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Mohali News: आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले में रमन जज व हैप्पी पासिया भगोड़ा करार
Mon, 18 Nov 2024 02:11 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Mon, 18 Nov 2024 02:11 AM IST
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एनआईए कोर्ट ने सुनाया फैसला, संबंधित पुलिस स्टेशन को आरोपियों की प्रॉपर्टी की जानकारी देने के निर्देश हवाला के जरिये धन जुटाने, पंजाब में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक मंगाकर आतंक फैलाने करने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। भारत में बीकेआई (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले में नामजद आतंकवादी रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को एनआईए कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया है। अदालत ने एसएसपी को संबंधित पुलिस स्टेशन से इनकी प्रॉपर्टी की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं ताकि आगे की कार्रवाई को जल्द शुरू किया जाए। रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज निवासी बाबा राम लाल नगर जिला फिरोजपुर और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया निवासी अजनाला जिला अमृतसर को हवाला के जरिये धन जुटाने, पंजाब में तस्करी नेटवर्क का उपयोग कर हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भेजकर भारत के लोगों के मन में आतंक पैदा करने, पंजाब में आतंक को फिर से जीवित करने के इरादे से व्यापारियों व राजनेताओं की हत्या व आतंकी हमले करने के आरोप में नामजद किया था। आरोपियों को धारा 41(ए) सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किए गए थे। अदालत ने कहा कि पंजाब पुलिस और एनआईए के माध्यम से उनके अंतिम ज्ञात पतों पर नोटिस तामील कराने के लिए प्रयास किए लेकिन नोटिस तामील नहीं हो सके, क्योंकि वे अपने-अपने पतों पर मौजूद नहीं थे और फरार बताए जा रहे हैं। अब अदालत ने दोनों को भगोड़ा करार दे दिया है।
एनआईए ने 10 जुलाई 2023 को लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा निवासी हरिके तरनतारन और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा निवासी पाकिस्तान के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 17, 18, 18बी, 20, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में इस मामले में लंडा और रिंदा की मदद करने व पंजाब में आतंक फैलाने के आरोप में हैप्पी पासिया और रमन जज को भी मामले में नामजद किया गया था।
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आरोप था कि कनाडा निवासी लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा का करीबी है, जो बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य है। लखबीर सिंह उर्फ लंडा भारत में बीकेआई की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रिंदा के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ा जा सके और पंजाब राज्य में आतंक पैदा किया जा सके। लखबीर सिंह उर्फ लंडा और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा पड़ोसी देशों से मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। व्यापारियों व प्रमुख व्यक्तियों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली के माध्यम से आतंकवादी संगठन बीकेआई के लिए हैप्पी पासिया और रमन जज के माध्यम से धन जुटाया जा रहा था। इस धन से आतंकवादी हमले करने, लक्षित हत्याओं को अंजाम देने व कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर हमला करने के लिए पड़ोसी देशों से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी करते थे। यह भी आरोप था हैप्पी पासिया और रमन जज बीकेआई (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) के नए सदस्यों को आर्थिक लाभ व कनाडा में बसने का आश्वासन देकर भर्ती भी कर रहे थे। उन्होंने अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों में स्थित गुर्गों का एक नेटवर्क भी स्थापित किया हुआ था। देश में आतंकवादी हमले करने के लिए भारत में स्थित आतंकवादी गुर्गों को धन की आवाजाही के लिए हवाला और एमटीएसएस दोनों चैनलों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। भारत में बीकेआई (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले में नामजद आतंकवादी रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को एनआईए कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया है। अदालत ने एसएसपी को संबंधित पुलिस स्टेशन से इनकी प्रॉपर्टी की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं ताकि आगे की कार्रवाई को जल्द शुरू किया जाए। रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज निवासी बाबा राम लाल नगर जिला फिरोजपुर और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया निवासी अजनाला जिला अमृतसर को हवाला के जरिये धन जुटाने, पंजाब में तस्करी नेटवर्क का उपयोग कर हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भेजकर भारत के लोगों के मन में आतंक पैदा करने, पंजाब में आतंक को फिर से जीवित करने के इरादे से व्यापारियों व राजनेताओं की हत्या व आतंकी हमले करने के आरोप में नामजद किया था। आरोपियों को धारा 41(ए) सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किए गए थे। अदालत ने कहा कि पंजाब पुलिस और एनआईए के माध्यम से उनके अंतिम ज्ञात पतों पर नोटिस तामील कराने के लिए प्रयास किए लेकिन नोटिस तामील नहीं हो सके, क्योंकि वे अपने-अपने पतों पर मौजूद नहीं थे और फरार बताए जा रहे हैं। अब अदालत ने दोनों को भगोड़ा करार दे दिया है।
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एनआईए ने 10 जुलाई 2023 को लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा निवासी हरिके तरनतारन और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा निवासी पाकिस्तान के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 17, 18, 18बी, 20, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में इस मामले में लंडा और रिंदा की मदद करने व पंजाब में आतंक फैलाने के आरोप में हैप्पी पासिया और रमन जज को भी मामले में नामजद किया गया था।
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आरोप था कि कनाडा निवासी लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा का करीबी है, जो बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य है। लखबीर सिंह उर्फ लंडा भारत में बीकेआई की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रिंदा के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ा जा सके और पंजाब राज्य में आतंक पैदा किया जा सके। लखबीर सिंह उर्फ लंडा और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा पड़ोसी देशों से मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। व्यापारियों व प्रमुख व्यक्तियों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली के माध्यम से आतंकवादी संगठन बीकेआई के लिए हैप्पी पासिया और रमन जज के माध्यम से धन जुटाया जा रहा था। इस धन से आतंकवादी हमले करने, लक्षित हत्याओं को अंजाम देने व कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर हमला करने के लिए पड़ोसी देशों से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी करते थे। यह भी आरोप था हैप्पी पासिया और रमन जज बीकेआई (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) के नए सदस्यों को आर्थिक लाभ व कनाडा में बसने का आश्वासन देकर भर्ती भी कर रहे थे। उन्होंने अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों में स्थित गुर्गों का एक नेटवर्क भी स्थापित किया हुआ था। देश में आतंकवादी हमले करने के लिए भारत में स्थित आतंकवादी गुर्गों को धन की आवाजाही के लिए हवाला और एमटीएसएस दोनों चैनलों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे थे।