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कोरोना से बचाव के लिए कड़े प्रबंधों के बीच खुले स्कूल

Fri, 08 Jan 2021 02:29 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 02:29 AM IST
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Schools open amid tight arrangements to prevent corona
मोहाली। लंबे अंतराल के बाद स्कूल फिर से खुल गए हैं। कोरोना के कारण नौ माह तक बंद रहे स्कूलों में बच्चे वीरवार को पहुंचे। हालांकि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या सीमित रही। वीरवार से 5वीं से 12वीं कक्षा तक सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी स्कूल खुले। स्कूलों में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर कड़े प्रबंध किए गए हैं। स्कूलों में कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन्स को कडा़ई से लागू किया गया है।
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स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच शारीरिक दूरी का पालन करवाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों की जांच की गई और उनको सैनिटाइज किया गया। स्कूल के गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई और शरीर का तापमान चेक किया गया। वहीं, विद्यार्थियों को सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया। विद्यार्थियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को भी स्कूल पहुंचने पर पूरी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने 7 जनवरी से राज्य में 5वी से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की थी। सिंगला ने बताया था कि पंजाब सरकार ने वीरवार से सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी स्कूल दोबारा खोलने का फैसला किया है। स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक होगा।
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इससे पहले कोरोना काल के चलते पिछले साल अक्तूबर में 7 माह बाद 9वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूल खोले गए थे। अब नए फैसले के अनुसार 5वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि आनलाइन कक्षाएं भी पहले की तरह जारी रहेंगी और जो बच्चे स्कूल जाकर पढ़ना चाहते हैं उन्हें स्कूल जाने के लिए अपने अभिभावकों की सहमति लेना जरूरी होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अगर कोई बच्चा ऑनलाइन ही पढ़ना चाहता है तो वह घर से ही पढ़ाई कर सकता है। हालांकि इससे अध्यापकों पर पढ़ाने का दबाव बढ़ेगा। क्योंकि अभी भी बहुत से अभिभावक अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले के बाद लोगों में बहस छिड़ गई है कि जब कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है तो क्या छोटी उम्र के बच्चों को स्कूल बुलाए जाने का फैसला सही है। स्कूलों में बच्चों को बैठाने, बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था के दौरान शारीरिक दूरी सहित अन्य सुरक्षा मानकों का पालन यकीनी कैसे बनाया जा सकता है। सरकार ने शिक्षा विभाग को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा यकीनी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को रोका जा सकता है।
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