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स्वच्छता सर्वे की टीम शहर में, बाजारों में लगे गंदगी के ढेर
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मोहाली। शहर में स्वच्छता सर्वे चल रहा है। केंद्र की टीम शहर के दौरे पर आई हुई है लेकिन इसके बावजूद भी उचित तरीके से शहर की सफाई नहीं हो रही है। इलाके में विभिन्न जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। बाजारों का हाल सबसे ज्यादा खराब है। कई बार दुकानदार नगर निगम को कह चुके हैं लेकिन इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम शहर में सफाई के काम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद भी शहर में सफाई का बुरा हाल है। लोगों के मुताबिक निगम वाले केंद्र की टीम को साफ-सुुथरे इलाकों में ही ले जा रहे हैं ताकि उनकी रैंकिंग में सुधार हो सके। फेज-3बी2 के नामी बैंक में काम करने वाले मनीष प्रभाकर ने बताया कि उनके यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी ग्राहक आते हैं। यहां की मार्केट में नामी कॉफी हाउस के अलावा कई अन्य शोरूम हैं लेकिन यहां सफाई का हाल खराब है।
बता दें कि पिछले सर्वे में भी मोहाली की स्थिति काफी खराब रही थी। मोहाली देश के साथ ही पंजाब में भी पिछड़ गया था। ऐसे में इस बार सभी की नगर निगम से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि उस समय मेयर से लेकर कमिश्नर तक सब ने दावे किए थे कि अगले सर्वे से पहले मोहाली को देश का सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा।
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बेदी बोले- सारे सिस्टम की हो जांच
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने शहर की सफाई का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया हुआ है। इस कंपनी को साल में करोड़ों रुपये का भुगतान होता है पर कंपनी का काम सही नहीं है। यह बात पार्षद हाउस की मीटिंग में कई बार उठा चुके हैं। इतना ही नहीं कंपनी के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग भी की जा चुकी है। नगर निगम के मेयर बनने के बाद कुलवंत सिंह ने भी दावा किया था कि सफाई में अगर कंपनी की कोताही होगी तो कार्रवाई होगी लेकिन कंपनी पर आज तक कोई आंच नहीं आई। इस बारे में पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि शहर में सफाई का बुरा हाल है। कंपनी का ध्यान चंडीगढ़ में लिए ठेके पर लगा रहता है। यहां तो बस नाम की सफाई हो रही है। अब पेड़ों के पत्ते गिर रहे हैं लेकिन उसे मशीनें उठाने में नाकाम है। वहीं कंपनी वाले मैैनुअल काम तक नहीं करवा रहे हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक नगर निगम शहर में सफाई के काम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद भी शहर में सफाई का बुरा हाल है। लोगों के मुताबिक निगम वाले केंद्र की टीम को साफ-सुुथरे इलाकों में ही ले जा रहे हैं ताकि उनकी रैंकिंग में सुधार हो सके। फेज-3बी2 के नामी बैंक में काम करने वाले मनीष प्रभाकर ने बताया कि उनके यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी ग्राहक आते हैं। यहां की मार्केट में नामी कॉफी हाउस के अलावा कई अन्य शोरूम हैं लेकिन यहां सफाई का हाल खराब है।
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बता दें कि पिछले सर्वे में भी मोहाली की स्थिति काफी खराब रही थी। मोहाली देश के साथ ही पंजाब में भी पिछड़ गया था। ऐसे में इस बार सभी की नगर निगम से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि उस समय मेयर से लेकर कमिश्नर तक सब ने दावे किए थे कि अगले सर्वे से पहले मोहाली को देश का सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा।
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बेदी बोले- सारे सिस्टम की हो जांच
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने शहर की सफाई का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया हुआ है। इस कंपनी को साल में करोड़ों रुपये का भुगतान होता है पर कंपनी का काम सही नहीं है। यह बात पार्षद हाउस की मीटिंग में कई बार उठा चुके हैं। इतना ही नहीं कंपनी के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग भी की जा चुकी है। नगर निगम के मेयर बनने के बाद कुलवंत सिंह ने भी दावा किया था कि सफाई में अगर कंपनी की कोताही होगी तो कार्रवाई होगी लेकिन कंपनी पर आज तक कोई आंच नहीं आई। इस बारे में पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि शहर में सफाई का बुरा हाल है। कंपनी का ध्यान चंडीगढ़ में लिए ठेके पर लगा रहता है। यहां तो बस नाम की सफाई हो रही है। अब पेड़ों के पत्ते गिर रहे हैं लेकिन उसे मशीनें उठाने में नाकाम है। वहीं कंपनी वाले मैैनुअल काम तक नहीं करवा रहे हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए।