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Mohali News: सिक्योरिटी गार्ड की बेटी सलोनी ने किया मोहाली टॉप, पेंटर की बेटी अनु सेकंड
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मोहाली/कुराली/खरड़। पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड (पीएसईबी) ने वीरवार को दसवीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। कुराली के गांव सिंघपुरा के सरकारी सीनियर स्कूल की छात्रा सलोनी ने 650 में से 634 (97.54 फीसदी) अंक हासिल कर मोहाली जिला टॉप किया। पंजाब की मेरिट सूची में सलोनी का 12वां स्थान है। सलोनी के पिता जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में सिक्योरिटी गार्ड हैं।सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल, देसूमाजरा, खरड़ की छात्रा अनु कुमारी 650 में 629 अंक हासिल कर 96.77 फीसदी अंकों के साथ जिले में दूसरे स्थान पर रही हैं। अनु कुमारी ने पंजाब की मेरिट सूची में 17वां स्थान हासिल किया है। सोहाना के सीनियर गर्ल्स स्कूल की छात्रा हंसाली ने 650 में से 627 अंक हासिल कर 96.46 फीसदी अंकों के साथ मोहाली जिले में तीसरा स्थान और पंजाब की मेरिट सूची में 19वां स्थान हासिल किया है।
मोहाली जिला इस बार दसवीं के परीक्षा परिणाम में दो स्थान ऊपर चढ़ गया है। दो वर्ष पहले मोहाली 15वें स्थान पर था जबकि इस बार 13वें स्थान पर है। मोहाली के पहले मोगा और उसके बाद 14वें स्थान पर जालंधर जिला है। इस बार जिले से कुल 8622 विद्यार्थियों ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी, जिनमें से 8354 बच्चे पास हुए। मोहाली का पास प्रतिशत 96.89 फीसदी रहा।
डॉक्टर बनना चाहती है जिले की टॉपर सलोनी
दसवीं में 97.54 फीसदी अंक प्राप्त कर मोहाली जिले में पहला और राज्य में 12वां स्थान हासिल करने वाली सलोनी का सपना डॉक्टर बनने का है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सलोनी के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। सलोनी ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के अध्यापकों और परिजनों को दिया। कहा कि शिक्षकों के साथ माता-पिता ने काफी सहयोग किया, जिसकी बदौलत वह मन लगाकर पढ़ाई कर सकी। पिता ने हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मां ने उसे घर का काम करवाने के बजाय सिर्फ पढ़ाई के लिए कहा। सलोनी ने कहा कि वह स्कूल से आकर टीवी व फोन को नहीं देखती थी। सिर्फ पढ़ाई में अपना ध्यान लगती थी। बिना ट्यूशन पढ़े खुद की मेहनत से यह अंक हासिल किए। सलोनी ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करेगी। इसके साथ ही वह अपने क्षेत्र का नाम भी रोशन करेगी। सलोनी माता-पिता की बड़ी संतान है और उसका एक छोटा भाई है। सिंघपुर सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल पुष्पेंद्र कौर और क्लास टीचर सुनीता रानी ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके स्कूल की बच्ची जिले में पहले स्थान पर आई है तो उनका खुशी का ठिकाना न रहा। पूरे स्कूल में खुशी का माहौल है। बताया कि सलोनी शुरू से ही पढ़ने में होशियार है। उसने आठवीं में भी पहला स्थान प्राप्त किया था। जिला शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह और उप जिला अधिकारी अंग्रेज सिंह ने सलोनी और स्कूल स्टाफ को बधाई दी।
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आईएएस बनना चाहती है अनु
जिले में दूसरा स्थान पाने वाली प्रवासी मजदूर परिवार की बेटी अनु कुमारी ने कहा कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त कर आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। बताया कि जब वह सात साल की थी तब उसके पिता ने उसे एक फिल्म दिखाई थी। फिल्म देखकर उसने जाना कि एक आईएएस अफसर की क्या पावर होती है और वह कैसे काम करता है। वह आईएएस अफसर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। अनु ने बताया कि आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई सरकारी मिडिल स्कूल जंडपुर से की। इसके बाद सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल देसूमाजरा में नौवीं कक्षा में दाखिला लिया था। बताया कि उसने कभी टयूशन नहीं ली। वह रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करती है। अनु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल अध्यापकों को दिया जिनकी प्रेरणा से वह इस मंजिल तक पहुंची। अनु की कलास टीचर परमिंदर कौर ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही है। उसकी छोटी बहन सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल जंडपुर में पढ़ती है, वह भी पढ़ने में काफी होशियार है। अनु कुमारी का परिवार मूलरूप से जिला गोपालगंज (बिहार) का रहने वाला है। अनु का परिवार खरड़ नगर काउंसिल में पड़ने वाले गांव हरलालपुर में किराये के मकान में रह रहा है। पिता चंद्र मोहन पेंटर का काम करते हैं। मां गृहिणी हैं। अनु तीन बहनों में दूसरे नंबर पर है। स्कूल की अध्यापिका खुशविंदर कौर, इंचार्ज व स्टाफ ने अनु कुमारी का मुंह मीठा करवाया और बधाई दी। इस अवसर पर स्कूल अध्यापक राज कमल, सोनिका तथा सर्बजीत कौर आदि उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक बनना चाहती है हंसिका
जिले में तीसरा स्थान पाने वाली इलेक्ट्रीशियन की बेटी हंसिका मेहरा का सपना डाटा साइंटिस्ट बनने का है। हंसिका ने मेरिटोरियस स्कूल की परीक्षा दे दी है। इस स्कूल में प्रवेश मिलते ही हंसिका आगे की पढ़ाई के साथ ज्वाइंट इंट्रेस टेस्ट (जेईई) की तैयारी में जुट जाएंगी। गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल सोहाना में पढ़ने वाली हंसिका ने जिले में तीसरा स्थान हासिल करने के साथ पूरे पंजाब में 19वां स्थान पाया है। उसने बताया कि पिता संजीव कुमार मेहरा और मां गरिमा मेहरा ने उसे हमेशा पढ़ने और आगे बढ़ने को प्रेरित किया। हंसिका का परिवार रायपुरकलां में रहता है। उसकी सफलता से माता-पिता के साथ पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। घर में बधाई देने वालों का तांता लगा है। हंसिका ने बताया कि बचपन से ही विज्ञान में उसकी रुचि है, इसलिए उसने नॉन मेडिकल की पढ़ाई शुरू की है। बताया कि उसकी सफलता में गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल की प्राचार्य हिमांशु ढंड और सभी शिक्षकों का बड़ा हाथ है। अध्यापकों और अध्यापिकाओं ने दसवीं की परीक्षा के लिए जिस तरह तैयारी कराई, नतीजा उसी का परिणाम है। स्कूल का परिणाम भी शानदार रहा। हंसिका ने बताया कि उसने रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई की। प्राचार्य हिमांशु ढंड ने हंसिका मेहरा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कहा कि हंसिका पढ़ने में शुरू से ही काफी मेधावी रही है। उसका भविष्य शानदार है।
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मोहाली जिला इस बार दसवीं के परीक्षा परिणाम में दो स्थान ऊपर चढ़ गया है। दो वर्ष पहले मोहाली 15वें स्थान पर था जबकि इस बार 13वें स्थान पर है। मोहाली के पहले मोगा और उसके बाद 14वें स्थान पर जालंधर जिला है। इस बार जिले से कुल 8622 विद्यार्थियों ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी, जिनमें से 8354 बच्चे पास हुए। मोहाली का पास प्रतिशत 96.89 फीसदी रहा।
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डॉक्टर बनना चाहती है जिले की टॉपर सलोनी
दसवीं में 97.54 फीसदी अंक प्राप्त कर मोहाली जिले में पहला और राज्य में 12वां स्थान हासिल करने वाली सलोनी का सपना डॉक्टर बनने का है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सलोनी के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। सलोनी ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के अध्यापकों और परिजनों को दिया। कहा कि शिक्षकों के साथ माता-पिता ने काफी सहयोग किया, जिसकी बदौलत वह मन लगाकर पढ़ाई कर सकी। पिता ने हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मां ने उसे घर का काम करवाने के बजाय सिर्फ पढ़ाई के लिए कहा। सलोनी ने कहा कि वह स्कूल से आकर टीवी व फोन को नहीं देखती थी। सिर्फ पढ़ाई में अपना ध्यान लगती थी। बिना ट्यूशन पढ़े खुद की मेहनत से यह अंक हासिल किए। सलोनी ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करेगी। इसके साथ ही वह अपने क्षेत्र का नाम भी रोशन करेगी। सलोनी माता-पिता की बड़ी संतान है और उसका एक छोटा भाई है। सिंघपुर सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल पुष्पेंद्र कौर और क्लास टीचर सुनीता रानी ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके स्कूल की बच्ची जिले में पहले स्थान पर आई है तो उनका खुशी का ठिकाना न रहा। पूरे स्कूल में खुशी का माहौल है। बताया कि सलोनी शुरू से ही पढ़ने में होशियार है। उसने आठवीं में भी पहला स्थान प्राप्त किया था। जिला शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह और उप जिला अधिकारी अंग्रेज सिंह ने सलोनी और स्कूल स्टाफ को बधाई दी।
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आईएएस बनना चाहती है अनु
जिले में दूसरा स्थान पाने वाली प्रवासी मजदूर परिवार की बेटी अनु कुमारी ने कहा कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त कर आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। बताया कि जब वह सात साल की थी तब उसके पिता ने उसे एक फिल्म दिखाई थी। फिल्म देखकर उसने जाना कि एक आईएएस अफसर की क्या पावर होती है और वह कैसे काम करता है। वह आईएएस अफसर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। अनु ने बताया कि आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई सरकारी मिडिल स्कूल जंडपुर से की। इसके बाद सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल देसूमाजरा में नौवीं कक्षा में दाखिला लिया था। बताया कि उसने कभी टयूशन नहीं ली। वह रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करती है। अनु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल अध्यापकों को दिया जिनकी प्रेरणा से वह इस मंजिल तक पहुंची। अनु की कलास टीचर परमिंदर कौर ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही है। उसकी छोटी बहन सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल जंडपुर में पढ़ती है, वह भी पढ़ने में काफी होशियार है। अनु कुमारी का परिवार मूलरूप से जिला गोपालगंज (बिहार) का रहने वाला है। अनु का परिवार खरड़ नगर काउंसिल में पड़ने वाले गांव हरलालपुर में किराये के मकान में रह रहा है। पिता चंद्र मोहन पेंटर का काम करते हैं। मां गृहिणी हैं। अनु तीन बहनों में दूसरे नंबर पर है। स्कूल की अध्यापिका खुशविंदर कौर, इंचार्ज व स्टाफ ने अनु कुमारी का मुंह मीठा करवाया और बधाई दी। इस अवसर पर स्कूल अध्यापक राज कमल, सोनिका तथा सर्बजीत कौर आदि उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक बनना चाहती है हंसिका
जिले में तीसरा स्थान पाने वाली इलेक्ट्रीशियन की बेटी हंसिका मेहरा का सपना डाटा साइंटिस्ट बनने का है। हंसिका ने मेरिटोरियस स्कूल की परीक्षा दे दी है। इस स्कूल में प्रवेश मिलते ही हंसिका आगे की पढ़ाई के साथ ज्वाइंट इंट्रेस टेस्ट (जेईई) की तैयारी में जुट जाएंगी। गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल सोहाना में पढ़ने वाली हंसिका ने जिले में तीसरा स्थान हासिल करने के साथ पूरे पंजाब में 19वां स्थान पाया है। उसने बताया कि पिता संजीव कुमार मेहरा और मां गरिमा मेहरा ने उसे हमेशा पढ़ने और आगे बढ़ने को प्रेरित किया। हंसिका का परिवार रायपुरकलां में रहता है। उसकी सफलता से माता-पिता के साथ पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। घर में बधाई देने वालों का तांता लगा है। हंसिका ने बताया कि बचपन से ही विज्ञान में उसकी रुचि है, इसलिए उसने नॉन मेडिकल की पढ़ाई शुरू की है। बताया कि उसकी सफलता में गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल की प्राचार्य हिमांशु ढंड और सभी शिक्षकों का बड़ा हाथ है। अध्यापकों और अध्यापिकाओं ने दसवीं की परीक्षा के लिए जिस तरह तैयारी कराई, नतीजा उसी का परिणाम है। स्कूल का परिणाम भी शानदार रहा। हंसिका ने बताया कि उसने रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई की। प्राचार्य हिमांशु ढंड ने हंसिका मेहरा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कहा कि हंसिका पढ़ने में शुरू से ही काफी मेधावी रही है। उसका भविष्य शानदार है।