{"_id":"6ae500b3b0c711a5610fc7a2","slug":"recognize-the-symptoms-of-a-stroke-seek-immediate-treatment-to-prevent-disability-mohali-news-c-71-1-mli1018-148512-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: दिमागी दौरे के लक्षण पहचानें, तुरंत इलाज कर अपंगता से बचें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: दिमागी दौरे के लक्षण पहचानें, तुरंत इलाज कर अपंगता से बचें
विज्ञापन
विश्व स्ट्रोक दिवस पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित, सिविल सर्जन ने समय पर इलाज कराने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। विश्व स्ट्रोक दिवस पर जिले की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों में लोगों को दिमागी दौरे (स्ट्रोक) के लक्षणों, बचाव और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अचानक चेहरे का एक तरफ लटकना, हाथ-पैर में कमजोरी या बोलने में परेशानी इसके प्रमुख संकेत हैं। सिविल सर्जन संगीता जैन और जिला परिवार कल्याण अधिकारी तमन्ना सिंघल ने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्ट्रोक के कारणों, लक्षणों, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है। संगीता जैन ने कहा, स्ट्रोक के लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने आगे कहा कि समय पर उपचार से मरीज की जान बचाने और शारीरिक अपंगता का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। जिला अस्पताल मोहाली में मेडिसिन विशेषज्ञ ईशा अरोड़ा ने मरीजों को संबोधित किया। ईशा अरोड़ा ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल है। इसमें दिमाग के किसी हिस्से तक खून की आपूर्ति रुक जाती है या दिमाग की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे संकेत दिखने पर मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
अन्य लक्षण और जोखिम
ईशा अरोड़ा ने बताया कि स्ट्रोक के कारण अचानक नजर धुंधली होना, चक्कर आना और शरीर का संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। बोलने या दूसरों की बात समझने में परेशानी भी इसके संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार करने या अपने आप ठीक होने का इंतजार करने से बचें। इलाज में देरी से मरीज की जान को खतरा हो सकता है और शरीर में स्थायी अपंगता भी आ सकती है।
बचाव के उपाय
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकते हैं। धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं। इससे बचाव के लिए संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें। रक्तचाप व मधुमेह को नियंत्रित रखें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और तंबाकू से दूर रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। विश्व स्ट्रोक दिवस पर जिले की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों में लोगों को दिमागी दौरे (स्ट्रोक) के लक्षणों, बचाव और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अचानक चेहरे का एक तरफ लटकना, हाथ-पैर में कमजोरी या बोलने में परेशानी इसके प्रमुख संकेत हैं। सिविल सर्जन संगीता जैन और जिला परिवार कल्याण अधिकारी तमन्ना सिंघल ने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्ट्रोक के कारणों, लक्षणों, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है। संगीता जैन ने कहा, स्ट्रोक के लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने आगे कहा कि समय पर उपचार से मरीज की जान बचाने और शारीरिक अपंगता का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। जिला अस्पताल मोहाली में मेडिसिन विशेषज्ञ ईशा अरोड़ा ने मरीजों को संबोधित किया। ईशा अरोड़ा ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल है। इसमें दिमाग के किसी हिस्से तक खून की आपूर्ति रुक जाती है या दिमाग की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे संकेत दिखने पर मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
अन्य लक्षण और जोखिम
ईशा अरोड़ा ने बताया कि स्ट्रोक के कारण अचानक नजर धुंधली होना, चक्कर आना और शरीर का संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। बोलने या दूसरों की बात समझने में परेशानी भी इसके संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार करने या अपने आप ठीक होने का इंतजार करने से बचें। इलाज में देरी से मरीज की जान को खतरा हो सकता है और शरीर में स्थायी अपंगता भी आ सकती है।
विज्ञापन
बचाव के उपाय
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकते हैं। धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं। इससे बचाव के लिए संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें। रक्तचाप व मधुमेह को नियंत्रित रखें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और तंबाकू से दूर रहें।
विज्ञापन