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Mohali News: 7.84 करोड़ के विकास एजेंडे के बीच 25.66 लाख की साज-सज्जा पर सवाल
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मोहाली। नगर निगम की मंगलवार को मेयर सरबजीत सिंह समाना की अगुवाई में हुई फाइनांस एंड अकाउंट कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक में करीब 7.84 करोड़ रुपये के विकास एजेंडे के बीच निगम की इमारत और पदाधिकारियों से जुड़े सामान पर 25.66 लाख रुपये खर्च करने के प्रस्ताव ने खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए। इसमें मेयर के लिए लैपटॉप, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए सोफा सेट व फर्नीचर के साथ निगम भवन की पेंट-पॉलिश तथा सजावटी पौधे और गमले शामिल हैं। इनमें करीब 4.99 लाख रुपये केवल पौधों और गमलों पर खर्च किए जाने को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई।
बैठक में शहर के विकास और निगम के दफ्तरी कामकाज से जुड़े कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें वाटर सप्लाई व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल रहे। निगम की सीमा में हाल ही में शामिल नए क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए जेसीबी मशीनें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और फॉगिंग मशीनें खरीदने का फैसला भी लिया गया। फॉगिंग के लिए दवाइयां भी खरीदी जाएंगी। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर आरपी शर्मा, डिप्टी मेयर हरपाल सिंह चन्ना, निगम कमिश्नर संदीप सिंह गढ़ा और कमेटी सदस्य पार्षद रमनदीप कौर व गुरमीत कौर मौजूद रहीं। मेयर सरबजीत सिंह समाना ने कहा कि निगम सभी 50 वार्डों को एक नजर से देखते हुए विकास कार्य करवा रहा है। पार्टीबाजी से ऊपर उठकर शहर के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
सड़क-सीवर की जरूरत के बीच सजावट पर सवाल
विपक्ष गुट के पार्षद नरपिंदर सिंह रंगी ने आरोप लगाया कि निगम के पास विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन हैं, लेकिन पैसा शहर की बुनियादी जरूरतों के बजाय कार्यालयों की साज-सज्जा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टैक्स के रूप में लोगों से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल ऐसी प्राथमिकताओं पर होना चाहिए, जिसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्य तय करते समय सभी पार्षदों से उनकी प्राथमिकताएं नहीं पूछी जा रही हैं। 50 वार्ड वाले निगम में हर इलाके की जरूरत अलग है। ऐसे में वार्ड स्तर पर समस्याओं की सूची तैयार कर उसी आधार पर विकास कार्य तय किए जाने चाहिए।
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नए इलाकों में सफाई पर जोर
एफएंडसीसी ने नए शामिल क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की खरीद को मंजूरी दी। मच्छरों की रोकथाम के लिए नई फॉगिंग मशीनें और दवाइयां भी खरीदी जाएंगी। वाटर सप्लाई से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। निगम का कहना है कि इन फैसलों से शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
दफ्तरी काम के प्रस्ताव भी मंजूर
43 प्रस्तावों में स्टेशनरी खरीदने और स्टाफ को कंप्यूटर ट्रेनिंग देने के प्रस्ताव शामिल रहे। मेयर के लिए नया लैपटॉप तथा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए सोफा, टेबल और अन्य फर्नीचर खरीदने को भी मंजूरी दी गई। निगम भवन की पेंट-पॉलिश और सजावटी पौधे व गमले खरीदने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
गमलों पर 4.99 लाख, आखिर जरूरत क्या?
निगम भवन के लिए 4.99 लाख रुपये के पौधे और गमले खरीदने पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। विपक्ष ने कहा कि जब शहर में टूटी सड़कों, सीवर, पानी और सफाई जैसी समस्याएं हैं, तब सजावट पर करीब पांच लाख रुपये खर्च करना कितना जरूरी है। खरीद का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।
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बैठक में शहर के विकास और निगम के दफ्तरी कामकाज से जुड़े कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें वाटर सप्लाई व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल रहे। निगम की सीमा में हाल ही में शामिल नए क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए जेसीबी मशीनें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और फॉगिंग मशीनें खरीदने का फैसला भी लिया गया। फॉगिंग के लिए दवाइयां भी खरीदी जाएंगी। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर आरपी शर्मा, डिप्टी मेयर हरपाल सिंह चन्ना, निगम कमिश्नर संदीप सिंह गढ़ा और कमेटी सदस्य पार्षद रमनदीप कौर व गुरमीत कौर मौजूद रहीं। मेयर सरबजीत सिंह समाना ने कहा कि निगम सभी 50 वार्डों को एक नजर से देखते हुए विकास कार्य करवा रहा है। पार्टीबाजी से ऊपर उठकर शहर के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
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सड़क-सीवर की जरूरत के बीच सजावट पर सवाल
विपक्ष गुट के पार्षद नरपिंदर सिंह रंगी ने आरोप लगाया कि निगम के पास विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन हैं, लेकिन पैसा शहर की बुनियादी जरूरतों के बजाय कार्यालयों की साज-सज्जा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टैक्स के रूप में लोगों से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल ऐसी प्राथमिकताओं पर होना चाहिए, जिसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्य तय करते समय सभी पार्षदों से उनकी प्राथमिकताएं नहीं पूछी जा रही हैं। 50 वार्ड वाले निगम में हर इलाके की जरूरत अलग है। ऐसे में वार्ड स्तर पर समस्याओं की सूची तैयार कर उसी आधार पर विकास कार्य तय किए जाने चाहिए।
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नए इलाकों में सफाई पर जोर
एफएंडसीसी ने नए शामिल क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की खरीद को मंजूरी दी। मच्छरों की रोकथाम के लिए नई फॉगिंग मशीनें और दवाइयां भी खरीदी जाएंगी। वाटर सप्लाई से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। निगम का कहना है कि इन फैसलों से शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
दफ्तरी काम के प्रस्ताव भी मंजूर
43 प्रस्तावों में स्टेशनरी खरीदने और स्टाफ को कंप्यूटर ट्रेनिंग देने के प्रस्ताव शामिल रहे। मेयर के लिए नया लैपटॉप तथा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए सोफा, टेबल और अन्य फर्नीचर खरीदने को भी मंजूरी दी गई। निगम भवन की पेंट-पॉलिश और सजावटी पौधे व गमले खरीदने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
गमलों पर 4.99 लाख, आखिर जरूरत क्या?
निगम भवन के लिए 4.99 लाख रुपये के पौधे और गमले खरीदने पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। विपक्ष ने कहा कि जब शहर में टूटी सड़कों, सीवर, पानी और सफाई जैसी समस्याएं हैं, तब सजावट पर करीब पांच लाख रुपये खर्च करना कितना जरूरी है। खरीद का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।