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कांट्रेक्ट मुलाजिम उतरे सरकार के विरोध में, 16 को करेंगे रैली
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sun, 10 Jul 2016 10:00 AM IST
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- फोटो : demo
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राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कांट्रेक्ट पर काम कर रहे मुलाजिमों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। मुलाजिमों ने शनिवार को एक आपात मीटिंग कर तय किया है कि 16 जुलाई को मोगा में राज्यस्तरीय रैली की जाएगी। रैली ठेका मुलाजिम सांझी एक्शन कमेटी के बैनर तले होगी।
कमेटी के सूबा प्रधान वरिंदर सिंह व महासचिव आशीष जुलाहा ने बताया कि सरकार ने ठेके पर काम कर रहे मुलाजिमों के लिए एक पॉलिसी तैयार की है। इसके मुताबिक ठेके पर काम करने वाले मुलाजिम तीन साल में पक्के किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुछ समय पहले इस पॉलिसी के सहारे 20 हजार अध्यापकों को रेगुलर किया है। जबकि दफ्तरी मुलाजिमों की सरकार सुध नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि दफ्तरी मुलाजिम विभाग की रीढ़ होते हैं।
दफ्तरी मुलाजिमों के बिना सरकार नहीं चलाई जा सकती है। कमेटी के सूबा सचिव हरजिंदर सिंह ने बताया कि मौजूदा अकाली भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले सभी मुलाजिमों को रेगुलर करने का दावा किया था। लेकिन नौ साल में मुलाजिमों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि सरकार नए रोजगार के अवसर पैदा करने की बात करती है। लेकिन पुराने मुलाजिमों की कोई सुध नहीं ले रही है। इस कारण मुलाजिमों ने संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसी भी प्रकार का कोई नुकसान होता है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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कमेटी के सूबा प्रधान वरिंदर सिंह व महासचिव आशीष जुलाहा ने बताया कि सरकार ने ठेके पर काम कर रहे मुलाजिमों के लिए एक पॉलिसी तैयार की है। इसके मुताबिक ठेके पर काम करने वाले मुलाजिम तीन साल में पक्के किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुछ समय पहले इस पॉलिसी के सहारे 20 हजार अध्यापकों को रेगुलर किया है। जबकि दफ्तरी मुलाजिमों की सरकार सुध नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि दफ्तरी मुलाजिम विभाग की रीढ़ होते हैं।
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दफ्तरी मुलाजिमों के बिना सरकार नहीं चलाई जा सकती है। कमेटी के सूबा सचिव हरजिंदर सिंह ने बताया कि मौजूदा अकाली भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले सभी मुलाजिमों को रेगुलर करने का दावा किया था। लेकिन नौ साल में मुलाजिमों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि सरकार नए रोजगार के अवसर पैदा करने की बात करती है। लेकिन पुराने मुलाजिमों की कोई सुध नहीं ले रही है। इस कारण मुलाजिमों ने संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसी भी प्रकार का कोई नुकसान होता है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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