{"_id":"664fc8ee380290883c069be7","slug":"residents-of-dashmesh-nagar-became-victims-of-builders-fraud-expressed-anger-mohali-news-c-71-1-spkl1049-114974-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: दशमेश नगर के निवासी बिल्डर की धोखाधड़ी के शिकार, जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: दशमेश नगर के निवासी बिल्डर की धोखाधड़ी के शिकार, जताया रोष
विज्ञापन
डेराबस्सी। गांव डेरा जगाधरी के पास बिल्डर की ओर से काटी गई दशमेश नगर कॉलोनी में रहने वाले परिवार अपना आशियाना बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह खून-पसीने से बनाए गए जिन घरों में वह कई सालों से रह रहे हैं, वह अब उनके अपने नहीं हैं। अपने घरों को खो चुके कुछ लोगों ने बैंक से लाखों रुपये कर्ज लेकर यहां पर मकान बनाए थे, उनके नाम का बैनामा तो टूट गया, लेकिन उनके सिर पर कर्ज का बोझ बरकरार है। अब बिल्डर की ठगी का शिकार हुए लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वह अब क्या करें। अदालत के आदेश पर माल विभाग के रिकार्ड में उनके नाम चढ़ा इंतकाल भी टूट गया है, लेकिन बैंक की किस्तें जारी हैं।
जानकारी के अनुसार गांव डेरा जगाधरी में जीरकपुर के एक बिल्डर ने दशमेश नगर के नाम से एक कॉलोनी काटी थी। यहां पर प्लॉट बेचने के अलावा बिल्डर की ओर से छोटे घर भी बनाए गए थे। सैकड़ों लोगों ने यहां पर अपनी पूरी जिंदगी की कमाई लगाकर घर और फ्लैट खरीदे थे। इसके बाद उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत रजिस्ट्री करवाने के बाद अपने अपने नाम इंतकाल करवाकर रहना भी शुरू कर दिया था। लेकिन इसके बाद बिल्डर ने जिस जमींदार से जमीन खरीदी थी उसके साथ बिल्डर का पूरा भुगतान न करने पर झगड़ा शुरू हो गया। आरोप के मुताबिक जब बिल्डर ने जमींदार का भुगतान नहीं किया तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद दस साल तक केस चलने के बाद अदालत ने फैसला जमींदार के हक में करते हुए कॉलोनाइजर के नाम पर हुई जमीन के इंतकाल को तोड़कर जमींदार के नाम पर वापस करने का फैसला सुनाया है। जबकि यहां पर जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर प्लॉट और फ्लैट खरीदे थे अब मॉल विभाग की ओर से उनके रिकार्ड में इंतकाल तोड़कर जमींदार के नाम जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। जब यहां बसे लोगों की प्रॉपर्टी का इंतकाल सरकारी रिकार्ड से टूट गया है तो अब जमींदार उनकी ओर से खरीदे गए प्लॉटों और फ्लैट के कब्जे खाली करने के लिए कह रहा है। जो उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई से खरीदे हैं। जबकि उनसे पैसे वसूल करने वाला बिल्डर उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है और उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया है।
अब यहां रह रहे लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा है कि बिल्डर ने जमींदार के पैसे न देकर उनके साथ पूरी योजना बनाकर ठगी की है। इसमें माल विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जब मॉल विभाग के अधिकारियों को पता था कि इस जमीन पर केस चल रहा है तो सरकारी रिकार्ड में उनके इंतकाल क्यों किए जा रहे थे। उनको उसी समय बता देना चाहिए था कि इस कॉलोनी में प्लॉट या फ्लैट न खरीदें। पीड़ित लोगों ने इस बारे में कॉलोनाइजर और मॉल विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस बारे में लोगों ने इसकी शिकायत विजीलेंस, मुख्यमंत्री पंजाब, डीजीपी पंजाब सहित अन्य विभागों को करते हुए उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार गांव डेरा जगाधरी में जीरकपुर के एक बिल्डर ने दशमेश नगर के नाम से एक कॉलोनी काटी थी। यहां पर प्लॉट बेचने के अलावा बिल्डर की ओर से छोटे घर भी बनाए गए थे। सैकड़ों लोगों ने यहां पर अपनी पूरी जिंदगी की कमाई लगाकर घर और फ्लैट खरीदे थे। इसके बाद उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत रजिस्ट्री करवाने के बाद अपने अपने नाम इंतकाल करवाकर रहना भी शुरू कर दिया था। लेकिन इसके बाद बिल्डर ने जिस जमींदार से जमीन खरीदी थी उसके साथ बिल्डर का पूरा भुगतान न करने पर झगड़ा शुरू हो गया। आरोप के मुताबिक जब बिल्डर ने जमींदार का भुगतान नहीं किया तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद दस साल तक केस चलने के बाद अदालत ने फैसला जमींदार के हक में करते हुए कॉलोनाइजर के नाम पर हुई जमीन के इंतकाल को तोड़कर जमींदार के नाम पर वापस करने का फैसला सुनाया है। जबकि यहां पर जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर प्लॉट और फ्लैट खरीदे थे अब मॉल विभाग की ओर से उनके रिकार्ड में इंतकाल तोड़कर जमींदार के नाम जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। जब यहां बसे लोगों की प्रॉपर्टी का इंतकाल सरकारी रिकार्ड से टूट गया है तो अब जमींदार उनकी ओर से खरीदे गए प्लॉटों और फ्लैट के कब्जे खाली करने के लिए कह रहा है। जो उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई से खरीदे हैं। जबकि उनसे पैसे वसूल करने वाला बिल्डर उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है और उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया है।
विज्ञापन
अब यहां रह रहे लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा है कि बिल्डर ने जमींदार के पैसे न देकर उनके साथ पूरी योजना बनाकर ठगी की है। इसमें माल विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जब मॉल विभाग के अधिकारियों को पता था कि इस जमीन पर केस चल रहा है तो सरकारी रिकार्ड में उनके इंतकाल क्यों किए जा रहे थे। उनको उसी समय बता देना चाहिए था कि इस कॉलोनी में प्लॉट या फ्लैट न खरीदें। पीड़ित लोगों ने इस बारे में कॉलोनाइजर और मॉल विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस बारे में लोगों ने इसकी शिकायत विजीलेंस, मुख्यमंत्री पंजाब, डीजीपी पंजाब सहित अन्य विभागों को करते हुए उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
विज्ञापन