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Mohali News: अगले सप्ताह से परीक्षाएं, प्रमोशन नियमों पर असमंजस में साइंस विद्यार्थी
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के साइंस विभागों में पढ़ने वाले विद्यार्थी प्रमोशन के नियमों को लेकर असमंजस में हैं। अगले सप्ताह से मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और ट्यूशन व परीक्षा फीस जमा करने की अंतिम तारीख भी नजदीक है। ऐसे में नियमों पर अंतिम फैसला नहीं होने से विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। छात्र संगठन सत्थ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द फैसला लेने की मांग की है।
विद्यार्थियों के अनुसार पीयू के अलग-अलग साइंस विभागों में अगली कक्षा में प्रमोशन के नियम अलग हैं। कुछ विभागों में पिछले शैक्षणिक वर्ष के 80 प्रतिशत क्रेडिट पूरे करना जरूरी है, जबकि कुछ विभागों में पिछले शैक्षणिक वर्षों के कुल क्रेडिट का 80 प्रतिशत पूरा करने पर प्रमोशन दिया जाता है। क्रेडिट किसी विषय या पाठ्यक्रम को पूरा करने पर मिलने वाले अकादमिक अंक होते हैं। इस मामले में 21 सितंबर 2026 को साइंस विभागों के चेयरपर्सन और डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) के बीच बैठक हुई थी। इसमें सभी चेयरपर्सन ने पिछले शैक्षणिक वर्षों के कुल क्रेडिट का 80 प्रतिशत पूरा करने के आधार पर समान नियम लागू करने पर सहमति जताई थी। कुछ विभागों ने भी इस प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन से औपचारिक मंजूरी मिलना अभी बाकी है। छात्र संगठन सत्थ ने कुलपति और डीयूआई के सामने यह मुद्दा उठाते हुए जल्द मंजूरी देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परीक्षाओं और फीस जमा करने की तारीख नजदीक होने के कारण विद्यार्थियों को नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
नियम समान नहीं हुए तो विद्यार्थियों को होगा नुकसान
अलग-अलग नियमों के कारण एक विभाग में प्रमोशन के योग्य विद्यार्थी को दूसरे विभाग में रोका जा सकता है। इससे आगे की पढ़ाई प्रभावित होने और साल खराब होने का खतरा है। नियम स्पष्ट नहीं होने से विद्यार्थियों को परीक्षा और फीस को लेकर भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में विद्यार्थी चाहते हैं कि विश्वविद्यालय जल्द फैसला लेकर उनकी चिंता दूर करे।
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विद्यार्थियों के अनुसार पीयू के अलग-अलग साइंस विभागों में अगली कक्षा में प्रमोशन के नियम अलग हैं। कुछ विभागों में पिछले शैक्षणिक वर्ष के 80 प्रतिशत क्रेडिट पूरे करना जरूरी है, जबकि कुछ विभागों में पिछले शैक्षणिक वर्षों के कुल क्रेडिट का 80 प्रतिशत पूरा करने पर प्रमोशन दिया जाता है। क्रेडिट किसी विषय या पाठ्यक्रम को पूरा करने पर मिलने वाले अकादमिक अंक होते हैं। इस मामले में 21 सितंबर 2026 को साइंस विभागों के चेयरपर्सन और डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) के बीच बैठक हुई थी। इसमें सभी चेयरपर्सन ने पिछले शैक्षणिक वर्षों के कुल क्रेडिट का 80 प्रतिशत पूरा करने के आधार पर समान नियम लागू करने पर सहमति जताई थी। कुछ विभागों ने भी इस प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन से औपचारिक मंजूरी मिलना अभी बाकी है। छात्र संगठन सत्थ ने कुलपति और डीयूआई के सामने यह मुद्दा उठाते हुए जल्द मंजूरी देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परीक्षाओं और फीस जमा करने की तारीख नजदीक होने के कारण विद्यार्थियों को नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
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नियम समान नहीं हुए तो विद्यार्थियों को होगा नुकसान
अलग-अलग नियमों के कारण एक विभाग में प्रमोशन के योग्य विद्यार्थी को दूसरे विभाग में रोका जा सकता है। इससे आगे की पढ़ाई प्रभावित होने और साल खराब होने का खतरा है। नियम स्पष्ट नहीं होने से विद्यार्थियों को परीक्षा और फीस को लेकर भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में विद्यार्थी चाहते हैं कि विश्वविद्यालय जल्द फैसला लेकर उनकी चिंता दूर करे।
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