फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Punjab government's procurement system proved to be a failure: NK Sharma

फेल साबित हुई पंजाब सरकार की खरीद व्यवस्था : एनके शर्मा

Thu, 24 Oct 2024 04:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2024 04:17 AM IST
विज्ञापन
Punjab government's procurement system proved to be a failure: NK Sharma
डेराबस्सी। पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामी के कारण मंडियों में धान की ढेर लगे हुए हैं, किसानों के पास फसल उतारने की जगह नहीं है, लेकिन समय पर भुगतान न होने के कारण किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। आम आदमी पार्टी सरकार मंडियों की खरीद व्यवस्था में पूरी तरह विफल साबित हुई है। ये बातें डेराबस्सी हलके के पूर्व विधायक एनके शर्मा ने बुधवार को डेराबस्सी के नजदीक गांव धनोनी की दाना मंडी के दौरे के दौरान बताईं। इस मौके पर किसानों ने एनके शर्मा से मंडियों की खराब व्यवस्था के बारे में बात करते हुए कहा कि वे पिछले 20 दिनों से अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। किसानों ने बताया कि मंडी में खरीद व्यवस्था सही नहीं होने के कारण उठान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


एनके शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार खरीद की व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है, लिफ्टिंग कार्य में देरी के कारण किसान कई दिनों तक मंडियों में जाने को मजबूर है. उन्होंने कहा की मुख्य मंत्री भगवंत मान ने 1 तारीख से पहले उन्होंने यह बयान दिया था कि केंद्र सरकार ने 43 हजार करोड़ की सीमा दी है और 1 तारीख से एक-एक दाना धान की फसल उठाया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि किसान की फसल मंडियों में बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों पर इससे भी बड़ा धक्का ये किया जा रहा है कि रेट 2320 रुपये है और 150 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जा रही है, जो कि एक खुलेआम चोर बाजारी है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धक्का करने के लिए इस सरकार के मंत्री कटारूचक और खाद्य आपूर्ति निरीक्षक के खिलाफ सीधे रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने धान के भुगतान के लिए कोई योजना नहीं बनाई है, लेकिन पंचायत चुनाव को कैसे लूटा जाए ये पहले से ही तैयारी कर ली थी
विज्ञापन



उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की सरकार के दौरान धान की खरीद से पहले मंडियों की व्यवस्था का पूरा जायजा लिया जाता था। परिवहन व्यवस्था और बारदाना 2 महीने पहले खरीद लिया जाता था ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि बासमती पिछले साल 3600 रुपये में बिका था और अब 2700 रुपये में भी नहीं बिक रहा है जबकि शिरोमणि अकाली दल के समय 5000 रुपये में बिका था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय पर धान का भुगतान करती तो दिवाली के मौके पर देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों के चेहरे पर निराशा नहीं होती। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि किसानों की लूट बंद की जाए और मंडियों में पड़ी किसानों की फसल का भुगतान जल्द किया जाए अगर सरकार ने जल्द ही धान की लिफ्टिंग नहीं की और किसानों का पैसा नहीं दिया तो शिरोमणि अकाली दल किसानों के साथ बड़े पैमाने पर संघर्ष करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed