया था।
एजीटीएफ को दोनों के कब्जे से 12 जिंदा कारतूस के साथ दो .32 कैलिबर पिस्टल बरामद हुए थे। एजीटीएफ को जीरकपुर क्षेत्र में छोटा मनी की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय इनपुट मिली थी। डीएसपी बिक्रम बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम ने आरोपी के के ठिकाने को ट्रैक किया और उसे उसके साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं और उनका आपराधिक इतिहास है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ और हरियाणा में हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती और शस्त्र अधिनियम के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
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एजीटीएफ को दोनों के कब्जे से 12 जिंदा कारतूस के साथ दो .32 कैलिबर पिस्टल बरामद हुए थे। एजीटीएफ को जीरकपुर क्षेत्र में छोटा मनी की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय इनपुट मिली थी। डीएसपी बिक्रम बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम ने आरोपी के के ठिकाने को ट्रैक किया और उसे उसके साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं और उनका आपराधिक इतिहास है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ और हरियाणा में हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती और शस्त्र अधिनियम के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
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