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Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Rainwater entered a house in Kharar, Mohali; a child sleeping on a low-set cot drowned to death.

मोहाली: बारिश का पानी घर में घुसा, नीची खाट पर सो रहे मासूम की डूबकर मौत; मजदूरी के लिए गए थे मां-बाप

Sun, 13 Sep 2026 08:15 PM IST
मयूर शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Published by: मयूर शर्मा Updated Sun, 13 Sep 2026 08:15 PM IST
सार

मूसलाधार बारिश ने खरड़ की एक झुग्गी बस्ती में एक गरीब परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। निचले इलाके में बने कच्चे घर में बारिश का पानी इतनी तेजी से घुसा कि अंदर नीची खाट पर सो रहा दो साल का मासूम देवा उसकी चपेट में आ गया। जब तक घर में मौजूद दूसरे बच्चों को इसका पता चलता, तब तक पानी मासूम की जान ले चुका था।

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Rainwater entered a house in Kharar, Mohali; a child sleeping on a low-set cot drowned to death.
परिवार में पसरा मातम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली

विस्तार

रविवार की मूसलाधार बारिश ने खरड़ की एक झुग्गी बस्ती में एक गरीब परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। निचले इलाके में बने कच्चे घर में बारिश का पानी इतनी तेजी से घुसा कि अंदर नीची खाट पर सो रहा दो साल का मासूम देवा उसकी चपेट में आ गया। जब तक घर में मौजूद दूसरे बच्चों को इसका पता चलता, तब तक पानी मासूम की जान ले चुका था। जिस समय यह हादसा हुआ, देवा के माता-पिता मजदूरी के लिए चंडीगढ़ गए हुए थे।
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दो मिनट में जलमग्न हुआ घर

बताया जा रहा है कि रविवार को बारिश के दौरान बस्ती के निचले हिस्से में अचानक पानी जमा होने लगा। पानी पहले सड़क के आसपास इकट्ठा हुआ और फिर घरों की तरफ बढ़ गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महज दो मिनट के भीतर पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि संभलने तक का मौका नहीं मिला। सड़क किनारे बनी किसी रुकावट के टूटने के बाद पानी का बहाव और तेज हो गया और देखते ही देखते देवा का घर जलमग्न हो गया।
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नीची खाट पर सोया था मासूम, किसी को नहीं हुआ अंदाजा

हादसे के समय देवा घर के अंदर नीची खाट पर सो रहा था। घर में तीन-चार अन्य बच्चे भी मौजूद थे। पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन बच्चों को इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं था। नीची खाट पर सो रहे देवा पर किसी का ध्यान नहीं गया। पानी का स्तर बढ़ने के बाद जब खतरे का पता चला तो बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। बारिश के पानी में डूबे घर से बच्चे को बाहर निकाला गया तो परिवार में कोहराम मच गया।
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मजदूरी के लिए गए थे चंडीगढ़, लौटे तो घर में पसरा था मातम

देवा के मामा ने बताया कि परिवार के लोग मजदूरी के लिए चंडीगढ़ गए थे। इसी दौरान उन्हें देवा के डूबने की सूचना मिली। वे तुरंत वापस लौटे, लेकिन तब तक उनका मासूम भांजा दुनिया छोड़ चुका था। परिवार के लिए कुछ ही देर पहले तक सामान्य रहा रविवार का दिन अचानक मातम में बदल गया।

गरीबी और जलभराव ने बढ़ाई चिंता

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन परिवारों की मजबूरी भी सामने लाता है जो निचले और असुरक्षित इलाकों में झुग्गियों अथवा कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे घरों में बारिश का पानी भरने पर बाहर निकलने या बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय और साधन नहीं मिल पाते।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होती और सड़क किनारे पानी जमा न होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। घटना ने प्रशासन के सामने निचले इलाकों की पहचान कर वहां जल निकासी और बारिश के दौरान तत्काल राहत व्यवस्था मजबूत करने का सवाल भी खड़ा कर दिया है।


दो साल की जिंदगी, एक बारिश में खत्म

देवा की उम्र महज दो साल थी। उसे शायद यह भी पता नहीं था कि बाहर बरस रही तेज बारिश उसके छोटे से घर के लिए जानलेवा बन सकती है। वह नीची खाट पर मासूमियत से सो रहा था और घर के बाहर पानी लगातार बढ़ता रहा। परिवार जब वापस लौटा तो घर में उनका बच्चा नहीं, सिर्फ उसकी मौत की खबर उनका इंतजार कर रही थी। बारिश थम गई, पानी भी उतर जाएगा, लेकिन देवा के परिवार के लिए यह बारिश जिंदगी भर का दर्द छोड़ गई।
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