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Mohali News: तनख्वाह न मिलने पर छतबीड़ के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली, छतबीड़ के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
दफ्तर के सामने की नारेबाजी कर बोले- घर चलाना हुआ मुश्किल, डायरेक्टर ने मांगा एक सप्ताह का समय
आने वाले पर्यटकों को परेशानी न हो, इसलिए तीन दिन से तीन समय एक-एक घंटे की कर रहे हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। छतबीड़ चिड़ियाघर में काम करने वाले कर्मचारियों ने शुक्रवार को तनख्वाह न मिलने के कारण डायरेक्टर दफ्तर के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। पिछले तीन दिन से हड़ताल की जा रही है। चिड़ियाघर का काम खराब न हो इसके लिए वे सुबह आठ बजे से नौ बजे, दोपहर 1 से 2 और शाम को साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक हड़ताल कर अपना रोष जताया जाता है।
कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को घर का खर्च चलाने में मुश्किल हो रही है। इसके चलते अब उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है। हड़ताल कर रहे कर्मचारी छिंदरपाल, तरसेम, अमनदीप सिंह, अमरीक राम, सुखदर्शन सिंह, निर्मल सिंह, रजिंदर सिंह, लखविंदर सिंह ने बताया कि वह काफी समय से छतबीड़ चिड़ियाघर में काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो महीने से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है। इस कारण उनका घर का खर्चा चलना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने बताया कि उनकी वेतन डीसी रेट पर मिलता है, जोकि 10 से 11 हजार है और फिर आने-जाने का खर्च भी है। इतनी कम तनख्वाह में घर चलाना मुश्किल हो जाता है। जैसे-तैसे वे काम चला भी रहे हैं, लेकिन दो महीने से तनख्वाह न मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है जबकि यह महीने सबसे ज्यादा खर्च के होते हैं। एक तो बच्चों का दाखिला और दूसरा गेहूं आदि भी इसी महीने खरीदना पड़ता है। पंजाब में छोटे-बड़े कुल पांच चिड़ियाघर हैं, बाकी सबको तनख्वाह मिल गई है, लेकिन उनकी तनख्वाह दो महीने से रुकी पड़ी है।
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कर्मचारियों ने बताया कि वह डेलीवेज पॉलिसी के तहत काम करते हैं और तनख्वाह पंजाब सरकार से आती है और चिड़ियाघर की खुद की आमदनी कम होने के कारण वह पंजाब सरकार पर निर्भर है। कर्मचारियों ने बताया कि 200 से अधिक कर्मचारियों की तनख्वाह रुकी हुई है। इसके चलते उन्होंने शुक्रवार को डायरेक्टर दफ्तर के सामने धरना देना शुरू किया तो डायरेक्टर मैडम ने उनसे एक सप्ताह का समय मांगा है। वहीं कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पांच मई तक उनकी तनख्वाह नहीं मिली तो सभी कर्मचारी चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर धरना देंगे और न तो किसी को अंदर आने दिया जाएगा ओर न ही बाहर जाने दिया जाएगा।
कोट्स
डेलीवेज वर्करों की तनख्वाह का बजट हर महीने पंजाब सरकार द्वारा दिया जाता है। इस बार बजट नहीं आने के कारण देरी हो गई है। आज बजट की मंजूरी आ गई है और हमारी तरफ से जो भी प्रक्रिया करनी थी, वह हमने उच्च अधिकारियों को भेज दी है। उम्मीद है कि तीन मई तक तनख्वाह सभी कर्मचारियों को मिल जाएगी। अप्रैल महीना अभी पूरा नहीं हुआ है। मार्च की मिलने के बाद वह भी दे दी जाएगी। -के.कल्पना, डायरेक्टर छतबीड़ चिड़ियाघर
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दफ्तर के सामने की नारेबाजी कर बोले- घर चलाना हुआ मुश्किल, डायरेक्टर ने मांगा एक सप्ताह का समय
आने वाले पर्यटकों को परेशानी न हो, इसलिए तीन दिन से तीन समय एक-एक घंटे की कर रहे हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। छतबीड़ चिड़ियाघर में काम करने वाले कर्मचारियों ने शुक्रवार को तनख्वाह न मिलने के कारण डायरेक्टर दफ्तर के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। पिछले तीन दिन से हड़ताल की जा रही है। चिड़ियाघर का काम खराब न हो इसके लिए वे सुबह आठ बजे से नौ बजे, दोपहर 1 से 2 और शाम को साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक हड़ताल कर अपना रोष जताया जाता है।
कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को घर का खर्च चलाने में मुश्किल हो रही है। इसके चलते अब उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है। हड़ताल कर रहे कर्मचारी छिंदरपाल, तरसेम, अमनदीप सिंह, अमरीक राम, सुखदर्शन सिंह, निर्मल सिंह, रजिंदर सिंह, लखविंदर सिंह ने बताया कि वह काफी समय से छतबीड़ चिड़ियाघर में काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो महीने से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है। इस कारण उनका घर का खर्चा चलना मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने बताया कि उनकी वेतन डीसी रेट पर मिलता है, जोकि 10 से 11 हजार है और फिर आने-जाने का खर्च भी है। इतनी कम तनख्वाह में घर चलाना मुश्किल हो जाता है। जैसे-तैसे वे काम चला भी रहे हैं, लेकिन दो महीने से तनख्वाह न मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है जबकि यह महीने सबसे ज्यादा खर्च के होते हैं। एक तो बच्चों का दाखिला और दूसरा गेहूं आदि भी इसी महीने खरीदना पड़ता है। पंजाब में छोटे-बड़े कुल पांच चिड़ियाघर हैं, बाकी सबको तनख्वाह मिल गई है, लेकिन उनकी तनख्वाह दो महीने से रुकी पड़ी है।
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कर्मचारियों ने बताया कि वह डेलीवेज पॉलिसी के तहत काम करते हैं और तनख्वाह पंजाब सरकार से आती है और चिड़ियाघर की खुद की आमदनी कम होने के कारण वह पंजाब सरकार पर निर्भर है। कर्मचारियों ने बताया कि 200 से अधिक कर्मचारियों की तनख्वाह रुकी हुई है। इसके चलते उन्होंने शुक्रवार को डायरेक्टर दफ्तर के सामने धरना देना शुरू किया तो डायरेक्टर मैडम ने उनसे एक सप्ताह का समय मांगा है। वहीं कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पांच मई तक उनकी तनख्वाह नहीं मिली तो सभी कर्मचारी चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर धरना देंगे और न तो किसी को अंदर आने दिया जाएगा ओर न ही बाहर जाने दिया जाएगा।
कोट्स
डेलीवेज वर्करों की तनख्वाह का बजट हर महीने पंजाब सरकार द्वारा दिया जाता है। इस बार बजट नहीं आने के कारण देरी हो गई है। आज बजट की मंजूरी आ गई है और हमारी तरफ से जो भी प्रक्रिया करनी थी, वह हमने उच्च अधिकारियों को भेज दी है। उम्मीद है कि तीन मई तक तनख्वाह सभी कर्मचारियों को मिल जाएगी। अप्रैल महीना अभी पूरा नहीं हुआ है। मार्च की मिलने के बाद वह भी दे दी जाएगी। -के.कल्पना, डायरेक्टर छतबीड़ चिड़ियाघर