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Mohali News: कुत्ते के हमले से बाइक समेत गिरा दुकानदार<bha>;</bha> कई जगह काटा, बाजू भी टूटी
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जीरकपुर। शहर में लावारिस कुत्तों के काटने के मामले आए दिन बढ़ते जा रहे हैं। कुत्ते के काटने के रोजाना करीब छह मामले सामने आ रहे हैं। बलटाना के सैनी विहार फेस-2 निवासी दुकानदार मनोज कुमार झा रविवार को तड़के साढ़े 4 बजे दुकान में चोरी होने के डर से दुकान पर चक्कर लगाने गया था। इसी दौरान कुत्तों के एक झुंड ने उसके ऊपर हमला कर दिया और काट-काट कर जख्मी कर डाला। जैसे ही इससे बचकर वह भागने लगा तो उसकी बाइक गिरने के साथ वह भी गिर गया, इससे उसकी बाईं बाजू टूट गई है।
कुत्तों ने उसके पैर से थोड़ा ऊपर बुरी तरह नोचा कि उसे टांके लगवाने पड़े। इस हादसे के बाद आसपास के लोगों ने कुत्ते को भगाया और उसके परिवार को इसकी सूचना दी। इसके बाद पीड़ित का बेटा मौके पर पहुंचा और उसे पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में ले गया और इलाज करवाया।
इस संबंली पीड़ित मनोज झा ने बताया कि उसका बलटाना की मेन मार्केट में डिपार्टमेंटल स्टोर है। शहर में बढ़ रही चोरियों के डर से वह सुबह बाइक पर अपनी दुकान पर चक्कर लगाने गया था। जब वह दुकान से पहले वर्मा क्लीनिक के पास पहुंचा तो कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया और उसके पैर पर काट लिया। इससे उसकी बाइक गिर गई और बाईं बाजू भी टूट गई है। लोगों ने उसको कुत्तों से छुड़ाया और इसके बाद उनका बेटा अस्पताल ले गया। मनोज झा ने कहा कि प्रशासन को लावारिस कुत्तों से बचाने के लिए इंतजाम करना चाहिए। कुत्ते बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं।
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अस्पताल होने के बावजूद अधिकारी कुत्तों पर लगाम कसने में नाकाम
शहर में कुत्तों के स्टरलाइजेशन के लिए लाखों रुपये की लागत से एक अस्पताल बनाया हुआ। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। क्योंकि पहले अस्पताल चलाने के लिए कोई नहीं आ रहा था अब जब कावा नामक संस्था आई है तो उसे एनओसी नहीं मिल रही है। जबकि लंबे समय से स्थानीय लोग कुत्तों के आतंक से छुटकारा पाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। लेकिन प्रशासन इस समस्या कोई हल नहीं निकल रहा है।
कोट्स
शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या तो है, लेकिन उसके हल के लिए हमने अस्पताल बनाया है। जिसमें कावा संस्था काम भी कर रही है। उनको केंद्र सरकार से कोई एनओसी मिलनी है उसके मिलते ही दोबारा से अस्पताल पहले की तरह चालू कर दिया जाएगा। इसके अलावा हम एक ठोस प्रणाली पर काम कर रहे हैं जो जल्द लागू भी कर दी जाएगी। -सुखविंदर सिंह, एसडीओ नगर परिषद जीरकपुर
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कुत्तों ने उसके पैर से थोड़ा ऊपर बुरी तरह नोचा कि उसे टांके लगवाने पड़े। इस हादसे के बाद आसपास के लोगों ने कुत्ते को भगाया और उसके परिवार को इसकी सूचना दी। इसके बाद पीड़ित का बेटा मौके पर पहुंचा और उसे पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में ले गया और इलाज करवाया।
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इस संबंली पीड़ित मनोज झा ने बताया कि उसका बलटाना की मेन मार्केट में डिपार्टमेंटल स्टोर है। शहर में बढ़ रही चोरियों के डर से वह सुबह बाइक पर अपनी दुकान पर चक्कर लगाने गया था। जब वह दुकान से पहले वर्मा क्लीनिक के पास पहुंचा तो कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया और उसके पैर पर काट लिया। इससे उसकी बाइक गिर गई और बाईं बाजू भी टूट गई है। लोगों ने उसको कुत्तों से छुड़ाया और इसके बाद उनका बेटा अस्पताल ले गया। मनोज झा ने कहा कि प्रशासन को लावारिस कुत्तों से बचाने के लिए इंतजाम करना चाहिए। कुत्ते बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं।
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अस्पताल होने के बावजूद अधिकारी कुत्तों पर लगाम कसने में नाकाम
शहर में कुत्तों के स्टरलाइजेशन के लिए लाखों रुपये की लागत से एक अस्पताल बनाया हुआ। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। क्योंकि पहले अस्पताल चलाने के लिए कोई नहीं आ रहा था अब जब कावा नामक संस्था आई है तो उसे एनओसी नहीं मिल रही है। जबकि लंबे समय से स्थानीय लोग कुत्तों के आतंक से छुटकारा पाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। लेकिन प्रशासन इस समस्या कोई हल नहीं निकल रहा है।
कोट्स
शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या तो है, लेकिन उसके हल के लिए हमने अस्पताल बनाया है। जिसमें कावा संस्था काम भी कर रही है। उनको केंद्र सरकार से कोई एनओसी मिलनी है उसके मिलते ही दोबारा से अस्पताल पहले की तरह चालू कर दिया जाएगा। इसके अलावा हम एक ठोस प्रणाली पर काम कर रहे हैं जो जल्द लागू भी कर दी जाएगी। -सुखविंदर सिंह, एसडीओ नगर परिषद जीरकपुर